Tagged: Mahatma Gandhi

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PM मोदी की पहली प्रेसवार्ता का निहितार्थ और गांधी-गोडसे विवाद में क्या हो राष्ट्रवादियों की भूमिका?

1) पांच साल में पहली बार प्रधानमंत्री मोदी ने प्रेसवार्ता किया। आखिर इसका निहितार्थ क्या है? 2) गोडसे को लेकर साध्वी प्रज्ञा के बयान के बीच असमंजस में फंसे हिंदुवादियों और राष्ट्रवादियों की भूमिका...

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महात्मा गांधी किसके… जो ज्यादा खादी बेचे उसके!

महात्मा गांधी और खादी का संबंध क्या रहा है यह बात किसी से छिपी नहीं है। अगर गांधी जिंदा होते और उनके सामने यह नारा लगाया जाता कि गांधी किसके? तो वे खुद इसे...

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महात्मा गाँधी ने पूरी जिंदगी अंग्रेजों का समर्थन किया, अब कब्र में पांव लटकाए उनके सचिव चाहते हैं कि नरेन्द्र मोदी की जगह कोई ‘विदेशी’ भारत का प्रधानमंत्री बने!

महात्मा गाँधी ने पूरी जिंदगी अंग्रेजों का समर्थन किया, अब कब्र में पैर लटकाए उनके सचिव चाहते हैं कि नरेन्द्र मोदी की जगह कोई ‘विदेशी’ भारत का प्रधानमंत्री बने! ऐसा लगता है कि गुलाम...

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गांधी जी और शास्‍त्री जी में कुछ समानता, लेकिन ढेर सारी असमानता!

महात्‍मा गांधी व लालबहादुर शास्‍त्री- दोनों की जयंती एक ही दिन होती है। दोनों में कुछ बातें समान थीं, जैसे- दोनों बेहद सादगी से जीते थे और दोनों स्‍वयं के प्रति ईमानदार थे। दोनों...

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धक…धक..करने लगा बापू का दिल?

पहली बार बापू की धड़क लांच हुई है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पर उनकी धड़कन का डिजिटल मोड लांच किया गया है। देश ही नहीं पूरी दुनिया में पहली बार बापू के दिल...

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मैं, मेरा बचपन और शास्त्रीजी!

शास्त्री जयंती पर विशेष। मैं, मेरा बचपन और लालबहदुर शास्त्रीजी! मैं तब आठवीं में था। सरकारी छात्रवृत्ति के कारण पटना से निकल कर उदयपुर के विद्याभवन स्कूल में पढ़ने पहुंचा था। मेरे जीवन में...

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आइए गांधी जयंती पर उस गांधी को याद करें, जिनकी एक गलती ने राष्ट्र को नरसंहार में झोंक दिया!

शंकर शरण। क्‍या आपने ध्यान दिया है कि कश्मीरी, बंगाली या पंजाबी हिन्दुओं के बीच महात्मा गांधी कभी लोकप्रिय नहीं रहे? कारण था, वास्तविक जीवन का सबक। अपने लंबे अनुभव से उन्होंने गांधीजी की...

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अपनी किताब की मार्केटिंग के लिए शहरी नक्सलियों के बचाव में उतरे रामचंद्र गुहा!

गांधी के नाम पर पहले ही दो किताबें ‘इंडिया आफ्टर गांधी ‘ तथा ‘गांधी बिफोर इंडिया’ लिख चुके इतिहासकार रामचंद्र गुहा ने एक बार फिर नई किताब ‘गाँधी: दि ईयर दैट चेंज्ड दि वर्ल्ड...

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महात्मा गांधी से लेकर राहुल गांधी तक, कांग्रेस के DNA में ही नहीं है लोकतंत्र!

कर्नाटक प्रकरण को लेकर आज-कल लोकतंत्र और उसकी हत्या का शोर हर जगह मचा है! शोर मचाने वालों में कांग्रेस और उसके अध्यक्ष राहुल गांधी सबसे आगे दिखते हैं! जबकि कांग्रेस के इतिहास पर...

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आंबेडकर का दलितिस्तान बन चुका है, बस इसकी घोषणा बाकी है!

दयानंद पांडेय। फर्क यही है कि जिन्ना देश तोड़ने में तभी सफल हो गए थे! अंबेडकर अब सफल होते दिख रहे हैं। जिन्ना के पाकिस्तान की ही तरह दलितिस्तान का मुद्दा अंबेडकर ने उठाया...

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द्वितीय विश्‍व युद्ध में गांधी ब्रिटेन को दोस्‍त कह रहे थे और सुभाष अंग्रेजों को मिटाने पर आमदा थे!

पुरानी कहावत है, दूसरे के फटे में टांग अड़ाना। जब द्वितीय विश्‍व युद्ध शुरु हुआ तो गांधी जी के नेतृत्‍व में कांग्रेस ब्रिटिश शासन को बार-बार मदद देने का प्रस्‍ताव दे रही थी, जबकि...

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बुद्ध और महावीर की धरती पर जब गांधी को अहिंसा का पुजारी कहा जाता है तो मुझे भारतीयों की मूढ़ता पर केवल तरस आता है!

गांधी जी को फिर से परिभाषित करने की जरूरत है, क्‍योंकि जितना मैंने उन्‍हें पढा है, उनके व्‍यक्तित्‍व में अहंकार को मैंने जबरदस्‍त पाया है। वह अपनी बात दूसरों पर थोपते थे। जो नहीं...

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गांधी जी और शास्‍त्री जी में कुछ समानता लेकिन ढेर सारी असमानता

गांधी जी और शास्‍त्री जी में कुछ समानता, लेकिन ढेर सारी असमानता! ‪#‎संदीपदेव‬। आज महात्‍मा गांधी व लालबहादुर शास्‍त्री- दोनों की जयंती है। दोनों में कुछ बातें समान थीं, जैसे- दोनों बेहद सादगी से...

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