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Tagged: Sanatan dharma

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मंदसौर निवासी शेख जफर कुरैशी ने स्वामी चिदम्बरानन्द सरस्वती जी की के समक्ष सनातन धर्म में घर वापसी की।

घर वापसी से पहले मुझसे जफर जी की बात हुई थी। उनसे मेरी पहचान भाई विशाल शर्मा ने कराई थी। जफर ने बताया था कि किस तरह से सनातन धर्म के प्रति बचपन से...

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परमकल्याण के कारक शनिदेव

श्वेता पुरोहित । शनिदेव परमकल्याण कर्ता न्यायाधीश और जीव का परमहितैषी ग्रह माने जाते हैं। ईश्वर पारायण प्राणी जो जन्म जन्मान्तर तपस्या करते हैं, तपस्या सफ़ल होने के समय अविद्या, माया से सम्मोहित होकर...

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श्रीहरि भगवान के गोविन्दा नाम का रहस्य !

श्वेता पुरोहित । एक अत्यंत रोचक घटना है, माँ महालक्ष्मी की खोज में भगवान विष्णु जब भूलोक पर आए, तब यह सुंदर घटना घटी। भूलोक में प्रवेश करते ही, उन्हें भूख एवं प्यास मानवीय...

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भगवान नरसिंह देव के प्रकटीकरण दिवस पर जानिए कि उन्होंने कहां मारा था हिरण्यकशिपु को! और वो स्थान आज कहां है?

भगवान विष्णु के चतुर्थ अवतार भगवान नरसिंह देव के प्रकटोत्सव पर सभी सनातनियों को ढेर सारी शुभकामनाएं। भगवान नरसिंह ने वैशाख माह के शुक्लपक्ष की चतुर्दशी तिथि पर प्रकट होकर भक्त प्रह्लाद की रक्षा...

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ज्ञानवापी तीर्थ का स्कंद पुराण के काशी खण्ड पूर्वार्ध में वर्णन !

श्वेता पुरोहित। ईशानके द्वारा ज्ञानोद (ज्ञानवापी) तीर्थका प्राकट्य, ज्ञानवापी की महिमाके प्रसंगमें सुशीला (कलावती)-की कथा, काशीके विविध तीर्थोका वर्णन विविध तीर्थों का वर्णन अगस्त्यजी बोले-स्कन्द! अब आप ज्ञानोद सहर तीर्थका माहात्म्य बतलाइये, क्योंकि स्वर्गवासी...

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माता सीता जन्मोत्सव विशेष.माता सीता के जन्म से जुड़ी कथा और वाल्मीकि रामायण।

श्वेता पुरोहित । सीता नवमी वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की नवमी को कहते हैं। धर्म ग्रंथों के अनुसार इसी दिन सीता का प्राकट्य हुआ था। इस पर्व को “जानकी नवमी” भी कहते हैं।...

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जिसे अपना इतिहास नहीं पता वह कुलटा-पुत्र के समान है!

स्वजातिपूर्वजानां तु यो न जानाति संभवम्।स भवेत् पुंश्चलीपुत्र सदृश: पितृवेदक।। अर्थात्:- जो व्यक्ति अपने पूर्वजों के इतिहास से अनभिज्ञ है, वह उस कुलटा-पुत्र (पुंश्चलीपुत्र) के समान है, जो यह नहीं जानता कि उसके पिता...

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हिंदू राष्ट्र का दायित्व योगी आदित्यनाथ को दिया जाए

अर्चना कुमारी । शंखध्वनी, मंत्र उच्चारण के साथ डॉ श्याम प्रसाद मुखर्जी राष्ट्रीय विचार मंच भारत की 42वी राष्ट्रीय चिंता बैठक का शुभारम्भ हुआ।  भारत के 1258, देश के लिए समर्पित कार्यकर्ता ने भाग...

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सनातन और पश्चिम की दो राहों में फंसा पति – पत्नी संबंध

आदित्य जैन । सनातन परम्परा में पत्नी को जीवन संगिनी ( संपूर्ण जीवन संग रहने वाली ) , भार्या ( भार को वहन करने वाली ) , धर्म पत्नी ( कर्तव्य का बोध कराने...

