Watch ISD Live Now Listen to ISD Radio Now

उप्र चुनाव की रिपोर्टिंग देखिए, लगता है पत्रकारों ने सुपारी ले रखी हो!

उत्तरप्रदेश चुनाव की रिपोर्टिंग देखिए! साफ-साफ पता चलता है कि पत्रकारों ने सुपारी ले रखी है! एनडीटीवी का रवीश कुमार हो, आजतक का पुणय प्रसून वाजपेयी हों, क्विंट का माइक लिए घूम रही बरखा दत्त हो, मुंह से थूक उड़ाता इंडिया टुडे का राजदीप सरदेसाई हो, इंडिया टीवी के रजत शर्मा हों या कोई और, कोई भी निष्पक्ष नहीं दिख रहा है! ऐसा लगता है जैसे भाजपा-सपा-कांग्रेस-बसपा की जगह ये लोग चुनाव लड़ रहे हैं! इन सबकी विश्वसनीयता वैसे भी सोशल मीडिया ने समाप्त कर दी है, अब इन्हें पत्रकारिता की आड़ लेना छोड़ देना चाहिए! इन्हें घोषित कर देना चाहिए कि हम फलां पार्टी के ‘सुपारी पत्रकार’ हैं! आप यदि फलां पार्टी के कार्यकर्ता हैं तो सिर्फ हमारा चैनल देखिए!

अपनी एकतरफा रिपोर्टिंग के लिए एनडीटीवी बंद होने के कगार पर है। जानकारी के मुताबिक पैसे के संकट से जूझता एनडीटीवी चैनल अपने 50 के करीब कैमरामैन को निकाल चुका है। कैमरा की जगह इनके संवाददाता मोबाइल लेकर मैदान में उतरे हुए हैं और उसी पर शूट कर रहे हैं! अपना दिवालियापन छुपाने के लिए इसे ‘मोजो’ नाम दिया गया है। लेकिन जनता सब जानती है कि यह चैनल ‘मोजो’ की आड़ में ‘मोजे’ में समाता जा रहा है! यहां संपादकों और संवादताओं के लिए गाड़ी की व्यवस्था बंद हो चुकी है, ओला-उबर के सहारे इनके पत्रकार चल रहे हैं।

रवीश कुमार प्राइम टाइम में जो बकैती करते हैं, पत्रकारिता की जगह अपनी कुंठा निकालते रहते हैं, उसकी वजह से उनकी टीआरपी शून्य है। इसके कारण विज्ञापनदाताओं ने प्राइम टाम से हाथ खींचना शुरु कर दिया है। विज्ञापनदाताओं का कहना है कि रवीश कुमार का भाई कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़ता है, तो वह 24 घंटे कांग्रेस का प्रचार करता रहे। हम क्यों इसके कांग्रेसी प्रचार पर पैसा लगाएं! अभिज्ञान प्रकाश का अहंकार टूट चुका है।
आरोप है कि चूंकि मोदी सरकार के कालेधन पर स्ट्राइक की वजह से नकली शेल कंपनियों के जरिए मनी लाउंड्रिंग और हवाला कारोबार के जरिए चल रहा एनडीटीवी अपनी मौत खुद मर रहा है। पी चिदंबरम का काला धन यहां लगने से लेकर, मॉरिशस और ब्रिटेन तक मेें पंजीकृत नकली कंपनियों में अपने संपादकों को निदेशक बनाकरप मनी लाउंड्रिंग के जरिए इस चैनल में लगा रहे पैसे का गर्भनाल कट चुका है! कांग्रेस सरकार में इसमें हवाला मनी लगाने, कांग्रेसी नेताओं की बीबीयिों को एंकर और कंपनी का निदेशक बनवाने, अरबों की कर चोरी करने की छूट देने और इस चैनल को जीवित रखने के लिए ‘सेव टाइगर’ जैसे प्रोजेक्ट चलाने तक का आरोप है।

मोदी सरकार इस पर कार्रवाई कर ‘अभिव्यक्ति की आजादी’ की आड़ में इस वामपंथी-कांग्रेसी ब्रिगेड को ‘शहीद’ होने का मौका नहीं देना चाहती। इसलिए इस चैनल को अपनी मौत करने के लिए छोड़ दिया गया है! कर चोरी के आरोप में सरकार ने 600 करोड़ से अधिक का जुर्माना इस पर लगाया है, जिसके कारण यह चैनल और इसके पत्रकार उप्र चुनाव मंे भाजपा को हराने का आखिरी दांव खेल रहे हैं ताकि भाजपा बैकफुट पर आ जाए और इसे थोड़ी राहत मिल जाए! इसके मालिक प्रणव राय एसी कमरों से निकल कर इस पार्टी नेता से लेकर उस पार्टी नेता तक के यहां शेखर गुप्ता को लिए भटक रहे हैं और उन्हें जीत का मंत्र दे रहे हैं! फर्जी सर्वे से लेकर सुपारी पत्रकारिता तक कर रहे हैं! काश ये ईमानदारी से पत्रकारिता कर लेते और ईमानदारी का पैसा इसमें लगाते तो आज यह दुर्दिन इन्हें न देखने पड़ते!

