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मिहिर भोज: भारत में मुस्लिम साम्राज्य की स्थापना के पूर्व राजपूत काल का सर्वाधिक प्रतिभाशाली सम्राट!

वीरेंदर परिहार। सम्राट मिहिर भोज प्रतिहार अथवा परिहार वंश के क्षत्रिय थे। मनुस्मृति में प्रतिहार, प्रतीहार, परिहार तीनों शब्दों का प्रयोग हुआ हैं। परिहार एक तरह से क्षत्रिय शब्द का पर्यायवाची है। क्षत्रिय वंश...

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‘दशराज्ञ महायुद्ध’- ऋग्वेद में वर्णित दुनिया का पहला युद्ध!

डा आंबेडकर ने ‘शूद्र कौन’ पुस्तक में ऋग्वेद में वर्णित दसराज्ञ युद्ध के आधार पर साबित किया है कि आर्य मूल रूप से भारत के ही निवासी थे। वह कहीं बाहर से नहीं आये...

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भारतीय शिक्षा प्रणाली- पाठ्यपुस्तक लिखने वालों को काटे हुए है एक विचारधारा का कीड़ा!

सूर्य सिद्धांत स्पष्ट करता है कि – “सर्वत्रैय महीगोले स्वस्थामुपरिस्थितम्। मन्यन्ते खेयतो गोलस्तस्यक्कोर्ध्वक्कवोप्यध:” अर्थात यह पृथ्वी गोल है इसलिये हम सभी अपने अपने स्थान को उपर ही समझते हैं। यह पृथ्वी वृहद शून्य के...

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वामपंथी और तथाकथित बुद्धिजीवियों ने प्राचीन भारतीय विमान प्रौद्योगिकी पर तथ्यहीन शोध पत्र के झूठ को फैलाया!

मेरे आलेख “वैमानिक शास्त्र – कल्पना और विचारधारा” से असहमत मित्र ने एक शोधपत्र भेजा – “अ क्रिटिकल स्टडी ऑफ द वर्क – वैमानिक शास्त्र (साईंटिफिक ओपीनियन, 1974, पृ 5-12)” तथा इसे इंडियन इंस्टीट्यूट...

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वैदिक विमान- जब दुनिया ठीक से नेकर सिलना नहीं जानती थी, भारतीय ग्रंथों में सैंकडो बार वायु-मार्ग और विमान शब्द का हुआ था प्रयोग!

वैमानिक शास्त्र में मेरी जिज्ञासा थी। इसका कारण पुष्पक विमान नहीं बल्कि वामपंथी खेमे के पत्र-पत्रिकाओं व वेबसाईट पर प्रकाशित वे आलेख थे जिनमें से कुछ के शीर्षक हैं “चालीस साल पहले ही खुल...

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साम्राज्यवादी ब्रिटेन की नकल करती हमारी अध्ययन परिपाटी में मौलिकता कम है और शोर अधिक!

राजीव रंजन प्रसाद। जिस डाली पर बैठा उसी को काटने वाला व्यक्ति क्या कभी कालिदास बन सकता था, यदि उसके जीवन में विद्योत्तमा न होतीं? राजा शारदानंद की विदुषी और शास्त्रज्ञ कन्या विद्योत्तमा का...

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महर्षि अगत्स्य का विद्युत शास्त्र!

भारत की शिक्षा व्यवस्था गुरुकुल परम्पराओं से निकल कर वातानकूल कक्षाओं तक पहुँच गयी है। शिक्षा ग्रहण कर प्रसारित करने की बजाय केवल जीविकोपार्जन के लिए जीवन के शुरुवाती 20-25 साल खपाने की व्यवस्था...

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प्राचीन भारत अतिशयोक्ति का भंडार या षड्यंत्र का शिकार? पढ़िये चीनी प्रोफेसर का अद्भुत विश्लेषण!

Pak L. Huide। जो देश अपने इतिहास पर गर्व नहीं कर सकता वह कभी तरक्की नहीं कर सकता। चीनी मूल के कनाडा में रहने वाले टोरंटो विश्वविद्यालय के पूर्व प्रोफेसर पाक एल ह्यूडी(Pak L....

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दो अंग्रेज सर्जन जो नहीं कर पाए, वह सुश्रुत प्रणालि के जानकार एक भारतीय कुम्हार ने कर दिया! ऐसी थी हमारी चिकित्सा प्रणाली।

सुश्रुत शल्य चिकित्सा पद्धति के प्रख्यात आयुर्वेदाचार्य थे। इन्होंने सुश्रुत संहिता नामक ग्रंथ में शल्य क्रिया का वर्णन किया है। सुश्रुत ने ही प्लास्टिक सर्जरी और मोतियाबिंद की शल्य क्रिया का विकास किया था।...

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भारत का प्राचीन इतिहास काफी गौरवशाली है! वैदिक काल में घोड़ों द्वारा खींचे जाने वाले रथों का वर्णन मिलता है!

उत्तर प्रदेश के सोनौली में जो पुरातात्विक अवशेष मिले हैं इससे यह साबित हो गया है कि हमारा प्राचीन इतिहास काफी गौरवशाली रहा है। अभी तक जैसे मेसोपोटामिया या हड़प्पा की संस्कृति को सबसे...

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पुराविद महाभारत का काल ईसापूर्व अधिकतम 900 वर्ष स्वीकारते हैं, जबकि पुराणों के अनुसार ईसा से 3102 वर्ष पूर्व तो कलियुग का ही आरम्भ हुआ है। आखिर ये अंतर क्यों?

बीते दिनों उत्तर प्रदेश के बागपत जिले का सनौली गांव पुरातात्विक खोजों के कारण चर्चा में रहा। डॉ. धर्मवीर शर्मा ने सनौली का उत्खनन कराकर सबसे पहले इसे विश्व के सम्मुख रखा था। किन्तु...

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बुद्ध और महावीर की धरती पर जब गांधी को अहिंसा का पुजारी कहा जाता है तो मुझे भारतीयों की मूढ़ता पर केवल तरस आता है!

गांधी जी को फिर से परिभाषित करने की जरूरत है, क्‍योंकि जितना मैंने उन्‍हें पढा है, उनके व्‍यक्तित्‍व में अहंकार को मैंने जबरदस्‍त पाया है। वह अपनी बात दूसरों पर थोपते थे। जो नहीं...

वेदों के श्लोकों में इस बात का जिक्र है कि चांद पर पानी मौजूद है! न्यूटन से 1500 साल पहले गुरुत्वाकर्षण के बारे में जानता था भारत!

विपुल डोडिया। इसरो के पूर्व प्रमुख नई दिल्ली देश के अग्रणी वैज्ञानिक और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के पूर्व चेयरमैन जी. माधवन नायर ने शनिवार को कहा कि वेदों के कुछ श्लोकों में...

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18 साल की उम्र में ही बिंदुसार ने बना दिया था सम्राट अशोक को शासक

महान सम्राट अशोक अशोक केवल भारत का नहीं बल्कि सम्पूर्ण संसार के इतिहास का महान शासक था. बौद्ध ग्रंथों और शिलालेखों द्वारा हमें उनके सम्बन्ध में प्रयाप्त ज्ञान प्राप्त होता है.बौद्ध ग्रंथों में लिखा...

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