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अस्थाना मामले में सुप्रीम कोर्ट से लेकर यूके कोर्ट में गलत साबित हो चुके स्वामी ने अब आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास को बताया भ्रष्ट!

अपने बयान और ट्वीट से अक्सर चर्चा में रहने वाले भारतीय जनता पार्टी के सांसद सुब्रमनियन स्वामी ने इस बार नए नियुक्त आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास के साथ भारत सरकार की नियुक्ति पर सवाल खड़ा कर दिया है। स्वामी ने जहां आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास को भ्रष्ट बताया है वहीं वित्त मंत्री अरुण जेटली पर सवाल उठाते हुए उनकी नियुक्ति पर भी सवाल खड़ा कर दिया है। स्वामी ने शक्तिकांत दास की नियुक्ति के खिलाफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी पत्र लिखा है। मालूम हो कि इससे पहले स्वामी सीबीआई के विशेष निदेशक राकेश अस्थाना को भी भ्रष्ट बता चुके हैं। जबकि अस्थाना को भ्रष्ट बताने को लेकर स्वामी भारत के सुप्रीम कोर्ट से लेकर यूके के जिला कोर्ट तक में गलत साबित हो चुके हैं। क्योंकि सुप्रीम कोर्ट अस्थाना पर लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोप को खारिज कर चुका है। अब सवाल उठता है कि आखिर स्वामी भारत सरकार के निर्णय को क्यों चुनौती दे रहे हैं?

स्वामी के हवाले से एएनआई ने अपने ट्वीट में लिखा है कि शक्तिकांत दास को आरबीआई का गवर्नर बनाया जाना सरकार का गलत फैसला है। क्योंकि वह पी चिदंबरम के भ्रष्ट गतिविधियों के साथ मिलकर न केवल काम कर चुके हैं बल्कि कोर्ट में चिदंबरम को बचाने का भी प्रयास कर चुके हैं। ऐसे में इस निर्णय को समझना मुश्किल है। स्वामी ने कहा कि इस निर्णय के खिलाफ उन्होंने प्रधानमंत्री को पत्र भी लिखा है।
मालूम हो कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर पद से उर्जित पटेल के इस्तीफे के बाद केंद्र सरकार ने पूर्व राजस्व सचिव शक्तिकांत दास को नया गवर्नर नियुक्त किया है।

इससे पहले भी स्वामी सीबीआई के विशेष निदेशक राकेश अस्थाना को भ्रष्ट बता चुके हैं, जबकि उनका यह आरोप गलत साबित हो चुका है। सवाल उठता है कि क्या सुब्रमनियन स्वामी पीगुरु वेबसाइट के साथ मिलकर अपने मित्र सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा को बचाने की वजह से अस्थाना के खिलाफ अभियान चलाया था? ऐसा इसलिए क्योंकि राकेश अस्थाना के खिलाफ काफी कुछ लिखा गया है। हालांकि पीगुरू वेबसाइट में प्रकाशित खबरों और आलेख के आधार पर इंडिया स्पीक्स डेली ने भी अस्थाना के खिलाफ लगे आरोप के बारे में लिखा था। लेकिन सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद इंडिया स्पीक्स डेली ने अस्थाना के खिलाफ छपी सारी खबरों को हटा दिया है, साथ ही इसके लिए अस्थाना के प्रति खेद भी जताती है।

गौरतलब है कि सीबीआई बनाम सीबीआई के दौरान पी गुरु और स्वामी ने अस्थाना को विलेन और आलोक वर्मा को हीरो साबित करने में कोई कोताही नहीं बरती। जबकि सच्चाई अब कुछ और सामने आ रही है। सीबीआई के अंतर्कलह के बारे में जो तथ्य सामने आए हैं उससे तो साफ हो गया है कि आलोक वर्मा ही सरकार की कार्रवाई में अड़ंगा लगा रहे थे। बलात छुट्टी पर भेजे जाने के बाद भी आलोक वर्मा ने अगस्ता वेस्टलैंड के मुख्य आरोपी क्रिश्चियन मिशेल के प्रत्यार्पण रुकवाने का पूरा प्रयास किया था। मिशेल के मामले में ही नहीं बल्कि माल्या के प्रत्यर्पण रुकवाने में भी आलोक वर्मा संलिप्त पाए गए हैं। तभी तो जिस मिशेल और माल्या का प्रत्यर्पण सालों से रुका पड़ा था वह उनके जाने के एक दो सप्ताह के बाद ही संभव हो गया। अब तो आलोक वर्मा की भूमिका पर ही सवाल उठने लगा है।

जहां तक राकेश अस्थाना के खिलाफ उनके लगाए आरोप की बात है तो वे सारे आरोप गलत साबित हो चुके हैं। यूके कोर्ट ने भी साफ कर दिया है कि माल्या के प्रत्यर्पण में राकेश अस्थाना की भूमिका काफी अहम थी। राकेश अस्थाना के खिलाफ सीवीसी के आरोप का मामला भी साफ हो गया है। असल में विशेध निदेशक बनाए जाने के समय राकेश अस्थाना पर सीवीसी ने कोई आरोप लगाया ही नहीं था। सारे आरोप आलोक वर्मा ने ही लगाए थे, जो गलत साबित हो चुके हैं। उसी दौरान स्वामी और पीगुरू भी अस्थाना पर हमलावर थे।

अब जब स्वामी के अस्थाना पर लगाए सारे आरोप गलत साबित हो चुके है तो कहा जा सकता है कि कैसे शक्तिकांत पर लगाए आरोप सही साबित हो सकते हैं? जिस प्रकार स्वामी मोदी सरकार के सारे फैसले पर सवाल खड़ा करने लगे हैं, इससे उन पर ही सवाल उठने लगा है।

प्वाइंट वाइज समझिए

स्वामी का सरकार पर सवाल

* मोदी सरकार के फैसले पर सवाल उठाने वाले स्वामी पर अब उठने लगे है सवाल

* आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास की नियुक्ति पर स्वामी ने उठाया सवाल

* स्वामी ने पी चिदंबरम की भ्रष्ट गतिविधियों के तहत काम करने का लगाया आरोप

* भ्रष्टाचार मामले में पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम को कोर्ट में भी बचाने का लगाया आरोप

* शक्तिकांत दास की नियुक्ते के खिलाफ स्वामी ने प्रधानमंत्री मोदी को लिखा है पत्र

* स्वामी पहले भी सीबीआई के विशेष निदेशक अस्थाना पर लगा चुके हैं कई आरोप

* राकेश अस्थाना पर लगाए गए भ्रष्टाचार के सारे आरोप गलत साबित हो चुके हैं

* सुप्रीम कोर्ट से लेकर यूके कोर्ट तक कर चुका है अस्थाना की भूमिका की सराहना

* सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा अस्थाना पर दर्ज करा चुके हैं भ्रष्टाचार के मामले

URL : swami raise a question against appointment of new RBI Governor!

Keyword: CBI vs CBI, Swami’s allegation, against new RBI Governor, Shaktikant Das, letter to modi, Rakesh Asthana, UK court, Modi Government, राकेस अस्थाना, सीबीआई निदेशक, आलोक वर्मा

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