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Tagged: Sanatan dharma

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वाणी और उसके प्रकार

वाणी चार प्रकार कि होती है यथा परा, पश्यंती, मध्यमा और वैखरी. परा वाणी अश्रव्नीय, अननुमेय,अप्रतर्क्य तथा अदृश्य है. यह वाणी का मूल रूप है और आत्मा के साथ एक रूप है.जब श्रृष्टि  का आविर्भाव...

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सनातन धर्म की प्यास लोगों में है, बस वो समझ नहीं पाते कि यात्रा कैसे और कहां से आरंभ करें?

ये जिम्मेदारी जिस संत समाज के ऊपर थी, क्षमा के साथ कहना चाहूंगा कि वो कहीं न कहीं इसे पूरा करने में असमर्थ रहे हैं! आधुनिक बाबाओं ने आर्थिक साम्राज्य तो बड़े खड़े कर...

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धर्म के लिए जब विष्णु ने शिव से अपने ही एक अवतार का वध करवा दिया !

वरं प्राणपरित्याग: शिरसो वाथ कर्तनम्।न तु धर्मपरित्यागो लोके वेदे च गर्हित:।। अर्थात्:- भले ही शीश कट जाए अथवा प्राण चले जाएं, यह सौ गुना अच्छी स्थिति है, तथापि लोक तथा वेद में वर्णित धर्म...

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योगिनी -एक योद्धा

डॉ विनीता अवस्थी. घोड़ों की टापो की आवाज पास आती जा रही थी कम से कम 8-10 खूंखार विशालकाय देह घुड़सवार, विभिन्न आयुद्धों से सुसज्जित -तीर कमान, नुकीले भाले, खड़ग, हस्त नख तथा हाथों...

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नवरात्रि का रहस्य !

श्वेता पुरोहित। नवरात्रि हिंदुओं का एक प्रमुख पर्व है,नवरात्रि संस्कृत शब्द है, जिसका अर्थ होता है ‘नौ रातें’। नवरात्रों में लोग अपनी आध्यात्मिक और मानसिक शक्तियों में वृद्धि करने के लिये अनेक प्रकार के...

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नारी तू नारायणी है!

भार्या अर्थात् जो भरण-पोषण करे पत्नी अर्थात् जो पतन की राह पर जाने से बचाए। अर्द्धांगिनी अर्थात् जो एक पुरुष को पूर्ण करे। भारतीय शास्त्रों में पत्नी का जो गरिमामयी स्थान है, वह उसके...

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मंत्र के अभ्यास से मिलती है मन से मुक्ति!

आप नियमित ओंकार मंत्र का जाप (अभ्यास) कीजिए। यह मन से मुक्ति की आपकी यात्रा को प्रशस्त करेगा। मैं यह स्वयं के अनुभव से बता रहा हूं। एक समय ऐसा आएगा कि आपके अंदर...

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सनातन धर्म के अष्ट चिरंजीवी!

कालक्रमानुसार भारत के सप्त चिरंजीवियों के नाम इस प्रकार हैं:- राजा बलि, भगवान परशुरामजी, हनुमानजी, विभीषण, महर्षि वेदव्यासजी, कृपाचार्यजी और अश्वत्थामा। इन सप्त चिरंजीवी के साथ आठवें चिरंजीवी के रूप में ऋषि मार्कण्डेय का...

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वैदिक काल गणना, सृष्टि की उत्पत्ति और आधुनिक विज्ञान!

दीपक कुमार द्विवेदी. वैदिक काल गणना और सृष्टि के उत्पत्ति के आधुनिक और वैदिक सिद्धान्त में क्या अंतर है मैं जिस विषय पर बात करने जा रहा हू उसे आज के आधुनिक विज्ञान भी...

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आगम और निगम की व्याख्या !

तंत्र शास्त्र उपयोगी भी, विज्ञान सम्मत भी भारतीय अध्यात्म का गौरवशाली साहित्य दो भागों में विभक्त है-’आगम’ और ‘निगम’।सामान्यतया आगम तंत्र के लिए और निगम वेदों के लिए प्रयुक्त होता है। वेदों की महत्ता...

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1000 वर्ष प्राचीन श्री मनकामेश्वर शिव मंदिर !

डॉ विनीता अवस्थी। सावन के पवित्र महीने में महादेव अपने भक्तों को, आशीर्वाद, स्नेह व प्रेम से ओतप्रोत तो करते ही हैं अपितु आप वर्ष में किसी भी समय चले जाएं उनके दर्शन आपको...

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घर वापसी

सारा कुमारी. आज-कल घर वापसी का मुद्दा फिर से बहुत जोर पकड़ रहा है, भारत में सदियों से घर वापसी की परंपरा रही है, पूर्व में भी बप्पा रावल और स्वामी श्रद्धानंद जी ने...

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श्रीलंका -बौद्ध मत एक सनातन सिद्धांत एक बौद्ध भिक्षु से भेंट !

डॉ विनीता अवस्थी। दिल्ली एयरपोर्ट पर जम्मू जाने वाली उड़ान की बोर्डिंग प्रारंभ हो गई थी। एक लंबी पंक्ति देख हम थोड़ा ठहर गए, जहां हम बैठे थे वहां एक परिवार अनुपम श्वेत वस्त्रों...

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युवाओं को धर्म और इतिहास से जोड़ने का कार्य करेगा सनातन कुश्ती महाकुम्भ-महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी

सनातन धर्म और भारत राष्ट्र के सभी अमर बलिदानियों और वीर सैनिकों की स्मृति में होने वाला सनातन कुश्ती महाकुम्भ इस बार परमवीर चक्र विजेता योगेंद्र यादव को समर्पित होगा। आज एक वर्चुअल पत्रकार...

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आइए जानते हैं “लखबरिया गुफाओं” और “द्वापर युग” के शिवलिंग का इतिहास

डॉ पंकज शर्मा (बुढ़ार) मध्यप्रदेश। मैकल पर्वत की तराई क्षेत्र में मध्यप्रदेश के शहडोल जिला मुख्यालय से करीब 45 किलोमीटर दूर बुढ़ार तहसील के दक्षिण में ग्राम लखबरिया है। जहां प्राचीन लखबरिया गुफाएं हैं,इस...

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श्री बड़ी काली जी का मंदिर

डॉ विनीता अवस्थी। ” मां काली का अद्भुत स्वरूप” लखनऊ की चौक की सड़कें भी आपको कभी कभी गलियों का आभास कराती हैं, पुराने लखनऊ की गहमागहमी वाली सड़कों पर गाड़ी को पार कराना...

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सनातनियों पर नहीं, सरकारी हिंदुओं पर हो रही है कार्रवाई!

संदीप देव । सनातन की राह पर चलोगे तो धर्म तुम्हारी रक्षा करेगा! ज्यादा मास्टरस्ट्रोक लगाओगे तो न सरकार रक्षा करेगी, न कोई संस्था और न कोई पार्टी! कुछ महीनों की घटनाओं को ध्यान...

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केले का पत्ता और भगवान श्रीराम व हनुमान!

श्वेता पुरोहित। जब रावण की सेना को हराकर और सीता जी को लेकर श्री रामचंद्र जी वापस अयोध्या पहुँचे तो वहाँ उस खुशी में एक बड़े भोज का आयोजन हुआ। वानरसेना के सभी लोग...

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