आईएसआईएस आतंकवादी अपनी यौन इच्छाओं की पूर्ति के लिए भेड़-बकरियों के साथ करते हैं सेक्स!

गृहयुद्ध में फंसे सीरिया में कुर्द पेशमर्गा लड़ाकाओं ने आईएसआईएस के हरम से 3000 भेड़ों और 700 बकरियों को आजाद करवाया है, जिन्हें यौन-दास के रूप में बंदी बना रखा था। इसके साथ ही उन्होंने आतंकी संगठन के कब्जे से उन खेतों को भी छुड़ा लिया है। हरियाणा के मेवात क्षेत्र में आठ लोगों द्वारा बलात्कार करने से एक गर्भवती बकरी की हुई मौत की खबर जब आई तो लोगों को इस पर यकीन करना मुश्किल हो रहा था, क्योंकि कोई भी स्वस्थ मानसिकता का व्यक्ति इस खबर पर एकाएक यकीन नहीं कर सकता है! लेकिन जिस अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों पर इस घटना को अंजाम देने का आरोप लगा उसमें किसी को हैरत तक नहीं हुई। सीरिया की घटना को देखकर यह स्पष्ट हो गया है कि वहशीपन की ऐसी हरकतें उसके खून में है।

मुख्य बिंदु

* आईएसआईएस संगठन अपने आतंकियों के हवस मिटाने के लिए चलाता है भेड़-बकरियों का चकला

* बेजान पशुओं के साथ रोज सौ से अधिक आतंकवादी बलजोरी करते हैं सेक्स, मिली हैं लुब्रिकेंट की बोतलें और कंडोम

* सीरिया में कुर्द लड़ाकाओं ने आईएसआईएस के चंगुल से तीन हजार ‘वेश्या भेड़ों’ को मुक्त कराया

मालूम हो कि सीरिया एक मुसलिम देश है। खून खराबे से सना यह देश अभी गृहयुद्ध में फंसा है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस प्रकार इतनी संख्या में वेश्या बनी भेड़ों और बकरियों को आतंकी संगठन के चंगुल से छुड़ाना पहली घटना नहीं है। आईएसआईएस जैसे आतंकी संगठन इस प्रकार के कई पशु चकला (पशु वेश्यालय) चलाते हैं। मिली जानकारी के मुताबिक इससे पहले भी तीन गांवों मुक्त कराए गए जो आईएसआईएस के नियंत्रण में आ गए थे। इसमें से एक गांव में आतंकी संगठन ने पशु चकला खोल रखा था। यहां 4000 भेड़-बकरियों को यौन-दास के रूप में उपयोग किया जाता था। आतंकी चंगुल से मुक्त कराए गए राका और पालिमिरा जैसे शहरों में भी इस प्रकार के पशु वेश्यालय मिले थे, लेकिन इन चकलों के पशुओं को आतंकवादी पहले ही अपने नियंत्रण वाले इलाके ले कर चले गए।

पीसीजी कमांडर कर्नल हेमिन हसन ने बताया है कि जहां आतंकवादी भेड़-बकरियों के साथ हवस मिटाता है वहां की दशा वाकई में दर्दनाक और भयावह है। उन्होंने बताया कि इतनी सारी भेड़-बकरियों को सिर्फ दर्जन भर घरों में घिनौनी कालीन पर रखा जाता है। वहां पर तरल पदार्थ की कई बोतलें और कंडोम बिखरे मिले।

पशु चकलों की देख-भाल के लिए बलात रखे गए गावंवालों का कहना है कि कुछ जानवरों के साथ तो प्रति दिन सौ से भी ज्यादा आईएसआईएस आतंकी बलजोरी सेक्स करते थे। जहां से इन भेड़-बकरियों को मुक्त कराया गया है वह इलाके की सबसे व्यस्त बिल्डिंग में शुमार है। गांववालों का कहना है कि यहां दस हजार से ज्यादा आईएसआईएस आतंकवादी रोज अपनी हवस मिटाने के लिए आते थे।

आईएसआईएस आतंकवादी संगठन से मुक्त कराए इन भेड-बकरियों को कुर्द नियंत्रित सीरियाई इलाकों में रखा गया है। इसके साथ उन लड़ाकाओं के परिवार वालों में बांटा गया है जिनकी आतंकवादियों के साथ लड़ाई में मृत्यु हो गयी। पशु अधिकार संगठनों ने आंकलन के मुताबिक बताया है कि आईएसआईएस देश में करीब 80 हजार से लेकर डेढ़ लाख पशुओं को यौन-दासों के रूप में उपयोग करता है। पशु यौन-दास के रूप में सबसे अधिक भेड-बकरियों का उपयोग किया जाता है। वहां से मिली रिपोर्ट के मुताबिक ये आतंकी मुर्गियों तक का उपयोग अपनी हवस मिटाने के लिए करते हैं।

URL: Sheep and goats were used as sex slaves by terrorist organization ISIS

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