Education

भारतीय शिक्षा प्रणाली- पाठ्यपुस्तक लिखने वालों को काटे हुए है एक विचारधारा का कीड़ा!

सूर्य सिद्धांत स्पष्ट करता है कि – “सर्वत्रैय महीगोले स्वस्थामुपरिस्थितम्। मन्यन्ते खेयतो गोलस्तस्यक्कोर्ध्वक्कवोप्यध:” अर्थात यह पृथ्वी गोल है इसलिये हम सभी अपने अपने…


वामपंथी और तथाकथित बुद्धिजीवियों ने प्राचीन भारतीय विमान प्रौद्योगिकी पर तथ्यहीन शोध पत्र के झूठ को फैलाया!

मेरे आलेख “वैमानिक शास्त्र – कल्पना और विचारधारा” से असहमत मित्र ने एक शोधपत्र भेजा – “अ क्रिटिकल स्टडी ऑफ द वर्क –…


वैदिक विमान- जब दुनिया ठीक से नेकर सिलना नहीं जानती थी, भारतीय ग्रंथों में सैंकडो बार वायु-मार्ग और विमान शब्द का हुआ था प्रयोग!

वैमानिक शास्त्र में मेरी जिज्ञासा थी। इसका कारण पुष्पक विमान नहीं बल्कि वामपंथी खेमे के पत्र-पत्रिकाओं व वेबसाईट पर प्रकाशित वे आलेख थे…


मैक्समूलर का वेदों को दुष्प्रचारित करने का षड्यंत्र, चिट्ठियों ने खोला राज!

राजीव रंजन प्रसाद। कुछ उद्धरण प्राप्त हुए कि मैक्समूलर और मैकाले के बीच कई दौर की वार्ता हुई, कतिपय इतनी तीखी कि उसमें…


साम्राज्यवादी ब्रिटेन की नकल करती हमारी अध्ययन परिपाटी में मौलिकता कम है और शोर अधिक!

राजीव रंजन प्रसाद। जिस डाली पर बैठा उसी को काटने वाला व्यक्ति क्या कभी कालिदास बन सकता था, यदि उसके जीवन में विद्योत्तमा…



शिक्षा में हुई चूक का परिणाम है जो शल्यचिकित्सा के जनक को पश्चिम का मुंह ताकना पड़ रहा है?

भारत की शिक्षा व्यवस्था गुरुकुल परम्पराओं से निकल कर वातानकूल कक्षाओं तक पहुँच गयी है। शिक्षा ग्रहण कर प्रसारित करने की बजाय केवल…


राजा और रंक के भेद को मिटा कर ही भारतीय शिक्षा प्रणाली हो सकती है दुरुस्त!

भारत की शिक्षा व्यवस्था गुरुकुल परम्पराओं से निकल कर वातानकूल कक्षाओं तक पहुँच गयी है। शिक्षा ग्रहण कर प्रसारित करने की बजाय केवल…


वर्तमान शिक्षा प्रणाली ऐसी पौध तैयार कर रही है जिसमें न कल्पनाएं हैं न नैसर्गिक प्रतिभा!

भारत की शिक्षा व्यवस्था गुरुकुल परम्पराओं से निकल कर वातानकूल कक्षाओं तक पहुँच गयी है। शिक्षा ग्रहण कर प्रसारित करने की बजाय केवल…


समान शिक्षा की अवधारणा ही देश में समान सोच का बीजारोपण कर सकती है।

भारत की शिक्षा व्यवस्था गुरुकुल परम्पराओं से निकल कर वातानकूल कक्षाओं तक पहुँच गयी है। शिक्षा ग्रहण कर प्रसारित करने की बजाय केवल…



पत्रकारिता ऐसी सीखिए जो खबरों की असलियत पहचान सके, वर्ना बकैती तो हर कोई कर रहा है!

लोगों ने मुझसे पूछा कि पत्रकारिता के इतने इंस्टीट्यूट हैं, फिर आप नया क्यों ला रहे हैं? मेरा उनको जवाब है.. 1) भारत…


लीजिए मिलिए भारत की पत्रकारिता को आगामी 5 साल में बदलने की जिद ठानने वाले विशेषज्ञों से…

भारत की पत्रकारिता को बदलने जा रही है यह टीम। Diploma in journalism & Mass Media (specially Data, Digital & Photo Journalism) में…


मनीष सिसोदिया के हॉवर्ड यूनिवर्सिटी में किये दावे की खुली पोल! दिल्ली में आम आदमी पार्टी की शिक्षा क्रांति फेल!

“दूर देश से बोलने पर आवाज दूर तलक जाती है। मोदी जब विदेश के मंच से अपनों के बीच बोलते हैं तो दिल्ली…



समान शिक्षा नीति लागू किए बिना, भारतीय संविधान का कोई मतलब नहीं!

क्या वर्तमान शिक्षा व्यवस्था सबको समान अवसर उपलब्ध कराती है? क्या आप भी सहमत हैं कि बाबा साहब अंबेडकर और दीनदयाल उपाध्याय जी…