Tagged: व्यंग्य

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पूरे संसार के प्राचीन साहित्य को खंगाल डालिए, द्यूत-क्रीड़ा (जुआ) का ऋग्वेद जैसा सुन्दर काव्यात्मक वर्णन नहीं मिलेगा!

जुआ, सुनकर थोड़ा अजीब लगता है, लेकिन खेलने वाले के लिए इससे बड़ा कोई नशा नहीं। लेकिन क्या आपको पता है कि जुए का इतिहास क्या है? और क्या आपको पता है कि ऋग्वेद...

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पॉकेट में एक हाथ रखे पोडियम पर खड़ा न्यूज चैनल का सबसे बड़ा विदूषक और मनोरंजन करता उसका सवाल!

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। सूट पहने, पॉकेट में एक हाथ रखे, पिचके पिछाड़ी और निकले अगाड़ी वाला पोडियम पर खड़ा एक विदूषक जनता का मनोरंजन कर रहा है! उसे...

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‘ड्राईवर सत्य जगत मिथ्या’, अतः हे मित्र! ड्राइवर के मजनू चरित्र से मुक्ति पाएं, भलाई इसी में है

वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हेमंत शर्मा जी द्वारा पत्रकार साथी अजीत अंजुम के ड्राइवर की इश्कबाजी और उनकी परेशानियां पर लिखे इस व्यंग्य को जरूर पढ़ें। हंस के लोट-पोट तो होंगे ही, साथ ही...

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NDTV वाले रवीश कुमार का ‘रंडापा’ और उसके ही एक साथी का ‘आईना-प्रहार’!

एनडीटीवी के प्राइम टाइम पर रवीश कुमार जब प्रकट होते हैं तो उनके चेहरे पर खीझ साफ झलकता है। चेहरे पर खिंचाव, झुकी हुई गर्दन, कुबड़ी कमर, आंखों के नीचे पड़े काले स्याह खड्डे...

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मुझे लगा कि जिस कन्धे पर मेरे हाथ हैं वे तो ‘स्लीवलेस’ हैं! वह कोई भद्र मोहतरमा थी!

वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हेमंत शर्मा का व्यंग्य बेदह धारदार, चुटीला और प्रवाहमान होता है। उनकी एक पुस्तक ‘तमाशा मेरे आगे’ में ऐसे ही व्यंग्य भरे पड़े हैं, जिसमें से एक ‘केसन असि करी’...

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गांधीजी की बकरी; कुर्बानी, बलात्कार और सेक्यूलर चुप्पी की शिकार!

मुझे, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी बहुत कम मौका देते है, जब मैं उनकी अलोचना कर सकूं। लेकिन पिछले दिनों से एक ऐसे हादसे की पुनरावृत्ति हो रही, जिस पर मोदी जी के मौन ने...

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नौटंकी वाली की तरह बकैत पांड़े घड़ी-घड़ी नखरे कर रहा है! कल देश के सामने रोजगार की समस्या थी, आज उसकी जान का डर देश की समस्या बन गयी है!

डूबते न्यूज चैनल और कांग्रेस का बोझा ढो रहे ‘पीडी पत्रकारों’ की नौटंकी आजकल पूरे शबाब पर है! नौटंकी वाली भी जितने नखरे नहीं दिखाती, उससे कहीं अधिक TB की बीमारी से जूझ रहे...

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कर्नाटक चुनाव के बाद सिंघम मोदी के डर से जयकांत सिकरे फरार! एयरपोर्ट पर देखा गया!

मैं रील लाइफ में विलन था! रे मोदिया तूने मुझे रियल लाइफ में विलन बना दिया! बु..हु.हु..हु! हाथ में छाता लिए, बगल में बैग दबाए सफेद दाढ़ी में वह अभी अकेले में बड़बड़ा ही...

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शुक्र है शेखर गुप्ता कि कर्नाटक में भाजपा की सरकार नहीं है, अन्यथा क्लब से फेंके जाने पर आप पूरी दुनिया में भारत को बदनाम कर चुके होते!

बुरा मान भी लोगे तो क्या करोगे…? कर्नाटक विधानसभा चुनाव-2018 का प्रचार जोरों पर है। बड़े-बड़े लुटियन पत्रकार चुनाव कवरेज के लिए कर्नाटक की यात्रा कर रहे हैं। चुनाव कवरेज क्या कहिए, अपनी-अपनी पार्टी...

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यदि मैं लोकसभा में 15 मिनट बोलूंगा तो…!’ सोनिया गांधी के नमूने हो जाओ शुरु और ठोको..ताली!

बुरा मान भी लोगे तो क्या करोगे…? मूर्खता में भी संभावना की तलाश जो कर सकता है, वह कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ही हैं। वो क्या बोलते हैं, उन्हें ही समझ में आता है?...

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