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Tagged: Sanatan dharma

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करें यह सरस्वती वंदना, होगा कल्याण!

विकास थपलियाल। सरस्वती वंदना ॐ रवि-रुद्र-पितामह-विष्णु-नुतं, हरि-चन्दन-कुंकुम-पंक-युतम्!मुनि-वृन्द-गजेन्द्र-समान-युतं, तव नौमि सरस्वति! पाद-युगम्।।१शशि-शुद्ध-सुधा-हिम-धाम-युतं, शरदम्बर-बिम्ब-समान-करम्।बहु-रत्न-मनोहर-कान्ति-युतं, तव नौमि सरस्वति! पाद-युगम्।।२कनकाब्ज-विभूषित-भीति-युतं, भव-भाव-विभावित-भिन्न-पदम्।प्रभु-चित्त-समाहित-साधु-पदं, तव नौमि सरस्वति! पाद-युगम्।।३मति-हीन-जनाश्रय-पादमिदं, सकलागम-भाषित-भिन्न-पदम्।परि-पूरित-विश्वमनेक-भवं, तव नौमि सरस्वति! पाद-युगम्।।४सुर-मौलि-मणि-द्युति-शुभ्र-करं, विषयादि-महा-भय-वर्ण-हरम्।निज-कान्ति-विलेपित-चन्द्र-शिवं, तव नौमि सरस्वति! पाद-युगम्।।५भव-सागर-मज्जन-भीति-नुतं, प्रति-पादित-सन्तति-कारमिदम्।विमलादिक-शुद्ध-विशुद्ध-पदं, तव नौमि...

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सनातन और खालसा का अलगाव दोनों के लिए विनाशकारी होगा- महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी जी

हर हर महादेव और सतश्री अकाल के जयघोष से गुंजा शिवशक्ति धाम डासना आज 23 जनवरी 2023 को शिवशक्ति धाम डासना में इतिहास पुनः जीवन्त हुआ, वर्तमान को एक नया आयाम मिला, भविष्य की...

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विकल्प नहीं है का रोदन करने वालों सुनो हमारी निष्ठा किसके साथ है।

हमारी निष्ठा कहाँ है? – हमारी निष्ठा हमारे देव, धर्म, संस्कृति, राष्ट्र तथा देश पर है।– हमारी निष्ठा किसी व्यक्ति, समुदाय, पक्ष या संगठन पर नहीं है।– हमारे लिए देव-धर्म से बढ़कर कोई भी...

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पारदेश्वर महादेव के विधिवत पूजन के साथ आरम्भ हुआ शिवशक्ति धाम में श्रीचंडी व माँ बगलामुखी महायज्ञ

आज शिवशक्ति धाम डासना में सभी सनातन धर्मावलंबियों को जगद्जननी माँ जगदम्बा व महादेव की अखण्ड भक्ति की प्राप्ति,सद्बुद्धि की प्राप्ति, सनातन धर्म की रक्षा, सनातन धर्म के मानने वालों के घर परिवार सहित...

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माँ बगलामुखी और महादेव का महायज्ञ साक्षात कल्पवृक्ष है-महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी जी

आज शिवशक्ति धाम डासना में सौभाग्यवती बहनों द्वारा भव्य कलशयात्रा के साथ 111 दिवसीय शिवशक्ति महानुष्ठान का शुभारंभ हुआ।आज कलशयात्रा में गाज़ियाबाद के हर हिस्से से आई सौभाग्यवती बहनों ने बड़े उत्साह से भाग...

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सनातन ही जीवन

सारा कुमारी । (सनातन ही जीवन) SM के प्रादुर्भाव से आजकल हर तरफ़ चर्चा हो रही है, वाद विवाद हों रहा है, एक तरह का वाक युद्ध हो रहा हैं। हर आम आदमी को...

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हिन्दू बचाओ मोर्चा को सबसे पहला समर्थन भूमापीठाधीश्वर दण्डी स्वामी अच्युतानंद तीर्थ जी महाराज ने दिया

आज सर्वानंद घाट पर गंगाजल की शपथ लेकर महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी जी महाराज तथा कार्ष्णि स्वामी अमृतानंद जी ने अपने साथियों के साथ हिन्दू बचाओ मोर्चा बनाने की घोषणा की।घोषणा करते समय उनके...

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यति नरसिंम्हानंद जी की अपील, करें यज्ञ में आर्थिक योगदान।

मैं श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़ा का महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी यह बात अच्छी तरह से समझ गया हूँ कि किसी भी व्यक्ति,समाज और समूह का विनाश होने से पहले व्यक्ति,समाज या समूह की बुद्धिभ्रष्ट होती...

