Tagged: Judiciary of India

1

अदालत के जरिए पीएम मोदी के खिलाफ साजिशों का एक और दौर ध्वस्त!

1) मोदी-शाह के खिलाफ कांग्रेस की साजिश सुप्रीम कोर्ट में नाकाम। २) ‘चौकीदार चोर है’ कहने पर राहुल गांधी ने बिना शर्त मांगी माफी। ३) मोदी सरकार ने कॉलेजियम की सिफारिश को ठुकराया। ४)...

0

दुनिया के सबसे बड़े हाईकोर्ट से हिंदी को एक उम्मीद मिली है, सुप्रीम अदालत से भी है उम्मीद!

दुनिया के सबसे बड़े हाईकोर्ट के प्रधान न्यायाधीश ने हिंदी में शपथ लेकर यह उम्मीद जगा दी है कि एक दिन दुनिया के सबसे बडे लोकतंत्र की सुप्रीम अदालत में भी उसके राजभाषा का...

0

मी- लार्ड ऊपर वाले की लाठी बे-आवाज होती है! देश के 40 प्रतिशत जजों के बच्चे मानसिक और शारीरिक रूप से विकलांग!

इसमें तो कोई दो राय नहीं कि भारतीय न्यायपालिका में अभिजात वर्ग की बहुलता है, लेकिन यह भी उतना ही सच है कि न्यायधीशों के ‘कर्म’ उनके बच्चों के प्रतिफल के रूप में बाहर...

0

शेर की सवारी कर रहे हैं सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश डी.वाई.चंद्रचूड़! अंत विघटन के रूप में होना तय!

न्यायामूर्ति काटजू का कहना है कि हाल के दिनों में कुछ फैसलों से स्पष्ट पता चलता है कि सुप्रीम कोर्ट ने 1930 के दशक में अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय की तरह एक खतरनाक, अति सक्रिय,...

0

उपेंद्र राय द्वारा दायर 100 करोड़ का मुकदमा खारिज! हाईकोर्ट ने पूछा अदालत का एक करोड़ का फीस चुकाना एक पत्रकार के लिए कैसे संभव है?

कांग्रेसी नेता पी.चिदंबरम के लिए दलाली करने के आरोपी तिकड़मी पत्रकार उपेंद्र राय को हाईकोर्ट ने आईना दिखा दिया। हाईकोर्ट ने कहा कि जो पत्रकार दूसरों के खिलाफ खबरें प्रकाशित करता रहा हो, आज...

0

सुप्रीम कोर्ट ने उपेद्र राय की गिरफ्तारी के मामले में दखल देने से किया इनकार!

सीबीआई द्वारा गिरफ्तार किए गए भ्रष्टाचार तथा संदेहास्पद आर्थिक लेनदेल के आरोपी पत्रकार उपेंद्र राय को आज सुप्रीम कोर्ट ने झटका दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने उसकी गिरफ्तारी के मामले में दखल देने से...

0

लम्बे समय तक ‘सेक्स’ न करना बना शादी रद्द होने का कारण !

पति पत्नी के बीच लम्बे समय तक निजी संबंध (सेक्स) नहीं होने को लेकर मुंबई हाई कोर्ट ने एक जोड़े की नौ साल पुरानी शादी को रद्द करने का फैसला सुनाया है! महाराष्ट्र के...

0

सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश और पत्रकारों के बीच मित्रता न्याय व लोकतंत्र के लिए खतरनाक है !

लुटियन पत्रकार सुप्रीम कोर्ट का एजेंडा सेट करने लगे हैं! सोनिया गांधी के बेहद खास शेखर गुप्ता सुप्रीम कोर्ट के चार न्यायधीशों की प्रेस वार्ता के आयोजक बनते हैं, और एलिट वर्ग का खासम-खास...

0

संविधान की भावना के खिलाफ मुख्य न्यायाधीश अपनी पसंद के न्यायधीशों की नियुक्ति पर अड़े हैं!

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश टी.एस.ठाकुर अपनी पसंद के न्यायाधीशों की नियुक्ति की जिद पर अड़े हैं, जो साफ-साफ संविधान की मूल भावना का उल्लंघन है। केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कल लोकसभा...

क्या माननीय मुख्य न्यायधीश महोदय निचली अदालत में जनता से उसकी भाषा छीनना चाहते हैं?

