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Tagged: Sanatani

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नासदीय सूक्त EP-1

डॉ रजनी रमण झा । नासदीय सूक्त (ऋग्वेद, मण्डल – १०, सूक्त -२९)………………………………………..(१)नासदासीन्नो सदासीत्तदानीं नासीद्रजो नो व्योमा परो यत् । किमावरीव: कुह कस्य शर्मन्नम्भ: किमासीद् गहनं गभीरम् । अर्थ – उस (प्रलयकाल में या...

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सनातन धर्म में 84 लाख योनियों की गणना कुछ इस तरह है!

कर्मों की योनियाँ प्रश्न :- कितने प्रकार की और कितनी योनियां हैं? उत्तर :- तीन प्रकार की योनियाँ हैं- १.कर्म योनि।२.भोग योनि।३.उभय योनि। कुल योनियाँ चौरासी लाख कही जाती है। कुल्लियात आर्य मुसाफिर में...

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वाणी और उसके प्रकार

वाणी चार प्रकार कि होती है यथा परा, पश्यंती, मध्यमा और वैखरी. परा वाणी अश्रव्नीय, अननुमेय,अप्रतर्क्य तथा अदृश्य है. यह वाणी का मूल रूप है और आत्मा के साथ एक रूप है.जब श्रृष्टि  का आविर्भाव...

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मंत्र के अभ्यास से मिलती है मन से मुक्ति!

आप नियमित ओंकार मंत्र का जाप (अभ्यास) कीजिए। यह मन से मुक्ति की आपकी यात्रा को प्रशस्त करेगा। मैं यह स्वयं के अनुभव से बता रहा हूं। एक समय ऐसा आएगा कि आपके अंदर...

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सनातन धर्म के अष्ट चिरंजीवी!

कालक्रमानुसार भारत के सप्त चिरंजीवियों के नाम इस प्रकार हैं:- राजा बलि, भगवान परशुरामजी, हनुमानजी, विभीषण, महर्षि वेदव्यासजी, कृपाचार्यजी और अश्वत्थामा। इन सप्त चिरंजीवी के साथ आठवें चिरंजीवी के रूप में ऋषि मार्कण्डेय का...

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वैदिक काल गणना, सृष्टि की उत्पत्ति और आधुनिक विज्ञान!

दीपक कुमार द्विवेदी. वैदिक काल गणना और सृष्टि के उत्पत्ति के आधुनिक और वैदिक सिद्धान्त में क्या अंतर है मैं जिस विषय पर बात करने जा रहा हू उसे आज के आधुनिक विज्ञान भी...

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आगम और निगम की व्याख्या !

तंत्र शास्त्र उपयोगी भी, विज्ञान सम्मत भी भारतीय अध्यात्म का गौरवशाली साहित्य दो भागों में विभक्त है-’आगम’ और ‘निगम’।सामान्यतया आगम तंत्र के लिए और निगम वेदों के लिए प्रयुक्त होता है। वेदों की महत्ता...

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1000 वर्ष प्राचीन श्री मनकामेश्वर शिव मंदिर !

डॉ विनीता अवस्थी। सावन के पवित्र महीने में महादेव अपने भक्तों को, आशीर्वाद, स्नेह व प्रेम से ओतप्रोत तो करते ही हैं अपितु आप वर्ष में किसी भी समय चले जाएं उनके दर्शन आपको...

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श्रीलंका -बौद्ध मत एक सनातन सिद्धांत एक बौद्ध भिक्षु से भेंट !

डॉ विनीता अवस्थी। दिल्ली एयरपोर्ट पर जम्मू जाने वाली उड़ान की बोर्डिंग प्रारंभ हो गई थी। एक लंबी पंक्ति देख हम थोड़ा ठहर गए, जहां हम बैठे थे वहां एक परिवार अनुपम श्वेत वस्त्रों...

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यमाष्टक – यमराज का अपने दूत के प्रति उपदेश !

श्वेता पुरोहित। श्रीव्यास जी बोले – अपने किंकर को हाथ में पाश लिये कहीं जाने को उद्यत देखकर यमराज उसके कान में कहते हैं—“दूत! तुम भगवान् मधुसूदन की शरण में गये हुए प्राणियों को...

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भगवान का रूप इतना सुन्दर क्यों होता है ?

राजकुमार अशोक मिश्रा । ऐसा माना जाता है कि सभी दिव्य गुणों और भूषणों—मुकुट, किरीट, कुण्डल आदि ने युग-युगान्तर, कल्प-कल्पान्तर तक तपस्या कर भगवान को प्रसन्न किया। भगवान बोले—‘वर मांगो।’ गुणों और आभूषणों ने...

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परमकल्याण के कारक शनिदेव

श्वेता पुरोहित । शनिदेव परमकल्याण कर्ता न्यायाधीश और जीव का परमहितैषी ग्रह माने जाते हैं। ईश्वर पारायण प्राणी जो जन्म जन्मान्तर तपस्या करते हैं, तपस्या सफ़ल होने के समय अविद्या, माया से सम्मोहित होकर...

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वर्ष प्रतिपदा

हेमंत शर्मा । चैत्र प्रतिपदा, यानी गुड़ी पड़वा, अपना न्यू ईयर, नवीनता का पर्व। हम यह मानते हैं कि दुनिया इसी रोज बनी थी। यह हमारा नया साल है, लेकिन अपना यह नववर्ष रात...

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भारतीय दर्शन और संस्कृति की सनातन परम्परा को पुनर्जीवन दे रहे हैं प्रो. ऋषिकांत पाण्डेय

आदित्य जैन । वर्तमान समय में भारत के विश्वविद्यालयों में ऐसे शिक्षक दुर्लभ हैं जो अपने विद्यार्थियों से असीम प्रेम करते हो , अपने विषय के प्रकांड विद्वान हो तथा भारतीय दर्शन और संस्कृति...

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विद्या, बुद्धि, चेतना, वाणी स्त्रिलिंग है, क्योंकि इनकी अधिष्ठात्री मां सरस्वती हैं।

विद्या, बुद्धि, चेतना, वाणी स्त्रिलिंग है, क्योंकि इनकी अधिष्ठात्री मां सरस्वती हैं। शास्त्र कहते हैं कि बिना विद्या, बुद्धि का विकास नहीं होता, और जब तक बुद्धि विकसित नहीं होती, चेतना जागृत नहीं होती,...

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दुनिया में सनातन की और लोग आ रहे हैं इसका आपने इतना बढ़िया विश्लेषण किया है, कि दिल बाग बाग हो गया।

P U Thakkar. बहुत अर्से के बाद दिल को सुकून मिला। मैं तो खुश हो ही गया था यह सुनकर। लेकिन ज्यादा खुशी तो इससे मिली जब आपके चेहरे पर जो चमक देखी, जो...

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वासना से मिलने वाले दुःख: कारण और निदान

कमलेश कमल। “वासना-विकारहीनता के बिना प्रकाश-प्राप्ति संभव ही नहीं है।”- बुद्ध वासना और इससे मिलने वाले दुःखों की चर्चा जनमानस में परिव्याप्त है, पर इनकी उत्पत्ति, प्रकृति और अंतर्संबंध पर अंतर्दृष्टि का सर्वथा अभाव...

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फिर मारा गया एक सनातनी!

अर्चना कुमारी। देश की राजधानी में एक बार फिर एक सनातनी मारा गया। करोना काल में भी दिल्ली पुलिस की कानून व्यवस्था लचर प्रतीत होती है और यही वजह है कि उत्तर-पूर्वी दिल्ली के...

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