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Tagged: Hemant sharma

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जॉर्ज फ़र्नाडिस के जाने के साथ ही ज़मीन से जुड़ी राजनीति के एक भरे पूरे अध्याय का पटाक्षेप हो गया।

Hemant Sharma:यह एक तस्वीर आपातकाल की क्रूरता को अपनी सम्पूर्णता में दर्शाती है और जार्ज फ़र्नाडिस के पत्थर पर सिर टकराने के जज़्बे की बानगी भी है। जार्ज का जाना भारत की राजनीति से...

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भगवान कृष्ण ने शरद पूर्णिमा की आधी रात को वृंदावन में 16000 गोपिकाओं के साथ किया था रास!

हेमंत शर्मा। इस महारास की खासियत थी कि हर गोपिका को कृष्ण के साथ नाचने का आभास था, उनका आनंद अटूट था। ‘निसदिन बरसत नैन हमारे. सदा रहत पावस ऋतु हम पर जब ते स्याम...

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अपार शक्ति के बावजूद राम मनमाने फैसले नहीं लेते, वे लोकतांत्रिक हैं।

पूर्व में जनसत्ता में काम करने और हिंदी के बड़े आलोचक वनामवर सिंह के शिष्य होने के कारण कुछ लोग वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हेमंत शर्मा को वामपंथी कह देते हैं, लेकिन यह सच...

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जीवन में चहकने और फुदकने के मायने भी हमने गौरैया से सीखे!

हेमंत शर्मा। गौरैया, अम्मा और आंगन. मेरे बचपन की ये यादें हैं. अम्मा रहीं नहीं. अब घरों में आंगन भी नहीं रहे. गौरैया भी मेरे घर आती नहीं. मेरी वे यादें छिन गईं, जिन्हें...

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पूरे संसार के प्राचीन साहित्य को खंगाल डालिए, द्यूत-क्रीड़ा (जुआ) का ऋग्वेद जैसा सुन्दर काव्यात्मक वर्णन नहीं मिलेगा!

जुआ, सुनकर थोड़ा अजीब लगता है, लेकिन खेलने वाले के लिए इससे बड़ा कोई नशा नहीं। लेकिन क्या आपको पता है कि जुए का इतिहास क्या है? और क्या आपको पता है कि ऋग्वेद...

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अब न वह गंगा है, न आस्था, और न कार्तिक पूर्णिमा की वह धार्मिकता!

हिंदू धर्म में कार्तिक, कार्तिक पूर्णिमा, कार्तिक में गंगा स्नान, देवदीपावली की महत्ता आदि आप इस एक लेख से जितना जान पाएंगे, उतना ढूंढ़ने पर भी आप शायद न पढ पाएं! आज के समय...

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‘ड्राईवर सत्य जगत मिथ्या’, अतः हे मित्र! ड्राइवर के मजनू चरित्र से मुक्ति पाएं, भलाई इसी में है

वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हेमंत शर्मा जी द्वारा पत्रकार साथी अजीत अंजुम के ड्राइवर की इश्कबाजी और उनकी परेशानियां पर लिखे इस व्यंग्य को जरूर पढ़ें। हंस के लोट-पोट तो होंगे ही, साथ ही...

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मुझे लगा कि जिस कन्धे पर मेरे हाथ हैं वे तो ‘स्लीवलेस’ हैं! वह कोई भद्र मोहतरमा थी!

वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हेमंत शर्मा का व्यंग्य बेदह धारदार, चुटीला और प्रवाहमान होता है। उनकी एक पुस्तक ‘तमाशा मेरे आगे’ में ऐसे ही व्यंग्य भरे पड़े हैं, जिसमें से एक ‘केसन असि करी’...

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