12 सितंबर 2016 के दैनिक जागरण राष्ट्रीय अखबार के पेज-7 पर एक खबर पढ़ी। पढ़कर काफी दुख हुआ। खबर इस देश की न्यायपालिका से जुड़ा था और बयान देश के वर्तमान मुख्य न्यायाधीश टी.एस.ठाकुर...

भारतीय न्यायपालिका के लिए शर्म की बात है मीलॉड! यह आपकी लाचारी है या देश में इंसाफ की बदनसीबी!

हमने तो यही पढ़ा और जाना है कि भारत की सुप्रीम कोर्ट के पास असीम शक्ति है मीलॉड! लेकिन इंसाफ के राज में किसी बुढे के दो जवान बेटों को तेजाब से नहला कर...

न्यायमूर्ति चेलामेश्वर की बगावत ने यह स्पष्ट कर दिया है कि मौजूदा न्याय व्यवस्था में सब कुछ ठीक नहीं है!

अनूप भटनागर । उच्चतर न्यायपालिका में न्यायाधीशों की नियुक्ति के लिये उनके नामों के चयन की प्रक्रिया को लेकर देश के पांचवें सबसे वरिष्ठ न्यायाधीश न्यायमूर्ति जे. चेलामेश्वर की खुली बगावत ने यह स्पष्ट...

इलाहबाद में भाई भतीजावाद के बाद, पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में भी भरे गए जजों के रिश्तेदार!

इसे केवल Nepotism (भाई-भतीजावाद) नहीं कह सकते है! एक दो जजों के रिश्तेदार यदि भरे जाएं तो भाई-भतीजावाद कह सकते हैं, लेकिन यदि बड़े पैमाने पर जजों की सिफरिश या रिश्तेदारी से हाईकोर्ट में...

तीस्ता सीतलवाड़ केस में दस्तावेजों की प्रमाणिकता संबंधी प्राथमिक नियमों की अनदेखी की गयी, न्यायाधीशों ने इस गलती के लिए किसे दंडित किया?

शंकर शरण । सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस काटजू ने न्यायपालिका की अंदरूनी गिरावट पर प्रश्न उठाया है। कम से कम उन की यह बात अनाधिकार नहीं है। यह गिरावट संविधान की समझ,...

न्यायपालिका में कॉलेजियम सिस्टम को क्यों बरकार रखना चाहते हैं न्यायाधीश ?

जब आम भारतीय़ चारो तरफ से हताश होता है तो उसे भारत की सबसे बड़ी अदालत से ही आखिरी उम्मीद होती है। आंखों पर पट्टी बांधे न्याय की देवी को देखकर ही तो उम्मीद...

न्यायाधीश बना खानदानी पेशा, भाई-भतीजावाद की भेंट चढ़ा इलाहाबाद हाईकोर्ट!

भारत की न्यायपालिका को भाई-भतीजावाद, वंशवाद और भ्रष्टाचार दीमक की तरह चाट रहा है! संविधान के तीन स्तंभों में से विधायिका और कार्यपालिका के भ्रष्टाचार पर तो सभी चर्चा करते हैं, लेकिन न्यायपालिका के...

क्या सुप्रीम कोर्ट से भी कुछ सड़ने की बू आ रही है मी-लॉड!

अब ये ना कीजिए मी-लॉड ! अब भारत के लोकतंत्र के पहरेदार को तो राजनीति का जामा न पहनाइए । लाख बुराई के बाद भी, बस यही खंभा तो बचा है जिसकी साख जनता...

मुख्य न्यायाधीश टी.एस ठाकुर के पिता डीडी ठाकुर इंदिरा-शेख समझौते के तहत जज के पद से इस्तीफा देकर बने थे जम्मू-कश्मीर में मंत्री!

भारत के मुख्य न्यायाधीश माननीय टी.एस. ठाकुर जी का सम्मान करते हुए लोकतंत्र को बचाने के लिए यह कहना जरूरी है स्वतंत्रता दिवस के दिन उन्होंने जो किया, उससे विशुद्ध राजनीति की ध्वनि उत्पन्न...

मी लार्ड यह बात कुछ हज़म नहीं हुई !

#अनुजअग्रवाल, संपादक, डायलॉग इंडिया एवं महासचिव,मौलिक भारत अरुणाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार की बहाली के निर्णय में माननीय उच्चतम न्यायालय ने कहा कि ” राज्यपाल का आचरण न सिर्फ निष्पक्ष होना चाहिए बल्कि निष्पक्ष...

ताजा खबर