स्पाइडर का रोमांटिक जाल!

सिनेमा के परदे पर पीटर पारकर और एमजे का टीनएज रोमांस देखते-देखते सत्रह साल का हो चुका है। इन सत्रह सालों में पीटर और उसकी टीम दो बार ‘रिबूट’ हो चुकी है। स्पाइडरमैन की सच्ची फिलॉसफी को अब तक परदे पर केवल सेम रियामी ही प्रस्तुत कर सके हैं। सन 2002 से प्रदर्शित उन तीन स्पाइडी फिल्मों को ‘सेम रियामी ट्रायलजी’ के नाम से जाना जाता है।

कल प्रदर्शित हुई ‘स्पाइडर मैन : फार फ्रॉम होम’ में उस सच्ची फिलॉसफी की एक हलकी सी झलक मिलती है। टोनी स्टार्क के गैजेटों का करिश्मा एक तरफ रख दे तो कथानक और पीटर-एमजे के रोमांस ट्रेक में वह बात दिखाई देती है जो पिछली ‘अमेजिंग स्पाइडरमैन’ में नहीं दिखाई दी थी।

पीटर पारकर और मैरी जेन की गरीबी, पीटर का अपराधबोध, अपराधी नहीं अपराध को मारने की प्रवृत्ति स्पाइडरमैन का ‘एसेंस’ है। आप इस सीरीज को भले ही इक्कीसवीं सदी में ले आए हैं लेकिन एसेंस तो यही रखना होगा। ‘फार फ्रॉम होम’ की कहानी ‘एवेंजर्स : एंड गेम’ के ठीक बाद से शुरू होती है। मरने से पहले टोनी स्टार्क अपना एक ख़ास गॉगल पीटर के नाम कर गया है। ये गॉगल स्टार्क के सभी गैजेट्स और सेटेलाइट एक्सेस की चाबी है। पीटर लम्बी छुट्टी पर जाना चाहता है क्योंकि उसे एमजे से प्यार का इजहार करना है। कॉलेज टूर पर वह ये कर पाए इससे पहले ही लंदन में भयंकर हमले शुरू हो जाते हैं। हालांकि पीटर को ये मालूम नहीं है कि वह एक बड़े षड्यंत्र में फंसने जा रहा है।

एवेंजर्स की फिल्मों में गैजेट्स दर्शकों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र होते हैं। इस फिल्म में भी बेहतरीन गैजेट्स वॉर दिखाया गया है। खास तौर से टोनी स्टार्क का बेशकीमती गॉगल, जो कथानक का प्रमुख हिस्सा है। ये कह लीजिये कि इस गॉगल पर ही कहानी टिकी हुई है। सीजी ग्राफिक्स का भव्य समावेश फिल्म का स्वरूप और निखारता है। स्पाइडरमैन की ड्रोन्स से लड़ाई का दृश्य भी खासा दिलचस्प है। फिल्म की कहानी में एक सस्पेंस छुपा हुआ है, जिसे शुरुआत में समझ सकना दर्शक के लिए मुश्किल होता है। इस सस्पेंस के खुलने के बाद कहानी और भी रोचक हो जाती है।

पीटर के रोमांस ट्रेक का जिक्र होना भी जरुरी है। सेम रियामी के बाद जोन वाट्स ने पीटर और एमजे के रोमांस को उसी तीव्रता के साथ दिखाया है। पीटर के इजहार की कोशिश फिल्म के अंत में कामयाब होती है। इसी इजहार की कोशिशों के बीच उसे दुनिया बचाने का कठिन काम भी करना पड़ता है। थॉमस हॉलेंड ने स्पाइडरमैन की दुविधाओं का बखूबी चित्रण किया है। स्पाईडी की सामान्य जीवन जीने की चाह और सुपरहीरो के कर्तव्य के बीच वह खुद को विवश पाता है। थॉमस एक उभरते हुए अभिनेता हैं और इस बार वे और प्रभावी होकर सामने आए हैं। बाइस वर्षीय ज़ेंडाया कोलमेन एमजे के किरदार में बड़ी प्यारी लगी हैं। उनके और थॉमस के बीच तीव्र ऑन स्क्रीन केमेस्ट्री दिखाई देती है।

फार फ्रॉम होम मुख्यतः टीनएजर्स दर्शकों के लिए बनाई गई है। इस लिहाज से अत्यधिक खूनखराबे से फिल्म को दूर रखा गया है। जबरदस्त एक्शन और स्पाइडर के ‘वेब स्टंट’ टिकट के पैसों की पूरी वसूली करवाते हैं। टीनएजर्स और युवाओं को इस फिल्म में एक बात बहुत पसंद आएगी। वे ये कि टीनएज को इसमें बड़ी खूबसूरती के साथ पेश किया गया है। पहले दिन दर्शकों का रिस्पॉस इस फिल्म के लिए उम्मीदें बढ़ाने वाला रहा है। भारत में ये फिल्म अच्छा प्रदर्शन करेगी, इसमें कोई शक नहीं है। यदि आप स्पाइडर फैन हैं तो ये फिल्म आपके लिए ही बनी है। थ्रीडी के साथ इसे देखना और भी लाजवाब अनुभव रहेगा। वेनिस और प्राग के भव्य दृश्य आपको अलग ही दुनिया मे ले जाते हैं।

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Vipul Rege

Vipul Rege

पत्रकार/ लेखक/ फिल्म समीक्षक पिछले पंद्रह साल से पत्रकारिता और लेखन के क्षेत्र में सक्रिय। दैनिक भास्कर, नईदुनिया, पत्रिका, स्वदेश में बतौर पत्रकार सेवाएं दी। सामाजिक सरोकार के अभियानों को अंजाम दिया। पर्यावरण और पानी के लिए रचनात्मक कार्य किए। सन 2007 से फिल्म समीक्षक के रूप में भी सेवाएं दी है। वर्तमान में पुस्तक लेखन, फिल्म समीक्षक और सोशल मीडिया लेखक के रूप में सक्रिय हैं।

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