Watch ISD Videos Now Listen to ISD Radio Now

‘ए क्रूसेड अगेंस्ट करप्शन ऑन दी न्यूट्रल पाथ’ का हुआ विमोचन, राज्यसभा के उप सभापति हरिवंश ने कहा यह दस्तावेजी किताब है ,रामबहादुर राय ने इसे पाठ्यक्रम में शामिल किए जाने की वकालत की!

 

 

राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने वरिष्ठ पत्रकार मनोहर मनोज द्वारा लिखित पुस्तक ”ए क्रूसेड अगेंस्ट करप्शन ऑन दी न्यूट्रल पाथ” का प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में एक समारोह में विमोचन किया। इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार रामबहादुर रॉय व पूर्व केंद्रीय मंत्री सोमपाल मौजूद थे। कार्यक्रम के संचालन वरिष्ठ पत्रकार ओंकारेश्वर पांडेय ने किया।

 

करीब पंद्रह सालों के परिश्रम से लिखी गई यह पुस्तक भ्रष्टाचार से जुड़े हर पक्ष की व्यापक पड़ताल करती है। वरिष्ठ पत्रकार और इंद्रा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के अध्यक्ष रामबहादुर राय इसे भ्रष्टाचार पर अब तक की बेहतरीन किताबों में एक बताया। रामबहादुर राय के मुताबिक यह संभवतः पहली किताब है जिसमें भारत ही नहीं दुनिया भर में राजनीति से लेकर हर पेशे में व्याप्त भ्रष्टाचार पर इतना गहन शोध किया गया। मनोहर मनोज ढाई दशक से गंभीर पत्रकारिता का हिस्सा रहे हैं। बारह साल से वे अपनी खुद को मासिक पत्रिका हिंदी और अंग्रेजी में इकॉनोमी इंडिया के नाम से निकाल रहे हैं। इस पुस्तक का प्रकाशन भी इकॉनोमी इंडिया की तरफ से हुआ है। दो खंड में प्रकाशित इस पुस्तक में नौ अध्याय का आधार विभिन्न पेशों और समाज के अलग अलग अंग के लोगों से बातचीत के आधार दे कर तैयार किया है।

लेखक ने भ्रष्टाचार पर आम आदमी की सोच को जानने समझने के लिए 650 लोगों की राय को भी स्थान दिया है। सौकड़ों व्यापारियों, नीजी व सरकारी कर्मचारियों,संसद और विधानसभा के जनप्रतिनिधियों,पत्रकारों का भी भ्रष्टाचार पर सर्वे किया है। यह मनोहर मनोज के पंद्रह साल के अटूट परिश्रम का निचोड़ है जिसमें आंदोलनों के गर्भ से निकले भ्रष्टाचार का भी जिक्र है। रामबहादुर राय ने इसे भ्रष्टाचार पर एक मुकम्मल किताब बताते हुए कहा, लोग भ्रष्टाचार का संबंध सीधे राजनीति से जोड़ लेते हैं लेकिन लेखक ने गहन शोध कर समाज के हर क्षेत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार के कारण और निवारण का जिक्र किया है।

पुस्तक में लेखक ने भ्रष्टाचार से जुड़े सभी मुद्दे की अपनी पड़ताल की है। राजनीतिक, प्रशासनिक, सामाजिक, संस्थागत दुनिया में मौजूद भ्रष्टाचार का बड़े सटीक व अचूक तरीके से रेखांकित किया है। राज्यसभा के उप सभापति हरिबंस ने कहा भ्रष्टाचार के खिलाफ चले आंदोलनों से निकली सरकारों ने भी ईमादारी का सम्मान नहीं किया। यह किताब उन सब परिपेक्षों का गहन दस्तावेज है। दो खंडों में लिखी गई इस पुस्तक में करीब कुल 840  पृष्ठ हैं और कुल 9 अध्याय हैं। पहले अध्याय में लेखक ने भ्रष्टाचार के सैकड़ों अर्थ, मायने व परिभाषाएं खोज निकाल कर उसे प्रस्तुत की है। दूसरे अध्याय में भ्रष्टाचार के राजनीतिक प्रशासनिक सामाजिक मनोवैज्ञानिक व पारिवारिक पक्ष को पेश किया है। तीसरे अध्याय में भ्रष्टाचार के विश्व इतिहास से लेकर भारतीय इतिहास तथा दुनिया में मौजूद सभी तरह की राजनीतिक शासन व्यवस्थाओं में  व्याप्त भ्रष्टाचार का वर्णन है। पुस्तक के चौथे अध्याय में भारत में आजादी के बाद के भ्रष्टाचार को घोटाले दर घोटाले, सिलसिलेवार व वर्षवार ब्यौरा पेश किया है। इस अध्याय में आजादी के बाद भारत सभी प्रधानमंत्री व राज्यों के मुख्यमंत्रियों हुए भ्रष्टाचार का व्योरा पेश किया है।

