Tagged: movie review

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हर आदमी के भीतर एक ‘जोकर’ छुपा है

काल्पनिक शहर ‘गॉथम सिटी’ डीसी कॉमिक्स के पन्नों से लेकर बैटमैन की  फिल्मों में दिखाया जाता रहा है। गॉथम का समाज सुसभ्य होते हुए भी भीतरी  बीमारियों से जूझ रहा है। वह अपने अदृश्य...

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ऋत्विक का स्टारडम ही ‘वॉर’ की यूएसपी है

मेजर कबीर लूथरा आर्मी से गद्दारी कर फरार हो गया है। कबीर को खोजने के लिए खालिद खान को जिम्मेदारी दी जाती है। स्पेशल एजेंट खालिद और कबीर के बीच एक चूहा-बिल्ली का खेल...

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‘प्रतिशोधी रिव्यू’ के कारण आप कहीं एक नेक फिल्म देखने से वंचित न रह जाए

सत्तावन के स्वाधीनता संग्राम की भीषण आग सुलगने से ग्यारह साल पहले ब्रिटिश राज को एक छोटी सी चिंगारी ने भयभीत कर दिया था। वह चिंगारी न भड़कती तो 1857 में मंगल पाण्डे की...

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कम बजट की ड्रीमगर्ल चलेगी लेकिन दिल में नहीं उतरेगी

जब तक दर्शकों को ये पता चलता कि महज तीस करोड़ की लागत से बनी फिल्म ‘ड्रीमगर्ल’ कैसी फिल्म है, ये पहले ही दिन आयुष्यमान खुराना की स्टार पॉवर से नौ करोड़ से ज्यादा...

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फिल्म समीक्षा : छिछोरे, न आंसू रोक पाएंगे और न हंसी.

आत्महत्या की कोशिश कर चुका अनिरुद्ध का बेटा आईसीयू में अपनी वापसी की लड़ाई लड़ रहा है। अस्पताल के बाहर अनिरुद्ध कहता है ‘उस दिन मैंने कहा था तू सिलेक्ट हो जाएगा तो साथ...

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फ़िल्म समीक्षा : भारत के मंगलयान के बनने और लॉन्च होने की कहानी कहती अक्षय कुमार की Mission Mangal

‘मिशन मंगल का प्रमुख राकेश धवन और प्रोजेक्ट डायरेक्टर तारा शिंदे की टीम के युवा वैज्ञानिक होने के साथ सरकारी नौकर भी हैं। वे अपने काम को सुबह 9 से 5 की ड्यूटी मानते...

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फिल्म समीक्षा : कांग्रेस काल में आतंक के नाम पर खेले गये खेल को उजागर करती जाॅन इब्राहिम की बटला हाउस!

डीसीपी संजीव कुमार यादव की टीम दिल्ली के ज़ाकिर नगर पहुंची है। यहाँ बाटला हॉउस के एल-18 नंबर के घर में इंडियन मुजाहिदीन के संदिग्धों के छुपे होने की सूचना है। संजीव को बाटला...

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फिल्म समीक्षा: संजीदा वायलन पर दर्द भरी धुन का ऐहसास कराता Super 30

‘आनंद के शहर की लाइब्रेरी में विदेशी जर्नल्स नहीं आते इसलिए वह दूसरे शहर के कॉलेज की लाइब्रेरी में जाकर जर्नल पढ़ता है। लाइब्रेरियन उसे पकड़ लेता है और धक्के देकर बाहर निकाल देता...

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स्पाइडर का रोमांटिक जाल!

सिनेमा के परदे पर पीटर पारकर और एमजे का टीनएज रोमांस देखते-देखते सत्रह साल का हो चुका है। इन सत्रह सालों में पीटर और उसकी टीम दो बार ‘रिबूट’ हो चुकी है। स्पाइडरमैन की...

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फिल्म समीक्षा : सच्चा है आर्टिकल 15 और झूठी है ये फिल्म!

भारत में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को स्वछंदता समझ लिया गया है। ये स्वछंदता हिन्दी फिल्मों द्वारा बेझिझक अपनाई जाती है। कल प्रदर्शित हुई ‘आर्टिकल 15’ इसी तरह की बेलगाम अभिव्यक्ति है। फिल्म में ऐसे...

