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Tagged: Hindi

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कथा, कथन, मितकथन, कथक आदि शब्दों की व्याख्या!

कमलेश कमल. कथन एक ऐसा शब्द है, जिसका प्रयोग हम बहुधा करते हैं– कभी सही; तो कभी ग़लत। ‘कथन कहा’ अथवा ‘कथन किया’? – इसको लेकर स्थापित लेखकों के मन में भी संशय की...

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हिंदू का ब्रह्मास्त्र (भाग-3)

एकमात्र  बस   मार्ग   यही  है ,  भारतवर्ष   बचाने   का ; धर्म , राष्ट्र   व   देश   बचाने ,  शांति – सुरक्षा  पाने  का । सरकारें   हों   देश – भक्त ,   राष्ट्र – भक्त  व  धर्म...

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रोमन में हिन्दी पढ़ने वाला बॉलीवुड हिन्दी के सम्मान के लिए कैसे लड़ेगा

अभिनेता स्क्रिप्ट मांगते हैं तो उनको हिन्दी रोमन में लिखकर देनी पड़ती है क्योंकि उनको हिन्दी पढ़ना ही नहीं आता।

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चाँदनी की पाँच परतें / सर्वेश्वर दयाल सक्सेना

चाँदनी की पाँच परतें,हर परत अज्ञात है। एक जल मेंएक थल में,एक नीलाकाश में।एक आँखों में तुम्हारे झिलमिलाती,एक मेरे बन रहे विश्वास में। क्या कहूँ, कैसे कहूँ…..कितनी जरा सी बात है।चाँदनी की पाँच परतें,हर...

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आप ऊँचे हैं या लंबे ?

कमलेश कमल। क्या आपने कभी गौर किया है कि अंग्रेजी में आप अपनी height बताते हैं, length नहीं ; जबकि हिंदी में अपनी लंबाई लिखते हैं। दैनिक जीवन में कुछ ऐसा ही हम सुनते...

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ये विश्वनाथकारीडोर है

अवधेश दीक्षित| येविश्वनाथकारीडोर है जी हुजूर !पुरातन है,संस्कृति की राजधानी है ,दुनियां का आकर्षण हैयुगों- युगों से भोलेनाथ का रहाअब ये ‘चौकीदार’ जी का शहर हैन ‘निगम’ को पता हैन ‘प्राधिकरण’ को खबर हैअधिकारी...

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शब्द की नाव में , भाषा की नदी का सौंदर्य और बिंब विधान रचने वाले अरविंद कुमार अब नहीं रहे

दयानंद पांडेय मेरे मानस पिता , मेरे गुरु , शब्द-साधक , हिंदी थिसारस के प्रणेता , संपादक अरविंद कुमार देह से भले गए हैं पर हैं तो हम सब के साथ ही। सर्वदा रहेंगे।...

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दुनिया के सबसे बड़े हाईकोर्ट से हिंदी को एक उम्मीद मिली है, सुप्रीम अदालत से भी है उम्मीद!

दुनिया के सबसे बड़े हाईकोर्ट के प्रधान न्यायाधीश ने हिंदी में शपथ लेकर यह उम्मीद जगा दी है कि एक दिन दुनिया के सबसे बडे लोकतंत्र की सुप्रीम अदालत में भी उसके राजभाषा का...

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हिन्दी भाषा को ‘हिन्दी दिवस’ की कोई आवश्यकता नहीं है।

हिन्दी की सबसे बड़ी विशेषता ये है कि इसमें वही लिखा जाता है जो उच्चारित होता है। इसमें हर ‘ध्वनि’ के लिए अपना एक शब्द है। दूसरी भाषाएं हिन्दी जितनी धनिक नहीं है। तीन...

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भारत में हिन्दी को स्थापित करने की झूठी कवायदें चल रही हैं वहीँ हिंदी गीत दुनिया में हमारी भाषा का बढ़ा रहे हैं मान!

पिछले दिनों भारत के राष्ट्रपति जब प्राग पहुंचे तो एक घटना ने सबका ध्यान खींच लिया। कोविंद दम्पति यहाँ भारतीय समुदाय द्वारा आयोजित पार्टी में शिरकत करने पहुंचे। यहाँ उनके स्वागत में हिन्दी फिल्म...

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जिसे तुलसी, सूर का ज्ञान नहीं वह प्रकाशक है! सोचिए हमारी हिंदी के प्रति वह कितनी नफरत से भरी है!

किताबें इंसानों के लिए सबसे बड़ा दोस्त बताई जाती हैं, और हैं भी! जो भी उत्तर नहीं मिल रहा हो, वह आपको झट से किसी न किसी किताब में मिल जाएगा। आज किताबें ऑनलाइन...

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हिंदी का अक्षर बोध, ‘अ’ अज्ञान से ‘ज्ञ’ ज्ञान तक की यात्रा!

हमारे बच्चों को हम अपनी मातृभाषा हिंदी ठीक से नहीं सिखाते, क्योंकि हम स्वयं ही शुद्ध हिंदी न लिख पाते हैं, और न बोल पाते हैं! संस्कृत के सबसे निकटस्थ हिंदी ही है। इसकी...

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