पिछले सत्तर साल में देश में हुए भ्रष्टाचार पर ऐसा गहन शोध शायद कहीं और नहीं मिल सकता। वो सब घोटाले जो डोमेन में आए, जिन पर न्यायलयों में मुकदमे चले और उन पर अपने फैसले सुनाये गए, इन सभी का पूरा ब्यौरा पाठकों के समक्ष पेश किया गया है। पुस्तक के इस अध्याय में लीक हुए तथा संज्ञान में आए घोटालों का जहां जिक्र है वही इस पुस्तक के पांचवे अध्याय में देश समाज व सिस्टम में रचे बसे हर संभावित तरीके के संरचनात्मक भ्रष्टाचार जिनके बारे में लोगों की एक स्थापित अवधारणा पहले से बनी हुई है, उसका ब्यौरा दिया गया है।

लोकतंत्र के चारों अंगों विधायिका, कार्यपालिका न्यायपालिका और मीडिया तथा  केंद्र , राज्य और स्थानीय स्तर रचे बसे संस्थागत भ्रष्टाचार के साथ साथ देश के हर क्षेत्रों, पेशों में मौजूद भ्रष्टाचार का पुस्तक में जिक्र है। पुस्तक के छठे अध्याय में भ्रष्टाचार की रोकथाम के मौजूदा ढांचे का  जिक्र है। इसमे लोकतंत्र के चारो अंग के तहत भ्रष्टाचार पर रोक लगाने के लिए गठित मेकानिज्म के अलावा देश में मौजूद सभी कानून, नीति, संस्थायें तथा आयोग का सिलसिलेवार ब्यौरा दिया गया है। इस अध्याय में भ्रष्टाचार पर सभी तरह के रोक व समाधान के सभी संभावित उपाय भी लेखक की तरफ से सुझाए गए हैं। पुस्तक के सातवें अध्याय में भ्रष्टाचार के अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य का जिक्र है जिसमे संयुक्त राष्ट्र संघ के भ्रष्टाचार पर आहूत सम्मेलनों व प्रस्ताव के साथ साथ भ्रष्टाचार पर कार्यरत विभिन्न रेटिंग एजेंसियों का भी जिक्र है। पुस्तक के आठवें अध्याय में भारत में भ्रष्टाचार को लेकर विभिन्न जनआंदोलनों और उनके रहनूमाओं का जिक्र है। इस अध्याय मे देश में विभिन्न आम चुनावों में भ्रष्टाचार के एक चुनावी मुद्दे के रूप में भी पड़ताल की गयी है।

पुस्तक के अंतिम व नौवें अध्याय में भ्रष्टचार पर पांच श्रेणी के सर्वेक्षण परिणाम दर्शाए गए हैं जिसमे आम नागरिक, सरकारी कर्मचारी, जनप्रतिनिधि, उद्योग व व्यवसाय जगत के लोग तथा स्वयंसेवी संस्थाओं तथा मीडिया से भ्रष्टाचार पर उनकी पृष्टभूमि पर पूछे गए सवालों के उत्तर वस्तुनिष्ठ व विषयगत तरीके से समाहित किये गए हैं।

इस पुस्तक के लेखक, मनोहर मनोज खुद इकोनॉमी इंडिया मासिक पत्रिका के संपादक व प्रकाशक हैं। आई आई एम सी से पत्रकारिता में पोस्टग्रेजुएट करने के बाद अपने पच्चीस सालों के पत्रकारीय जीवन में उन्होने कई अखबारों में राजनीतिक और आर्थिक पत्रकार के रुप में काम किया। इस दौरान उनके हजारो लेख, कालम व ब्लाग प्रकाशित होते रहते हैं। इसके अलावा वह देश के तमाम टीवी चैनलों मे समसामयिक विषयों पर बतौर विशेषज्ञ शामिल होते हैं।

किताब का नाम  : ए क्रूसेड एगैन्स्ट करप्शन ऑन दी न्यूट्रल पॉथ

लेखकः मनोहर मनोज

प्रकाशकः इकॉनामी इंडिया पब्लिकेशन,नई दिल्ली

फोन नम्बरः 9811069966

 

URLः Rajya Sabha,vice chairman launches, a crusade against corruption book

Keywordः  a crusade against corruption, corruption rambahdur rai,haribans,, भ्रष्टाचार, रामबहादुर राय, हरिबंस

Join our Telegram Community to ask questions and get latest news updates
आदरणीय पाठकगण,

ज्ञान अनमोल हैं, परंतु उसे आप तक पहुंचाने में लगने वाले समय, शोध, संसाधन और श्रम (S4) का मू्ल्य है। आप मात्र 100₹/माह Subscription Fee देकर इस ज्ञान-यज्ञ में भागीदार बन सकते हैं! धन्यवाद!  

Select Subscription Plan

OR

Make One-time Subscription Payment

Select Subscription Plan

OR

Make One-time Subscription Payment

Other Amount: USD



Bank Details:
KAPOT MEDIA NETWORK LLP
HDFC Current A/C- 07082000002469 & IFSC: HDFC0000708  
Branch: GR.FL, DCM Building 16, Barakhamba Road, New Delhi- 110001
SWIFT CODE (BIC) : HDFCINBB
Paytm/UPI/Google Pay/ पे / Pay Zap/AmazonPay के लिए - 9312665127
WhatsApp के लिए मोबाइल नं- 9540911078

You may also like...

Write a Comment

ताजा खबर
हमारे लेखक