फिर फुस्स हुआ राहुल गांधी का राफेल पर नया खुलासा, एयरबस के ईमेल पहुंच पर उठने लगे सवाल!



Awadhesh Mishra
Awadhesh Mishra

कहा जाता है कि झूठ बोलने के लिए भी होशियारी की जरूरत होती है, लेकिन राहुल गांधी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और देश को बदनाम करने के लिए इतने बदहवास हो गए हैं कि इधर मोदी को फंसाने का प्रयास करते नहीं कि उधर खुद फंस जाते हैं। आज भी वही हुआ है। राहुल गांधी ने घबराहट में अपना ही खेल बिगाड़ लिया है। मालूम हो कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने राफेल डील को चुनावी मुद्दा बनाने के लिए उसे घोटाला साबित करने में इतने बदहवास हो चुके हैं कि प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दिखाए तथ्य में खुद फंस गए हैं। क्योंकि रिलायंस डिफेसं के प्रवक्ता ने खुलासा किया है कि जो ईमेल राहुल गांधी ने दिखाए हैं वे एयरबस हेलिकॉप्टर और रिलायंस के बीच चर्चा को लेकर थी। उसका राफेल डील से कोई संबंध नहीं हैं। राहुल गांधी के इस फर्जी खुलासे पर भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता तथा कानून मंत्री रविशंकर ने जबरदस्त रूप से पलटवार किया है।

राहुल गांधी ने आज एक ईमेल का खुलासा करते हुए कहा है कि यह वही ईमेल है जिससे साबित होता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फ्रांस यात्रा से पहले अनिल अंबानी ने फ्रांस की यात्रा की थी और वहां के रक्षा मंत्री से मिले थे। राहुल गांधी ने इस ईमेल को राफेल डील से जोड़ते हुए एक बार फिर मोदी पर अनिल अंबानी को 30 हजार करोड़ रुपये का लाभ पहुंचाने का आरोप लगाया। लेकिन राहुल गांधी के ईमेल दिखाने के तुरंत बाद ही देश के कानून मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने उन पर पलटवार किया। उन्होंने राहुल गांधी से सवाल किया है कि आखिर एयरबस का ईमेल उन्हें मिला कहा से? इसके साथ ही रविशंकर प्रसाद ने राहुल गांधी एयरबस के लिए एक लॉबिस्ट के रूप में काम करने का आरोप लगा दिया।

राहुल गांधी के वार पर पलटवार करते हुए रविशंकर प्रसाद ने कहा है कि जिस प्रकार राहुल गांधी ने एयरबस ई मेल दिखाया है इससे स्पष्ट हो जाता है कि राहुल गांधी ने किसी हेलिकॉप्टर डील के बारे में बता रहे हैं। उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार के कार्यकाल के दौरान हुई डील के तहत एयरबस पर खुद ही काले बादल मंडरा रहे हैं।

रविशंकर प्रसाद ने कहा है कि विदेशी बहुराष्ट्रीय कंपनियों के लिए राहुल गांधी एक लॉबिस्ट के रूप में काम कर रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाते हुए पूछा है कि आखिर राहुल की पहुंच एयरबस के ईमेल तक कैसे संभव हो पाई है?

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के लगाए आरोप पर जवाब देते हुए रिलायंस डिफेंस के प्रवक्ता ने कहा है कि प्रस्तावित एमओयू पर चर्चा स्पष्ट रूप से एयरबस हेलीकॉप्टर और रिलायंस के बीच सहयोग के संदर्भ में थी। 36 राफेल विमानों के लिए फ्रांस और भारत के बीच सरकारी समझौते से इसका कोई लेना देना नहीं है।

जिस प्रकार एक बार फिर राहुल गांधी का नया वार खाली गया है इससे साफ हो गया है कि राफेल डील मामले को जितना वह चुनावी मुद्दा बनाने का प्रयास करेंगे उतना ही खुद फंसते रहेंगे। राफेल डील को लेकर अब राहुल गांधी के बारे यकीनी तौर पर कहा जा सकता है कि वे पैर पर नहीं बल्कि कुल्हाड़ी पर अपना पैर मार रहे हैं।

 

URL : Ravi Shankar Prasad made tremendous reply on rahuls allegation!

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