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Tagged: Naxal Attack

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जवान राजेश्वर सिंह मन्हास को नक्सलियों ने किया रिहा!

Archana Kumari. कोबरा कमांडो राकेश्वर सिंह मन्हास को नक्सलियों ने रिहा कर दिया।  केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सीआरपीएफ जवान  से फोन पर बातचीत कर कुशल क्षेम पूछी और उन्हें हर संभव मदद...

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नक्सलियों के खात्मे के लिए तेज होगा सुरक्षाबलों का ऑपरेशन!

Archana Kumari. छत्तीसगढ़ के बीजापुर हमले के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुठभेड़ में घायल जवानों से की मुलाकात तथा उन्होंने कहा नक्सलियों के खात्मे के लिए तेज होगा सुरक्षाबलों का ऑपरेशन।...

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नक्सली हमला आखिर कब तक ?

Archana Kumari. एक बार फिर छत्तीसगढ़ के बीजापुर में हुए नक्सली हमले में 22 जवान शहीद हो गए जबकि 31 जवान घायल हैं। इतना ही नहीं एक जवान लापता भी है।इस मुठभेड़ में घायल...

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माओवादी हमले में बलिदान हुए हमारे जवानों को नमन!

छत्तीसगढ़ में हमले का मास्टरमाइंड माओवादी हिदमा है, जिसके रिश्ते ‘द वायर’ वाले सिद्धार्थ वरदराजन की शहरी माओवादी और दिल्ली विश्वविद्यालय में प्रोफेसर पत्नी नंदिनी सुंदर और बेला भाटिया से है। इस मुद्दे पर...

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नक्सलवाद से लड़ने का नाटक बंद हो!

राजीव रंजन प्रसाद. बस्तर, छत्तीसगढ में नक्सली हत्या एक परिपाटी और श्रद्धांजलि देना औपचारिकता भर है। जवानों की इस देश को कितनी चिंता है इसकी बानगी लेनी है तो देखें कि आज सभी अखबारों...

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मोदी सरकार में नक्सली वारदातों में कमी आने के बाद भी खतरे में है ‘कामी-वामियों’ के लिए लोकतंत्र!

वामियों-कांगियों की कथनी और करनी में ही अंतर नहीं होता उसका विश्लेषण भी समझ से परे ही होता है। वामियों के साथ कांगी भी हर ओर यह शोर मचाने में जुटे हैं कि मोदी...

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मुठभेड़ में हुई नक्सलियों की मौत पर ही जागते हैं सोनी सोढ़ी, बेला भाटिया और नंदनी सुंदर!

फ़ारूख अली। रोज निर्दोषों को हत्यायें करते हैं नक्सली! बुद्धिजीवी, समाज सेवी संगठन इन घटनाओं पर ख़ामोश रहते हैं बस्तर को नक्सली रोज जला कर हाथ सेंकते हैं। मानवा-अधिकार कार्यकर्ता और लीगल एड वाले!...

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नक्सलवाद की जड़ में आखिर कौन? माओवाद प्रेमी प्रोफेसर नलिनी सुंदर, उनके वामपंथी पत्रकार पति सिद्धार्थ वरदराजन और सुप्रीम कोर्ट का वह फैसला!

दिल्ली विश्वविद्यालय की प्रोफेसर नंदिनी सुंदर और जेएनयू की प्रोफेसर अर्चना प्रसाद पर आरोप है कि यह बस्तर के जंगलों में सैनिकों का खून बहाने वाले माओवादियों की बौद्धिक साथी हैं। पुलिस में दर्ज...

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नक्सलवाद की जड़ में आखिर कौन? छत्तीसगढ़ के जंगलों से नक्सलियों का खात्मा उसी दिन होगा, जब देश के संस्थानों और पत्रकारिता से वामपंथियों को मिटाया जाएगा!

मन उदास है। दांतेबाड़ा, सुकमा आदि के जंगलों में नक्सलियों द्वारा हमारे जवानों को शहीद किया जा रहा है और चाह कर भी सरकार उन्हें जड़ से नष्ट नहीं कर पा रही है। देखा...

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