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Tagged: Bhagwan Shri Rajnish

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सेवा धर्म नहीं है,बल्कि धर्म सेवा है: ओशो

मैं नहीं कहता हूं कि सेवा धर्म है। मैं जरूर कहता हूं कि धर्म सेवा है। अगर कोई व्यक्ति धर्म को उपलब्ध हो, तो उसके जीवन में जो भी है, वह सब सेवा बन...

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शून्य में जगत की महानतम शक्ति का आविर्भाव होता है!

ओशो – शास्त्रों और संतों का कहना है कि पर-स्त्रीगमन करने से साधक का पतन होता है और साधना में उसकी गति नहीं होती। इस मूलभूत विषय को समझने का प्रयास करें!

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जूडो की कला कहती है, मारो मत। जब कोई मारे, तो उसके सहयोगी हो जाओ!

जूडो की कला कहती है, मारो मत। जब कोई मारे, तो उसके सहयोगी हो जाओ! उसको दुश्मन मत मानो। मानो कि जैसे वह अपने ही शरीर का एक हिस्सा है। और तब थोड़ी ही...

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शिव कहते हैं, उस अस्तित्व को स्वयं में पाकर समाधि का सुख उपलब्ध होता है। OSHO

तुम्हारे भीतर से जब तुम बाहर की तरफ जाते हो तो चीजें एक दूसरे से दूर होती जाती हैं, फासला बढ़ता जाता है। इसलिए हजार तरह के विज्ञान पैदा हो गये हैं, होंगे ही;...

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बुद्ध कहते थे, बरस रहा है अमृत, लेकिन कुछ हैं, जो अपने घड़ों को उलटा रखे बैठे हैं।

जिस दिन घड़ा सीधा होगा, उस दिन अमृत बरसने लगेगा, ऐसा नहीं है। अमृत तो उस दिन भी बरस रहा था, जिस दिन आप घड़ा उलटा किए थे। वहां भी बरस रहा था, जहां कोई...

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श्रद्धा का सूत्र है अज्ञात में छलांग! OSHO

यह सूत्र श्रद्धा का सूत्र है, श्रद्धा का, फेथ का। श्रद्धा का अर्थ है, जंपिंग इनटु दि अननोन। श्रद्धा का अर्थ है, अज्ञात में छलांग।  श्रद्धा का अर्थ है, समस्त नियमों, समस्त व्याख्याओं, समस्त...

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मैं तुम्हें यहां मुक्त करने के लिए हूं, न कि कारागार निर्मित करने के लिए: OSHO

अन्तिम प्रश्न:- जब आप शरीर छोड़ देंगे,फिर हमें क्या करना चाहिए? क्या आपके साथ रुककर यह जोखिम उठायी जाए कि जब आपका यह आन्दोलन एक तरह के पुराने धर्म में परिवर्तित हो जाए अथवा...

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इस प्रार्थना को स्मरण रखें, प्रभु मैं असहाय हूं! तू मुझे ले चल! OSHO

हम सब अपने पर बहुत भरोसा करते हैं। हममें से अधिक लोग अपने को सेल्फमेड मानते हैं। अपने को सेल्पमेड मानना, अपने को अपने द्वारा निर्मित मानना वैसे ही है, जैसे कोई अपना बाप...

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तिलोपा तील कूटते-कूटते तिलोपाद बन गये, आप भी आम जीवन में रहते हुए परमात्मा को पा सकते हो, बस होश साध लो!

ओशो ने आठों प्रहर, 24 घंटे मुझे ध्यान में रहना सिखाया, उन्होंने जीवन को सहज और सरल तरीके से जीने की शिक्षा दी, उन्होंने नकार नहीं, सकार की शिक्षा दी यानी जीवन में जो...

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तिब्बत पर कम्युनिस्ट चीन के कब्जे पर ओशो के विचार!

अगर मानवता थोड़ी अधिक जागरूक होती तो तिब्बत को आजाद कर देना चाहिए क्योंकि यही एकमात्र ऐसा देश है जिसने ध्यान में गहराई से जाने के लिए लगभग दो हजार साल समर्पित किए हैं...

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अपनी धारणाएं दूसरों पर न थोपें-ओशो

१) पहला प्रश्न:भगवान, अनुकंपा करें और गहराई से समझाएं, प्रतिरोध न करें। मैं एक व्यापारी हूं और विश्व का समाजसेवी सदस्य हूं। अगर आप मुझे कोई युक्ति दें तो मैं बहुत अनुगृहीत होऊंगा। मैंने...

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