यही हाल आजतक का है। आरोप है कि कोयला घोटाले के आरोपी बिड़ला ग्रुप के पैसे से चल रहे इस चैनल का प्रबंधक ही कई बार अरविंद केजरीवाल के साथ बैठक कर चुका है। वैसे भी कैमरे पर इसके पत्रकार पुण्य प्रसून को अरविंद केजरीवाल के साथ न्यूज फिक्स करते पूरी दुनिया देख चुकी है। इसके बावजूद यह बेशर्म प्रेस्टीट्यूट हाथ मलते हुए दलालों सी कला दिखाता रहता है! यह चैनल खुलेआम हिंदू-मुसलिम दंगा भड़काने की फिराक में है ताकि वोटों का ध्रुवीकरण हो और सपा-बसपा के पक्ष में मुसलमान, यादव व दलितों की गोलबंदी हो! इसकी रिपोर्टिंग से लेकर एंकरिंग तक देख लीजिए, ऐसा लगता है संप्रदायिकता फैलाना ही इसका एक मात्र मकसद है! कल ही एक शो में एक तरफ मुसलमान मौलवियों और दूसरी तरफ राजनीतिज्ञों को बैठाकर यह चैनल सीता माता का अपमान करवा चुका है। सोच कर देखिए, यदि जो सीता माता के लिए कहा गया, यदि कोई ऐसा ही कुछ पैगंगर मोहम्मद के लिए बोल देता तो यह बेशर्म पुण्य इसी तरह चुपचान खड़े होकर मजे ले रहा होता?

इस चैनल के सबसे बड़े शेयर होल्डर बिड़ला ग्रुप का मकसद दिल्ली में तीसरी बिजली वितरण कंपनी का लाइसेंस हासिल करना है, इसलिए अरविंद केजरीवालल द्वारा बार-बार अपमानित होने के बावजूद इसके एंकर-रिपोर्टर उसकी चमचागिरी में लगे रहते हैं, क्योंकि यही उनके प्रबंधक का आदेश है!
न्यूजनेशन खुलकर बसपा के पक्ष में खड़ा है। वैसे भी यह आरोप शुरु से लगता रहा है कि इसमें मायावती के भाई आनंद का धन लगा हुआ है। इंडिया टीवी के रजत शर्मा नोटबंदी से इतने आहत हैं कि बस अखिलेश के गुणगान में अपने पूरे प्राइम टाइम और चुनावी मंच को बुक कर रखा है। इनके पास भाजपा के वंशवादी नेताओं की सूची तो है, लेकिन सपा के एक नेता का नाम ये नहीं लेते हैं!

एबीपी न्यूज तो है ही वामपंथी चैनल। अभिसार शर्मा कूद-कूद कर नौटंकी करता है तो यहीं से न्यूज 18 नेटवर्क में गया किशोर आजवाणी जैसे आकाशवाणी सुनाता रहता है। जी बिजनस से न्यूज 18 में गए अमीश देवगन को देख लीजिए, चिल्लाता ज्यादा है, सुनता कम है!

जी टीवी भाजपा के पक्ष में खड़ा है। ‘फतह का फतवा’ मुसलमानों के अंदर के उस बहस को बाहर ला रहा है, जिस पर सदियों से चुप्पी है। इस बहुत हद तक प्रोग्रेसिव मुसलमानों, मुसलमान महिलाओं और हिंदुओं को एक तरफ करने का कार्य कर रहा है। हालांकि इसका डीएनए कार्यक्रम बहुत ही संतुलित और पोजिटिव है, जिसके कारण टीआरपी भी अच्छी है। डीएनए में शायद ही चुनाव की चर्चा होती हो, जिसके कारण दिमाग को इस चिल्लम-पों के बीच में आराम मिल जाता है!

अखबार और उसके पत्रकार भी पार्टियों में विभक्त हैं! इस सब में पत्रकारिता मर चुकी है! बागपत में हिंसा भड़की हुई है, मेरठ हाईवे जाम है! आरोप है कि एक जाट बाप-बेटे की हत्या मुसलिम समुदाय के अपराधी तत्वों ने कर दिया है! यही हाल पूर्वांचल में हुआ है। एक ब्राहमण छात्र नेता की हत्या यादवों ने कर दिया! लेकिन पूरी मीडिया मौन है! इसलिए नहीं कि मीडिया सांप्रदायिक नहीं होना चाहती, बल्कि इसलिए कि मीडिया राजनीतिक पार्टी बन चुकी है! सब अपनी-अपनी पार्टियों के वोट बैंक के लिहाज से रिपोर्ट को उछालने और दबाने में जुटे हैं! सामान्य जनता को केवल सोशल मीडिया पर ही भरोसा है। इस देश की मुख्यधारा की मीडिया और पत्रकारों का जमीर मर चुका है! भारतीय पत्रकारिता की अर्थी उठी हुई है!

Join our Telegram Community to ask questions and get latest news updates Contact us to Advertise your business on India Speaks Daily News Portal
आदरणीय पाठकगण,

ज्ञान अनमोल हैं, परंतु उसे आप तक पहुंचाने में लगने वाले समय, शोध, संसाधन और श्रम (S4) का मू्ल्य है। आप मात्र 100₹/माह Subscription Fee देकर इस ज्ञान-यज्ञ में भागीदार बन सकते हैं! धन्यवाद!  

Select Subscription Plan

OR

Make One-time Subscription Payment

Scan and make the payment using QR Code

Select Subscription Plan

OR

Make One-time Subscription Payment

Scan and make the payment using QR Code


Bank Details:
KAPOT MEDIA NETWORK LLP
HDFC Current A/C- 07082000002469 & IFSC: HDFC0000708  
Branch: GR.FL, DCM Building 16, Barakhamba Road, New Delhi- 110001
SWIFT CODE (BIC) : HDFCINBB
Paytm/UPI/Google Pay/ पे / Pay Zap/AmazonPay के लिए - 9312665127
WhatsApp के लिए मोबाइल नं- 8826291284

Sandeep Deo

Journalist with 18 yrs experience | Best selling author | Bloomsbury’s (Publisher of Harry Potter series) first Hindi writer | Written 8 books | Storyteller | Social Media Coach | Spiritual Counselor.

You may also like...

Share your Comment

ताजा खबर