Watch ISD Live Now Listen to ISD Radio Now

Tagged: movie review

0

कश्मीर फ़ाइल्स में नरसंहार देखने के बाद नींद उड़ गई है मेरी

दयानंद पांडेय । आज और कल दो रात ठीक से सो नहीं सका। दिन में सोने की कोशिश की। फिर नहीं सो सका। कश्मीरों पंडितों का नरसंहार सोने नहीं देता। कुछ और सोचने नहीं...

0

मूवी रिव्यू: टेनेट देखकर लगा ‘चावल खाते-खाते कोई कंकड़ दांत में आकर फंस गया हो।’

निर्देशक के लिए आवश्यक था कि वह इस जटिलता को आसान कर दर्शकों को समझाता। आखिर हर दर्शक तो भौतिक विज्ञानी नहीं होता।

0

movie review : संत आसाराम पर ऊँगली उठाती एक नाकाम फिल्म है आश्रम

आश्रम का पहला सीजन देखने के बाद ये कहना होगा कि प्रकाश झा ने भी वही काम किया, जो शाहरुख़ खान क्लास ऑफ़ 83 बनाकर कर गए हैं। वास्तविक घटनाओं पर लिखी कहानी में काल्पनिक चरित्र डालकर परदे पर पेश करना अब एक निकृष्ट परंपरा बनती जा रही है।

0

मूवी रिव्यू: रक्तरंजित कथा के ठूंठ पर प्रेम तितली आ बैठती है

पैंसठ साल का रघुवेन्द्र सिंह ने अपनी दूसरी शादी एक जवान लड़की से रचाई है, जो उससे आधी उम्र की है। ठाकुर ने इस लड़की को ख़रीदा था। शादी की रात ही रघुवेंद्र सिंह...

0

टाइटल में भगवान का नाम जोड़ दो, फिर मीडिया मुफ्त में फिल्म का प्रचार करेगा

फिल्म रिव्यू कृष्णा एंड हिज लीला इस फिल्म के साथ कृष्ण का नाम न जुड़ा होता तो ये औसत से भी कम प्रदर्शन करती। निर्देशक रविकांथ पेरेपु की फिल्म ‘कृष्णा एंड हिज लीला’ एक...

0

‘रसभरी’ उनके फ़िल्मी कॅरियर की आखिरी अश्लील सलामी है

वेब सीरीज़ रिव्यू स्वरा भास्कर को आशा नहीं होगी कि उनकी नई वेब सीरीज़ ‘रसभरी’ को दर्शक उनकी सार्वजानिक छवि से जोड़ लेंगे। एक उन्मुक्त, कामुकता से भरी स्त्री की ये सार्वजनिक छवि उनकी...

0

फिल्म रिव्यू : ‘गुलाबो-सिताबो’ अब्स्ट्रक्ट पेंटिंग है, जो ड्राइंगरूम में ही रखी रह जाएगी

फिल्म बनाना इश्क करने की तरह है। किसी फिल्म निर्देशक का ये इश्क दर्शक को हमेशा समझ में आ जाए, जरुरी नहीं है। कोई पेंटिंग दिल के बेहद करीब होती है लेकिन बाज़ार में...

0

फिल्म रिव्यू : भूत (पार्ट वन) : द हॉन्टेड शिप – विकी के अभिनय के लिए ये हादसा नहीं झेला जा सकता

हॉरर जॉनर में फिल्म बनाना बड़े जोखिम का काम है। ऐसी फिल्मों में नकारात्मकता बहुत होती है और अधिकांश सुखद अंत पर समाप्त नहीं होती। हिन्दी में बनी भूतिया फिल्मों का सफलता प्रतिशत कम...

0

Movie review : Love Aaj Kal 2: कार्तिक का अभिनय ही इस फिल्म का हासिल है!

इम्तियाज़ अली की लव आजकल : 2 पहाड़ियों से गुजरती रेल का सफ़र है। कभी रेल खुशनुमा धूप में वादियों के नज़ारें दिखाती है तो कभी बोगदों में प्रवेश करते ही मनहूस अंधेरा छा...

1

Film review: उथले पानी में तैरता है ‘Shikara’!

विधु विनोद चोपड़ा की फिल्म ‘शिकारा’ में दहशत दिखाई देती है, दहशतगर्द नहीं। गोलियां दिखाई देती हैं, बंदूक नहीं। घर जलते हैं लेकिन जलाने वाले हाथ दिखाए नहीं जाते। मानो ये दहशत बिना सिर-पैर...

0

Movie Review jawani janeman: यदि आप एक सुसंस्कृत भारतीय दर्शक हैं तो इसे देखकर कुछ समय के लिए सिनेमा से आपको अरुचि हो सकती है!

जसविंदर उर्फ़ जैज कॉलेज की परीक्षा में फेल होने का जश्न मनाने लंदन से एमस्टडर्म जाता है। वहां एक लड़की के साथ वन नाइट स्टैंड के बाद लौट आता है। कई साल बाद जैज ...

ताजा खबर