Tagged: फिल्‍म समीक्षा

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फिल्म समीक्षा: आशुतोष गोवारिकर के फिल्मी करियर का सबसे भद्दा अध्याय है पानीपत

जब इस फिल्म की कॉस्ट सामने आई थी, तभी अहसास हो चला था कि निर्देशक आशुतोष गोवारिकर ने अपने फिल्म करियर का सबसे भद्दा अध्याय शुरू किया है। ‘पानीपत’ को फिल्म के विद्यार्थियों के...

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फिल्म समीक्षा : छिछोरे, न आंसू रोक पाएंगे और न हंसी.

आत्महत्या की कोशिश कर चुका अनिरुद्ध का बेटा आईसीयू में अपनी वापसी की लड़ाई लड़ रहा है। अस्पताल के बाहर अनिरुद्ध कहता है ‘उस दिन मैंने कहा था तू सिलेक्ट हो जाएगा तो साथ...

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फ़िल्म समीक्षा : भारत के मंगलयान के बनने और लॉन्च होने की कहानी कहती अक्षय कुमार की Mission Mangal

‘मिशन मंगल का प्रमुख राकेश धवन और प्रोजेक्ट डायरेक्टर तारा शिंदे की टीम के युवा वैज्ञानिक होने के साथ सरकारी नौकर भी हैं। वे अपने काम को सुबह 9 से 5 की ड्यूटी मानते...

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फिल्म समीक्षा: संजीदा वायलन पर दर्द भरी धुन का ऐहसास कराता Super 30

‘आनंद के शहर की लाइब्रेरी में विदेशी जर्नल्स नहीं आते इसलिए वह दूसरे शहर के कॉलेज की लाइब्रेरी में जाकर जर्नल पढ़ता है। लाइब्रेरियन उसे पकड़ लेता है और धक्के देकर बाहर निकाल देता...

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स्पाइडर का रोमांटिक जाल!

सिनेमा के परदे पर पीटर पारकर और एमजे का टीनएज रोमांस देखते-देखते सत्रह साल का हो चुका है। इन सत्रह सालों में पीटर और उसकी टीम दो बार ‘रिबूट’ हो चुकी है। स्पाइडरमैन की...

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फिल्म समीक्षा : सच्चा है आर्टिकल 15 और झूठी है ये फिल्म!

भारत में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को स्वछंदता समझ लिया गया है। ये स्वछंदता हिन्दी फिल्मों द्वारा बेझिझक अपनाई जाती है। कल प्रदर्शित हुई ‘आर्टिकल 15’ इसी तरह की बेलगाम अभिव्यक्ति है। फिल्म में ऐसे...

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फिल्म समीक्षा : एवेंजर्स एंड गेम-‘एंड गेम’ के लिए ‘रोमांच’ से भी बड़ा शब्द गढ़ना होगा!

मार्वल स्टूडियो की ‘एवेंजर्स – एंड गेम’ देखने का अहसास ऐसा है, मानो सदियों लम्बे सपने से जागना। यकीन मानिये, सन 2008 से चला आ रहा ये खूबसूरत ख़्वाब टूटे, ऐसा दर्शक कभी नहीं...

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जो मरकर भी ज़िंदा है, उस पर आधारित है फिल्म ‘अनवांटेड’!

पूर्वी उत्तरप्रदेश, बिहार और बंगाल में ऐसे लोगों की तादाद लगभग पचास हज़ार हैं जो मरकर भी जीवित हैं। कहने का मतलब इन तीन राज्यों में ऐसे लोग भी रहते हैं जो कागज़ों पर...

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घर के बाहर पड़ा ‘पटाखों का कचरा’ भी ‘ठग्स ऑफ़ हिन्दोस्तान’ से होता है सुंदर!

गुरुवार की दोपहर ‘ठग्स ऑफ़ हिन्दोस्तान’ का पहला शो खत्म होते ही ट्वीटर पर इस फिल्म के नाम से बनने वाले ‘मेमे’ की बाढ़ आ गई। यदि पहले ही शो के बाद ऐसी तीखी...

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क्राइम और थ्रिल की कॉकटेल है आयुष्मान खुराना की ‘अंधाधुन’!

पति सरप्राइज देने के लिए घर पहुंचा है। घर पर पत्नी अपने प्रेमी के साथ आपत्तिजनक अवस्था में मिली है। भेद बाहर न जाए इसलिए दोनों ने मिलकर पति की हत्या कर डाली है।...

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‘लवयात्री’ फिल्म समीक्षा- बकवास से थोड़ी ज्यादा और बेवकूफी से थोड़ी कम!