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भगवान श्रीकृष्ण ने गीता में यह क्यों कहा, स्वधर्मे निधन श्रेय: परधर्मो भयावह:।

जब तक हिंदुओं का अपने धर्म पर अटल विश्वास था, धर्म पग-पग पर उनकी रक्षा करता था। जब से हिंदुओं का धर्म-बंधन शिथिल हुआ धर्म ने उसका साथ छोड़ दिया। और यह धर्म-बंधन शिथिल...

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वर्ष प्रतिपदा

हेमंत शर्मा । चैत्र प्रतिपदा, यानी गुड़ी पड़वा, अपना न्यू ईयर, नवीनता का पर्व। हम यह मानते हैं कि दुनिया इसी रोज बनी थी। यह हमारा नया साल है, लेकिन अपना यह नववर्ष रात...

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भारतीय दर्शन और संस्कृति की सनातन परम्परा को पुनर्जीवन दे रहे हैं प्रो. ऋषिकांत पाण्डेय

आदित्य जैन । वर्तमान समय में भारत के विश्वविद्यालयों में ऐसे शिक्षक दुर्लभ हैं जो अपने विद्यार्थियों से असीम प्रेम करते हो , अपने विषय के प्रकांड विद्वान हो तथा भारतीय दर्शन और संस्कृति...

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कर्नाटक: महालिंगेश्वर मंदिर के वार्षिक महोत्सव में केवल हिंदू लगाएँगे दुकान, शिवमोगा और उडुपी के मंदिर भी कर चुके हैं ऐलान

कर्नाटक में पिछले दिनों हिजाब विवाद के कारण जो माहौल बना उसके बाद राज्य के कई मंदिरों ने अपने वार्षिक महोत्सव कार्यक्रमों में स्टॉल लगाने की अनुमति केवल हिंदुओं तक सीमित कर दी है।...

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सनातन धर्म के लिए KGF का कोर्स तैयार!

आपको बताते हुए अत्यंत हर्ष हो रहा है कि Kurukshetra Gurukulam foundation (KGF) का One Year Diploma in Sanatan Dharma & Studies (DSDS) का कोर्स तैयार हो चुका है। इसमें पूरे सनातन इतिहास, दर्शन,...

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गोरखनाथ जी कौन हैं ?

समय का प्रवाह भी बड़ा विचित्र है जिसमें बहकर कई हीरे, मोती, रत्न एवं चंदन के पवित्र और सुगंधित तरु अनन्त समुद्र में समा जाते हैं। योगीराज गुरु गोरखनाथ या गोरक्षनाथ जी भी ऐसी...

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भारत में 7 लाख 32 हज़ार गुरुकुल एवं #विज्ञान की 20 से अधिक शाखाएं थी।

गुरुकुल” के बारे में बहुत से लोगों को यह भ्रम है की वहाँ केवल संस्कृत की शिक्षा दी जाती थी जो की गलत है। भारत में विज्ञान की 20 से अधिक शाखाएं थी। 1-...

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विद्या, बुद्धि, चेतना, वाणी स्त्रिलिंग है, क्योंकि इनकी अधिष्ठात्री मां सरस्वती हैं।

विद्या, बुद्धि, चेतना, वाणी स्त्रिलिंग है, क्योंकि इनकी अधिष्ठात्री मां सरस्वती हैं। शास्त्र कहते हैं कि बिना विद्या, बुद्धि का विकास नहीं होता, और जब तक बुद्धि विकसित नहीं होती, चेतना जागृत नहीं होती,...

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दुनिया में सनातन की और लोग आ रहे हैं इसका आपने इतना बढ़िया विश्लेषण किया है, कि दिल बाग बाग हो गया।

P U Thakkar. बहुत अर्से के बाद दिल को सुकून मिला। मैं तो खुश हो ही गया था यह सुनकर। लेकिन ज्यादा खुशी तो इससे मिली जब आपके चेहरे पर जो चमक देखी, जो...

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