Watch ISD Live Now Listen to ISD Radio Now

Tagged: patriotic poem

0

औरत का हौसला

कमलेश कमल. औरत में ख़ून की कमी हो सकती हैहौसले की नहींघर या बाहररसोई या बिस्तरकहीं वह होती नहीं कमतर छूटे अपनोंऔर टूटे सपनों से भीनहीं टूटती औरतसब कुछ झोंकघर बसाती-सजाती हैऔर तो औरघिसती...

0

प्रभु जी तुम दीपक हम बाती, जाकी ज्योति बरै दिन-राती’ का वास्तविक अर्थ!

कमलेश कमल. कबीर के समकालीन ही बनारस में एक ऐसे समदर्शी संत हुए, जिनके भक्ति परक अवदान पर तो कार्य हुआ है, लेकिन बौद्धिक-चिंतन और समतामूलक समाज के स्थापन हेतु प्रयासों पर अपेक्षाकृत कम...

0

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देश को समर्पित कविता पाठ!

जिस स्वतंत्रता को हम सब इतनी सहजता से लेते हैं जैसे कि यह हमें विरासत में मिली हो, उसे हासिल करने के लिये कैसे कैसे बलिदान दिये गये, हम कल्पना भी नहीं कर सकते....

ताजा खबर