निर्माता सलमान खान की फिल्म ‘लवयात्री’ गजब फिल्म है। इसे देखने के बाद दर्शक सूचनाओं के एक नए संसार में प्रवेश कर जाता है। उसे मालूम होता है कि नवरात्रि केवल गरबों और प्यार-मोहब्बत...

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सच्चाई का ‘सुई धागा’ लेकर मन से ‘तुरपाई’ करते हैं निर्मल आनंद!

हमें आदत सी हो गई है अपने प्रिय कलाकार को आलीशान कपड़ों में देखने की, न्यूज़ीलैंड और ग्रीस के लोकेशंस के बैकग्राउंड में डिजाइन किये गए गीत देखने की, फिल्म के हीरो को सर्वशक्तिमान...

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भावनाओं के उफान में बहा देती है ‘बत्ती गुल मीटर चालू’!

पहाड़ी प्रदेश उत्तराखंड में बिजली की कमी कई दशकों से एक बड़ी समस्या बनी हुई है। बिजली के बिना किसी प्रदेश का विकास असम्भव है। ‘बत्ती गुल मीटर चालू’ उत्तराखंड समेत देश के उन...

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प्रेम की कोमलता को वासना के प्रहारों से लहूलुहान किया है अनुराग कश्यप ने अपनी फिल्म मनमर्जियां में!

निर्देशक अनुराग कश्यप धूसर रंगों से अपना सिनेमाई संसार रचते हैं। ‘मनमर्जियां’ उनका रचा गया एक ‘धूसर प्रेम त्रिकोण’ है। बोल्ड पत्नी, दीवाना प्रेमी और अत्यंत परोपकारी पति। हर त्रिकोणीय प्रेमकथा का परिणाम पहले...

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वीभत्स चेहरे और नुकीले दांत वाला अपराजित दरिन्दा ‘The Predator’ लौट आया है!

अनंत ब्रम्हांड में स्थित किसी आकाशगंगा के ग्रह से पृथ्वी पर शिकार खेलने के लिए आने वाले एलियन की कल्पना रोमांचकारी है। इस विचार पर बनी सन 1989 में अर्नाल्ड श्वार्जनेगर की केंद्रीय भूमिका...

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‘पलटन’ फिल्म समीक्षा- तिरंगा सैनिकों के साँस लेने से लहराता है, हवा से नहीं!

फिल्म समीक्षा: पलटन स्टार कास्ट: अर्जुन रामपाल, सोनू सूद, जैकी श्रॉफ, सिद्धांत कपूर, लव सिन्हा, ईशा गुप्ता, सोनल चौहान, मोनिका गिल निर्देशन: जे पी दत्ता मुंह पर ‘हिन्दी-चीनी भाई भाई कहकर 1962 में ड्रेगन...

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हॉरर के साथ कॉमेडी की लजीज खिचड़ी है ‘स्त्री’!

अमूमन देखा गया है कि हॉरर जॉनर की फिल्मे बहुत कम सफल हो पाती है। ऐसी अधिकांश फिल्मों का अंत दुखद ही होता है। सुखांत वाली भूतिया फिल्मों के बॉक्स ऑफिस पर चलने की...

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‘गोल्ड’ फिल्म समीक्षा- सिक्कों की खनखनाहट सुनने के लिए ऐतिहासिक तथ्यों के साथ खिलवाड़ जारी है।

यदि कोई मुझसे पूछे कि ‘गोल्ड’ फिल्म का हासिल क्या है, तो मैं बेझिझक ‘सनी कौशल’ का नाम लूंगा। इस फिल्म में अक्षय कुमार के अच्छे अभिनय के अलावा कुछ बहुत अच्छा है तो...

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मूक रूप से विश्वरूपम -2 को अपना ‘राजनीतिक घोषणापत्र’ बनाया है कमल हासन ने!

फ़िल्में ‘वाचाल’ होती है। दर्शक को समझने में ज़्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ती। कुछ फ़िल्में ‘अनुच्चरित’ होती हैं। उनके स्वर दर्शक को बड़े अस्पष्ट मालूम होते हैं। विश्वरूप-2 एक ऐसी ही फिल्म है, जिसका...

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अनुभव सिन्हा का ‘मुल्क’ हमारा भारत नहीं हो सकता!

सोलह निर्दोष लोगों को बम विस्फोट में मार देने वाले आतंकी की मुवक्किल पुलिस अधिकारी से पूछती है ‘आप उसे गिरफ्तार कर सकते थे, फिर भी गोली मारकर हत्या कर दी।’ इस फ़िल्मी कोर्ट...

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