Tagged: hindu dharm

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अब न वह गंगा है, न आस्था, और न कार्तिक पूर्णिमा की वह धार्मिकता!

हिंदू धर्म में कार्तिक, कार्तिक पूर्णिमा, कार्तिक में गंगा स्नान, देवदीपावली की महत्ता आदि आप इस एक लेख से जितना जान पाएंगे, उतना ढूंढ़ने पर भी आप शायद न पढ पाएं! आज के समय...

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माँ दुर्गा के नौ नाम और उनका अर्थ!

नित्यानद मिश्र। नवरात्र की नौ रात्रियाँ देवी के नौ रूपों अथवा नवदुर्गाओं से संबद्ध हैं। आइये देवी के नौ रूपों के नामों का अर्थ समझें। देवी के नौ रूप प्रसिद्ध हैं हीं— प्रथमं शैलपुत्रीति...

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हरतालिका तीज और हिंदू दर्शन!

आज हमारे यहां हरतालिका तीज है। गांव में मां, और यहां दिल्ली में श्रीमती श्वेता देव और मेरे छोटे भाई की पत्नी मीनू देव, अपने अपने पति के लिए व्रत की हुई हैं। मान्यता...

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ऑनलाइन सत्संग, ईशावास्योपनिषद…

ऑनलाइन सत्संग, ईशावास्योपनिषद… ॐ कुर्वत्रेवेह कर्माणि जिजीविषेच्छतँ समा:। एवं त्वयि नान्यथेतोअस्ति न कर्म लिप्यते नरे ।। ऑनलाइन सत्संग आइए चलें उपनिषदों की यात्रा पर… ऑनलाइन सत्संग, जहाँ वेद समाप्त होते हैं, वहां से उपनिषद...

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ऑनलाइन सत्संग, ईशावास्योपनिषद श्लोक-2

ऑनलाइन सत्संग, ईशावास्योपनिषद… श्लोक-2 ॐ ईशा वास्यमिद्म सर्वं यत्किंचित जगत्यां जगत् । तेन त्यक्तेन भुंजीथा मा गृधः कस्य स्विद्धनम् ।। ऑनलाइन सत्संग आइए चलें उपनिषदों की यात्रा पर… ऑनलाइन सत्संग, जहाँ वेद समाप्त होते...

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ऑनलाइन सत्संग, जहाँ वेद समाप्त होते हैं, वहां से उपनिषद शुरू होते हैं।

ऑनलाइन सत्संग, पहला उपनिषद है ईशावास्य उपनिषद, जहाँ वेद समाप्त होते हैं, वहां से उपनिषद शुरू होते हैं इसलिए इन्हें वेदान्त भी कहा जाता है। ॐ पूर्णमद: पूर्णमिदं पूर्णात्पूर्णमुदच्यते । पूर्णस्य पूर्णमादाय पूर्णमेवावशिष्यते ।।...

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प्राचीन अरब कभी हिंदू संस्कृति का अभिन्न अंग था।

गुंजन अग्रवाल। इस्तांबुल, तुर्की के प्रसिद्ध राजकीय पुस्तकालय ‘मक्तब-ए-सुल्तानिया’ (सम्प्रति मक्तब-ए-ज़म्हूरिया), जो प्राचीन पश्चिम एशियाई-साहित्य के विशाल भण्डार के लिए प्रसिद्ध है, के अरबी विभाग में प्राचीन अरबी-कविताओं का संग्रह ‘शायर-उल्-ओकुल’ हस्तलिखित ग्रन्थ के...

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श्रीकृष्ण पर अशोभनीय टिप्पणी करने वाले सेक्यूलर कीड़े आध्यात्मिक प्रेम को क्या समझेंगे?

अंकुरार्य। रामनवमी के अवसर पर योगी सरकार ने नौ बडे फैसलें यूपी जनता के हितार्थ लिए है जिनमे प्रमुखतया जिन मुद्दो के प्रति जिज्ञासा बनी हुई थी वो थे किसानो की कर्ज माफी और...

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जवाहरलाल नेहरू के जन्म के लिए पुत्रेष्टि काम यज्ञ करने वाले पंडित की मृत्यु, कहीं ‘नियोग’ को छिपाने की कोशिश तो नहीं थी?

जवाहरलाल नेहरू को सनातन धर्म से चिढ़ थी, लेकिन उनके जन्म के लिए उनके पिता मोतीलाल नेहरू ने पुत्रेष्टि यज्ञ कराया था। जवाहरलाल नेहरू को सनातन धर्म के कर्मकांड से इतनी चिढ़ थी कि...

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रूद्राक्ष का आधार ब्रह्मा और नाभि विष्णु हैं।

पंडित वैभवनाथ शर्मा। भगवान शिव को खुश करना बहुत आसान है मान्यताएं है कि शिव जी के नेत्रों से रूद्राक्ष का उद्धव हुआ और यह हमारे जीवन की हर समस्या को दूर करने में...

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क्या 1400 साल से कुचले जा रहे हिंदुओं को भी सवाल पूछने का मौका दिया जाएगा?

आनंद कुमार। चंद सवालों पर ही पत्तरकारों को पीट देना तो आपके लिए रोज़ की बात है हुज़ूर! किसने नहीं किया? सलमान ने किया है, शाहरुख़ ने किया है, सैफ़ का तो खैर मतलब...

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माघ मेले में ठेकेदारी व्यवस्था कहीं सरकारी तंत्रों की मिली जुली साजिश तो नहीं ?

अनुज अग्रवाल। प्रयाग में संगम पर नाव से जाते समय आज केवट से हुई बातों के बीच जो भाव जागृत हुए उनसे तन मन और आत्मा प्रफुल्लित हो गयी। गंगा – यमुना – सरस्वती...

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क्रिसमस के दिन मनुस्मृति दहन के जरिए आखिर बाबा साहब आंबेडकर क्या कहना चाहते थे?

25 दिसंबर को महामना मदन मोहन मालवीय, अटल बिहारी वाजपेयीज के जन्मदिन और क्रिसमस के अलावा एक और दिवस मनाया जाता है, क्या आप जानते हैं कि वो क्या दिन है? आज ‘मनुस्मृति दहन’...

शिवलिंग कुछ और नहीं बल्कि न्यूक्लियर रिएक्टर्स हैं!

सौरभ गुप्ता। महाशिवरात्रि का पर्व आने वाला है ! इस पर्व के साथ सोशल मीडिया में कुछ ज्ञानी भी आएंगे मुफ्त का ज्ञान बांटने! शिवलिंग पर दूध की बर्बादी से अच्छा है किसी गरीब...

हिंदू धर्म को जानना है तो पहले वैदिक साहित्य को समझिए!

वेद पूरे भारतीय—यूरोपीय भाषा परिवार के प्राचीनतम साहित्य के रूप में समादृत रहे हैं। इनके रचनाकाल का निर्धारण बड़ी कठिन समस्या रही है। मैक्समूलर ने 1889 में प्रकाशित ‘हिस्ट्री ऑफ एन्शियंट संस्कृत लिटरेचर’ नामक...

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