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वाल्मीकि रामायण (भाग 15) मिथिला में विवाह की बातचीत

सुमंत विद्वांस मिथिला में विवाह की बातचीत तय हो ही रही थी कि भरत के मामा युधाजित भी वहाँ आ पहुँचे। उन्होंने दशरथ जी को प्रणाम करके कहा, “महाराज! केकय नरेश ने आपका कुशल...

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गुरुत्वाकर्षण…

कहते हैं न्यूटन ने सेब फल को गिरते देखा और गुरुत्वाकर्षण का पता लगाया, एक सेब को गिरते देख लिया और पृथ्वी के अंदर गुरुत्वाकर्षण खोज लिया। वाह रे मेरे खोजी, कितनी चीजें ऊपर...

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सनातन धर्म ने जो सदियों पहले कहा, आज उसी की पुष्टि अमेरिकी शोध कर रहा है!

संदीप देव । सनातन धर्म में कहा गया कि रात में जूठा बर्तन नहीं छोड़ते, इससे मां लक्ष्मी रुष्ठ होती हैं। धन-संपदा की हानि होती है। लोग अपने धन-वैभव की रक्षा के लिए ही...

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वाल्मीकि रामायण (भाग 7)

सुमंत विद्वांस । दशरथ जी ने श्रीराम को प्रसन्नतापूर्वक महर्षि विश्वामित्र को सौंप दिया। आगे-आगे विश्वामित्र, उनके पीछे श्रीराम व उनके पीछे सुमित्रानंदन लक्ष्मण चल पड़े।उन दोनों भाइयों के हाथों में धनुष थे और...

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नासदीय सूक्त EP-6

डॉ रजनी रमण झा । नासदीय सूक्त (ऋग्वेद, मण्डल १०, सूक्त -१२९)……………………………………….. (६) को अद्धा वेद क इह प्र वोचत् कुत आजाता कुत इयं विसृष्टि: ।अर्वाग्देवा अस्य विसर्जनेनाथा को वेद यत आबभूव ।। अर्थ...

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वाल्मीकि रामायण (भाग 5)

सुमंत विद्वांस । यज्ञ समाप्त होने पर सभी लोग अपने-अपने घरों को वापस लौट गए। राजा दशरथ भी अपनी पत्नियों, सेवकों, सैनिकों आदि के साथ अपने नगर को लौट आए।यज्ञ की समाप्ति के बाद...

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वाल्मीकि रामायण (भाग 3)

सुमंत विद्वांस महर्षि ऋष्यश्रृंग के मार्गदर्शन में श्रेष्ठ ब्राह्मणों ने महाराज दशरथ के अश्वमेध महायज्ञ का प्रारंभ किया। वे सभी ब्राह्मण अत्यंत विद्वान थे, अतः यज्ञ के प्रत्येक कर्म को शास्त्रों में वर्णित क्रम...

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वाल्मीकि रामायण (भाग 2)

सुमंत विद्वांस । महाराज दशरथ इस बात से हमेशा दुःखी और चिंतित रहते थे कि उनका कोई पुत्र नहीं था।यही सब सोचते-सोचते एक दिन उनके मन में विचार आया कि क्यों न पुत्र प्राप्ति...

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“हिन्दू कौन?’

कमलेश कमल । विश्व के सबसे प्राचीन धर्म ‘हिंदू’ के नाम की उत्पत्ति, इतिहास और प्रयोग को लेकर बहुधा स्पष्टता का अभाव दिखता है। जबकि 5000 वर्ष पूर्व किसी और धर्म का अस्तित्व ही...

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माँ बगलामुखी और महादेव की शरण में आकर ही सनातन धर्म और सम्पूर्ण मानवता की रक्षा का लक्ष्य सम्भव-महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी

आज शक्तिपीठ ज्वाला जी माता मंदिर में सभी सनातन धर्मावलंबियों को जगद्जननी माँ जगदम्बा व महादेव की अखण्ड भक्ति की प्राप्ति,सद्बुद्धि की प्राप्ति, सनातन धर्म की रक्षा, सनातन धर्म के मानने वालों के घर...

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शिवशक्ति धाम डासना में सनातन धर्म की रक्षा और सनातन वैदिक राष्ट्र के निर्माण हेतु होगा सहस्त्र चण्डी व बगलामुखी महायज्ञ

शिवशक्ति धाम डासना के पीठाधीश्वर व श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी जी सनातन धर्म की रक्षा और सनातन वैदिक राष्ट्र के निर्माण सहित सात उद्देश्यों को लेकर 110 दिन का विराट...

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जाम्बवन्त कौन थे और वो कितने शक्तिशाली थे?

श्वेता पुरोहित। जामवंत रामायण के सबसे प्रमुख पात्रों में से एक हैं। हालाँकि उनकी गिनती सप्त-चिरंजीवियों में नहीं की जाती, किन्तु वे भी एक चिरंजीवी हीं थे जिन्होंने द्वापरयुग में निर्वाण लिया। उनकी आयु...

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