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फ़िल्म समीक्षा: कैप्टन मार्वल, आकाशगंगा में विचरती अत्याधुनिक सभ्यताओं के बीच महायुद्ध की गाथा

एवेंजर्स का अपना अलग ही संसार है। आकाशगंगाओं में विचरती अत्याधुनिक सभ्यताओं के बीच महायुद्ध की ये गाथा रोमांचक ढंग से समाप्ति की ओर बढ़ रही है। कैप्टन अमेरिका, आयरन मैन, ब्लैक पैंथर, स्पाइडर...

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इस वीकेंड बॉक्स ऑफिस राष्ट्र के नाम समर्पित हुआ

मेजर विहान के जीजा करण उरी में हुए आतंकी हमले में शहीद हो जाते हैं। विहान की भांजी सलामी के समय ‘वार क्राई’ गाती है। उसके बिलखते स्वर सुन  सख्त दिल फौजी रो पड़ते...

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रणवीर सिंह के कंधों पर सवार है ‘सिम्बा’

नेट पर पता चला कि फिल्म समीक्षक तरण आदर्श को सिम्बा की सकारात्मक समीक्षा के लिए ट्रोल किया गया। ट्रोल करने वाले शाहरुख़ के प्रशंसक थे, जो ‘जीरो’ की निगेटिव रिव्यू के कारण उनसे...

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‘एक्वामैन’ ने बॉक्स ऑफिस के समुद्र में लगाई ‘एक हज़ार करोड़ की डुबकी’

वार्नर ब्रदर्स की फिल्म ‘एक्वामैन’ ने प्रदर्शित होने के साथ ही विश्व सिनेमा में अच्छा-खासा तांडव मचाकर रख दिया है। सबसे पहले इसे चीन  उतारा गया, जहाँ एक्वामैन ने पांच दिन में 600 करोड़...

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फिल्म समीक्षा : ‘केदारनाथ’ खुद एक हादसा बनकर रह जाती है

किसी फिल्म में कलात्मक वीडियोग्राफी, वीएफएक्स इफेक्ट और आइटम गीत एक ‘महंगी तश्तरी’ की तरह होते हैं। दर्शक को इस महंगी तश्तरी में रखे ‘कंटेंट’ से मतलब होता है। वह तश्तरी की सुंदरता देखना...

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फिल्म समीक्षा : चिट्टी का अपग्रेडेड वर्जन ‘2.0’ आपको हैरानी में डाल देगा!

पक्षी विज्ञानी ‘पक्षी राजन‘ दुनिया को मोबाइल के खतरों से आगाह करता है लेकिन कोई उसकी बात नहीं सुनता। अपने पक्षियों की मौत से दुखी पक्षी राजन आत्महत्या कर लेता है। उसकी ‘आत्मा का...

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जो बड़े हमलों से नहीं हारे, वे छोटी जरूरतों से हार गए – अस्सी मोहल्ला

‘बनारस के घाट पर एक विदेशन पहुंची है। वह घाट पर बैठे साधु से कुछ सवाल करती है। साधु उसके प्रश्न का उत्तर एक स्लेट पर लिखकर देता है। पहला सवाल ‘आज से दस...

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घर के बाहर पड़ा ‘पटाखों का कचरा’ भी ‘ठग्स ऑफ़ हिन्दोस्तान’ से होता है सुंदर!

गुरुवार की दोपहर ‘ठग्स ऑफ़ हिन्दोस्तान’ का पहला शो खत्म होते ही ट्वीटर पर इस फिल्म के नाम से बनने वाले ‘मेमे’ की बाढ़ आ गई। यदि पहले ही शो के बाद ऐसी तीखी...

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क्राइम और थ्रिल की कॉकटेल है आयुष्मान खुराना की ‘अंधाधुन’!

पति सरप्राइज देने के लिए घर पहुंचा है। घर पर पत्नी अपने प्रेमी के साथ आपत्तिजनक अवस्था में मिली है। भेद बाहर न जाए इसलिए दोनों ने मिलकर पति की हत्या कर डाली है।...

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‘लवयात्री’ फिल्म समीक्षा- बकवास से थोड़ी ज्यादा और बेवकूफी से थोड़ी कम!

निर्माता सलमान खान की फिल्म ‘लवयात्री’ गजब फिल्म है। इसे देखने के बाद दर्शक सूचनाओं के एक नए संसार में प्रवेश कर जाता है। उसे मालूम होता है कि नवरात्रि केवल गरबों और प्यार-मोहब्बत...

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