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Tagged: Amitabh Bachchan

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प्रकाश जावड़ेकर को केंद्र सरकार में मंत्री नहीं होना चाहिए प्रधानमंत्री जी

जनता इस समय केंद्र सरकार से अपेक्षा कर रही है कि एक न्यूज़ चैनल पर असंवैधानिक हमले को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दे।

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केबीसी में पूछे जा रहे सवालों पर दर्शक भड़के, ट्वीटर पर शो की जबरदस्त धुलाई शुरू

नए सीजन के शो में एक सवाल पूछा गया कि इस युवा नेता की आवाज़ पहचानिये। ऑप्शन में हार्दिक पटेल, जिग्नेश मेवानी, कन्हैया कुमार और उमर खालिद के नाम दिए गए।

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कौन बनेगा करोड़पति हुआ रोडपति, मिले हैं केवल 400 लाइक

ताज़ा रेटिंग्स में आम जनता का आक्रोश सहज ही समझा जा सकता है। 19 सितंबर से 25 सितंबर के डाटा में स्टार उत्सव, स्टार प्लस जैसे चैनल ऊपर दिखाई दे रहे हैं और सोनी सबसे निचली पायदान पर जा पहुंचा है।

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अमिताभ बच्चन के हाथ में अब सूरज नहीं, काल का कोयला है

केबीसी चलता था तो पड़ोस के घर से उसकी थीम ट्यून का संगीत सुनाई देता था लेकिन कल मैंने ऐसा कुछ महसूस नहीं किया।

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कंगना व्याघ्र है तो समय उनके भी अपराध लिखने वाला है, जो मौन हैं

वर्तमान परिदृश्य बोलने और न बोलने के लिए भविष्य में हमेशा स्मरण में रहेगा। सुशांत सिंह राजपूत की निर्मम हत्या ने देश को वैचारिक रुप दो भाग में चीरकर रख दिया है।

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मन में ये खौफ कायम रहेगा कि मेरा बेटा सुशांत सिंह राजपूत न हो जाए

उन पर उंगलियां क्या उठी, उन्हें याद आया कि हम कलाकार हैं और हमारे साथ सरकार को ऐसा नहीं करना चाहिए। आज देश बॉलीवुड से कई सवालों के जवाब मांग रहा है लेकिन देश को आँखें दिखाई जा रही हैं। क्या हिन्दी फिल्म उद्योग का इतिहास इतना साफ़-सुथरा है कि जया बच्चन सरकार से इस मामले में मदद मांग सके।

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क्या सलमान खान, जया बच्चन नहीं चाहते कि बॉलीवुड को नशे से बचाया जाए

कल ही राज्यसभा में सपा सांसद के बयान का आशय कुछ ऐसा ही था, कि फिल्म उद्योग बड़ी मुसीबत में आ गया है। इस समय मुंबई फिल्म उद्योग में बोलना और न बोलना दोनों ही मुश्किल हो गया है।

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क्या किसी महिला पर हुए अत्याचार का विरोध करने के लिए उसकी श्रेणी देखनी पड़ती है?

जया बच्चन का स्वभाव ऐसा है कि वे गलत बात कभी स्वीकार नहीं करतीं। एक बार वे अमिताभ बच्चन की फिल्म की स्क्रीनिंग छोड़कर चली गईं थीं। उनको अपने पति अमिताभ बच्चन की फिल्मों का श्रेष्ठ आलोचक कहा जाता है।

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मनाली में ज्वालामुखी फटा लेकिन अमिताभ को सुनाई नहीं दिया

पोलियो के लिए उनके अभियान, सामाजिक कार्यों में योगदान के लिए उनको हम महानायक कहते थे लेकिन मुंबई में घटे दुःखद घटनाक्रम पर उनका अखंड मौन हमें अब प्रेरित करता है कि उन्हें इस संबोधन के बोझ से मुक्त कर दिया जाए।

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Police Summons: Bhatt’s Dark Secrets

Maharashtra Home Minister Anil Deshmukh said Bollywood filmmaker Mahesh Bhatt will be summoned by Mumbai Police in actor Sushant Singh Rajput’s death case. This comes after Kangana Ranaut held Bhatt and few others responsible...

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बाॅलिवुड में खानों की अयोग्यता धीरे-धीरे आती जा रही है सतह पर!

एक बार सलमान खान इन्दौर में एक प्रमोशनल क्रिकेट मैच खेलने आए। सलमान के नाम से नेहरू स्टेडियम में बहुत भीड़ इकट्ठा हो गई। इतनी भीड़ देखते हुए सलमान को स्टेडियम के पीछे के...

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54 साल का सलमान पेप्सी पिलाता हुआ अच्छा नहीं लगता

अस्सी के दशक में दूरदर्शन पर जब विज्ञापन आते थे तो उनमे फ़िल्मी कलाकारों और क्रिकेटरों की हिस्सेदारी बहुत कम हुआ करती थी। सन 1983 में भारत ने क्रिकेट विश्वकप जीता और भारतीय क्रिकेटर...

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हर सुपरस्टार लतियाया गया है

अब्दुल रशीद सलीम सलमान खान पचपन साल के हो चुके हैं और अब तक फिल्म इंडस्ट्री पर उनका अघोषित कब्जा बरक़रार है। इंडस्ट्री में 32 साल बिताने के बाद अब वे इस मुकाम पर...

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फिल्म रिव्यू : ‘गुलाबो-सिताबो’ अब्स्ट्रक्ट पेंटिंग है, जो ड्राइंगरूम में ही रखी रह जाएगी

फिल्म बनाना इश्क करने की तरह है। किसी फिल्म निर्देशक का ये इश्क दर्शक को हमेशा समझ में आ जाए, जरुरी नहीं है। कोई पेंटिंग दिल के बेहद करीब होती है लेकिन बाज़ार में...

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भारत को ठगने के बाद चीन चले ‘ठग्स ऑफ़ हिन्दोस्तान’!

ऐसा क्यों होता है कि भारत में कोई मेगा स्टारर फिल्म बॉक्स ऑफिस पर पिटने के बाद चीन में प्रदर्शित की जाती है। खासतौर से आमिर खान की फिल्मों को चीन में बहुत पसंद...

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घर के बाहर पड़ा ‘पटाखों का कचरा’ भी ‘ठग्स ऑफ़ हिन्दोस्तान’ से होता है सुंदर!

गुरुवार की दोपहर ‘ठग्स ऑफ़ हिन्दोस्तान’ का पहला शो खत्म होते ही ट्वीटर पर इस फिल्म के नाम से बनने वाले ‘मेमे’ की बाढ़ आ गई। यदि पहले ही शो के बाद ऐसी तीखी...

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अमिताभ एक ऐसी शख्सियत हैं, जिसका कद फिल्मों का कैमरा नहीं संभाल पाता!

सत्तर से अस्सी के दशक में जिन लोगों ने सिनेमा देखा है, वे एक दृश्य ताउम्र नहीं भूल सकते। फिल्म शुरू होने के बाद दर्शक अपने पसंदीदा अभिनेता की पहली झलक की प्रतीक्षा करता...

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‘कम्प्यूटर ग्राफिक्स’ के भरोसे है ‘ठग्स ऑफ़ हिन्दोस्तान’!

पीरियड फिल्मों को बनाने के हिन्दी फिल्मों के इतिहास को बारीकी से देखा जाए तो चुनिंदा फ़िल्में ऐसी हैं जो दर्शक को किसी विशेष कालखंड में होने का आभास करवा सकी हैं। पीरियड फिल्म...

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