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Tagged: Sanatan dharma

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मर्यादाविहीन राष्ट्र विरोधियों की जंघा भीम की तरह ही तोड़ दो : महाभारत की सीख

आदित्य जैन। भीम ने दुर्योधन की जंघा तोड़ी थी । क्योंकि दुर्योधन की जंघा तोड़ी ही जानी चाहिए थी। दुर्योधन ने द्रौपदी को अपमानित किया था। दुर्योधन ने अभिमन्यु की छल से हत्या की...

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धार्मिक विकास बनाम अधार्मिक विकास

अजय शर्मा,वाराणसी। बनारस स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर देश के १२ ज्योतिर्लिंगों में से एक है. काशी को बाबा विश्वनाथ की नगरी भी कहा जाता है. ऐसी मान्यता है की काशी विश्वनाथ के दर्शन मात्र...

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फिर मारा गया एक सनातनी!

अर्चना कुमारी। देश की राजधानी में एक बार फिर एक सनातनी मारा गया। करोना काल में भी दिल्ली पुलिस की कानून व्यवस्था लचर प्रतीत होती है और यही वजह है कि उत्तर-पूर्वी दिल्ली के...

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विहिप ने की कोरोना से युद्ध की देशव्यापी तैयारी!

अर्चना कुमारी। राम के साथ राष्ट्र सेवा को समर्पित विश्व हिन्दू परिषद(विहिप) ने कोरोना की वैश्विक महामारी से जूझते भारतीयों को सम्बल प्रदान करने हेतु एक व्यापक कार्य योजना बनाई है। हालांकि इसमें से...

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चैत्र नवरात्र से ही भारतीय नववर्ष आरंभ होता है।

कमलेश कमल | ब्रह्मचारिणी : (माँ का दूसरा रूप ) नवरात्र वर्ष में चार बार आता है। इनमें चैत्र और आश्विन मास के नवरात्र का विशेष महत्त्व है। चैत्र नवरात्र या वासंती नवरात्र से...

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नवरात्र का भाषा-वैज्ञानिक माहात्मय और माँ शैलपुत्री

कमलेश कमल| माँ दुर्गा को आदिशक्ति कहा गया है अर्थात् सभी शक्तियाँ इन्हीं से निःसृत होती हैं। यही सृष्टि की नियामिका शक्ति हैं, साथ ही अखिल ब्रहमाण्ड की आधारशिला भी। यही अखिल ब्रह्माण्ड को...

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महादेव की काशी का माहात्म्य!

काशी अर्थात वाराणसी एक नदी का उत्तरमुखी गंगा तीर्थ है। वरूणा और अस्सी नदियां इसे अपनी सीमाओं में बद्ध करते हुए गंगा के तीर्थ केन्द्र में पंचनद गंगा को स्थापित करती है। कुण्ड, पुष्कर,...

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पहले संपूर्ण पृथ्वी पर मात्र सनातन धर्म ही था!

हमारा धर्म पहले संपूर्ण धरती पर व्याप्त था। पहले धरती के सात द्वीप थे- जम्बू, प्लक्ष, शाल्मली, कुश, क्रौंच, शाक एवं पुष्कर। इसमें से जम्बूद्वीप सभी के बीचोबीच स्थित है। राजा प्रियव्रत संपूर्ण धरती...

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सनातनी परंपरा में मंदिरों व ब्राह्मण को दान देने का ध्येय क्या है, जानिए मेरे अनुभव से।

अमित श्रीवास्तव. आज की घटित घटना ने एक नया अनुभव प्रदान किया जिसे साझा कर रहा हूँ। यह अनुभूति एक प्रश्न का उत्तर भी है जो एक साधारण मनुष्य के मन मे सदैव उतपन्न...

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पुरोहितों को ‘ब्राह्मणवाद’ के नाम पर गाली मत दीजिए, वो सनातन संस्कृति के संवाहक हैं!

१) आपने कभी सोचा है कि दुनिया की सभी प्राचीन भाषा को अरबी, तुर्की और यूरोपियन्स ने नष्ट कर दिया, परंतु वह संस्कृत पर लाख हमला करके भी उसे नष्ट क्यों नहीं कर पाए?...

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शेर के मुंह से निकलती है सिंधु नदी

नदियां न होती तो भारत न होता, वैदिक संस्कृति न होती और सनातन भी न होता। जब तक नदियां प्रवाहमान हैं, तब तक भारत भी चलायमान है। नदियों की बूंद-बूंद भारत के भाग्य को...

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सनातन की भावनाएं आपके स्टैंड जितनी सस्ती नहीं हैं

उनका जब मन होता है तब वन सनातन धर्म पर हमला करते हैं, जब मन होता है तब खेलते हैं और जब मन होता है तब सनातन के प्रतीकों को ठोकर मार देते हैं।...

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रामायण की दिव्यता के आगे पराजित हुआ मनोरंजन जगत

नॉस्टॉल्जिक का शाब्दिक अर्थ उदासीन, खिन्न और अतीत की याद होता है। मुझे nostalgia के ये अर्थ उपयुक्त नहीं लगते। मेरे अनुसार इसका अर्थ   ‘अतीताघात’ होना चाहिए। ये एक मीठा आघात होता है।...

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सनातन और सोशल मीडिया का अल्गोरिदम एक है, बस आपको समझने की आवश्यकता है!

फेसबुक ने ब्लॉक कर दिया, ढेर सारे आईडी बनाकर कूद पड़ा हूं, जैसे वक्तव्यों वाले सोशल मीडिया वीरों को प्रोफाइल का मतलब भी नहीं पता है, और न प्रोफाइल और पेज का अंतर पता...

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आपकी सोच आपकी अगली पीढ़ी को पत्थर की तरह जड़ बना सकती है, पानी की तरह प्रवाहमान नहीं!

मैंने अपने बेटे को विमान से पढ़ने के लिए क्या भेजा, देख रहा हूं कि कुछ लोग अपने-अपने अनुभव लिख कर मुझे सिखाने की कोशिश कर रहे हैं कि भैया बेटे को फौलाद बनाइए।...

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आखिर शिव में ऐसा क्या है, जो उत्तर में कैलास से लेकर दक्षिण में रामेश्वरम तक वो एक जैसे पूजे जाते हैं?

शिव गुट निरपेक्ष हैं. सुर और असुर दोनों का उनमें विश्वास है. राम और रावण दोनों उनके उपासक हैं।आखिर शिव में ऐसा क्या है, जो उत्तर में कैलास से लेकर दक्षिण में रामेश्वरम तक...

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