‘द हिंदू’ ने राफेल पर आधी खबर छिपा कर राहुल गांधी को पहुंचाया फायदा! झूठ बेनकाब!



Awadhesh Mishra
Awadhesh Mishra

लोकसभा में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के अभिभाषण के धन्यवाद प्रस्ताव पर अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस प्रकार राफेल को लेकर कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए। इससे सकते में आए राहुल गांधी और कांग्रेस को उबारने के लिए ‘दहिंदू’ और हिंदू अखबार के चेयरमैन एन राम आगे आए, लेकिन वो भी झूठ के सहारे। उन्होंने फेक न्यूज और अर्ध सत्य तथ्य के सहारे राहुल गांधी को जो फायदा पहुंचाने की कोशिश की उसकी बीच में हवा निकल गई।

एन राम ने डिफेंस सचिव की लिखी आधी चिट्ठी छापकर राहुल गांधी से प्रधानमंत्री पर पलटवार करने को कह दिया। जबकि जानबूझक तत्कालीन रक्षा मंत्री रहे मनोहर पर्रिकर का जवाब तो छापा ही नहीं जो उसी पत्र पर अंकित है। एन राम यह भूल गए कि यह सोशल मीडिया का दौरा है यहां झूठ ज्यादा देर तक नहीं छिपा सकते, इसलिए उनका झूठ चंद घंटों में ही बेनकाब हो गया। राहुल गांधी और उसके पीडी पत्रकारों के ये दो नए आरोप भी धराशाई हो गए। इसके साथ ही एक बार फिर राफेल पर झूठा विमर्श चलाने के लिए ‘द हिंदू’ की फेक न्यूज का पर्दाफाश हो गया। गौरतलब हो कि प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा था कि वह बताए कि आखिर किसके लिए और किसके इशारे पर राफेल डील को निरस्त कराने पर तुली है?

एन राम ने तत्कालीन रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर द्वारा रक्षा मंत्रालय के आपत्ति नोट पर दिए इसी जवाब को छिपाया था। जिसमें उन्होंनें लिखा है कि “ऐसा जान पड़ता है कि पीएमओ और फ्रांसीसी राष्ट्रपति कार्यालय इस मुद्दे की प्रगति की निगरानी कर रहे हैं जो शिखर बैठक का परिणाम था। ऐसा जान पड़ता है कि पैरा 5 में जो कुछ लिखा गया है वह उसी की प्रतिक्रिया भर है।”

अभी हाल ही में रिलीज हुई फिल्म ‘एक्सिडेंटल प्राइमिनिस्टर’ में आपने देखा होगा  जिसमें एक व्यक्ति को वामपंथी पार्टियों के लिए दलाली करते हुए दिखाया गया है। वह कोई और नहीं यही एन राम हैं। ये एक कार्ड होल्डर कम्युनिस्ट हैं, जो कम्युनिस्ट पार्टी के लिए अपने अखबार की आड़ में काम करते हैं। और अभी राहुल गांधी और कांग्रेस के पक्ष में मोदी सरकार के खिलाफ फेक न्यूज बनाने से लेकर उसे फैलाने तक का भार संभाल रखा है।

द हिंदू अपने निहित स्वार्थ के लिए लगातार फैला रहा फेक न्यूज

मालूम हो कि मोदी को बदनाम करने और राहुल गांधी को लाभ पहुंचाने के लिए ‘द हिंदू’ ने सबसे झूठी खबर एक्सक्लूसिव बताते हुए प्रकाशित की है। उसने राफेल पर झूठ फैलाते हुए लिखा है कि जब राफेल डील का समझौता अपने चरम पर था तभी रक्षा मंत्रालय ने इस पर सख्त आपत्ति जताई थी। ‘द हिंदू’ के झूठ के मुताबिक पीएमओ ने फ्रेंच राष्ट्रपति के दफ्तर के समानांतर बात कर राफेल डील को कमजोर किया था।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक ‘द हिंदू’ और एन राम अपने निहित स्वार्थ के कारण लगातार राफेल डील से लेकर अगस्ता वेस्टलैंड घोटाला मामले में फेक स्टोरी छाप रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक ‘द हिंदू’ के एक संपादक की फैमिली रामुेल की प्रतिस्पर्द्धी यूरोफाइटर कंपनी के लिए लॉबिंग करती आ रही है। वही यूरोफाइट जिसके लिए रक्षा सौदों में लगातार दलाली की मलाई खाने वाले लोग राफेल डील को खत्म कराने में जुटे हैं। गौर हो कि लोकसभा में कल अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर जो गंभीर आरोप लगाए थे वह इसी से संबंधित था।

रक्षामंत्री निर्मला सीतारामण ने राहुल को बहुराष्ट्रीय कंपनियों का कठपुतली बताया

आज एक बार रक्षा मंत्री निर्मला सीतारामण ने लोकसभा में राफेल डील को लेकर लगाए आरोप का उत्तर देते हुए कहा कि तत्कालीन रक्षामंत्री के छिपाए नोट से यह तो साबित हो गया कि ‘द हिंदू’ न्यूजपेपर ने गलत मंशा से गलत न्यूज छापी है। इसके साथ ही उन्होंने कहा है कि इससे साबित हो गया कि राफेल डील में पीएमओ की कोई भूमिका नहीं है।

राहुल गांधी की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि जो लोग आज पीएमओ की भूमिका पर सवाल उठा रहे हैं वे लोग तब कहां थे जब यूपीए कार्यकाल के दौर में संविधानेत्तर बनी नेशनल एडवाइजरी कमेटी के चेयरपर्सन के रूप में सोनिया गांधी दस सालों तक पीएमओ चलाती रहीं? इसके साथ ही उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और विरोधी पार्टिया देश को नुकसान पहुंचाने के लिए बहुराष्ट्रीय कॉरपोरेशन के हाथ में खेल रहे हैं।

सीतारामण ने कहा कि इस ओर कल ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इशारा कर चुके है। ये लोग नहीं चाहते हैं कि भारतीय वायुसेना समर्थ बने, ये नहीं चाहते हैं कि देश शक्तिशाली बने। ये लोग अपने निहित स्वार्थ के खातिर देश को नुकसान पहुंचाने के लिए राफेल डील को खत्म कर यूरोपीय देशों की रक्षा कंपनी से रक्षा सौदा कराने के पक्षधर हैं। असल में इन लोगों को रक्षा सौदों में दलाली खाने की आदत सी पड़ गई है।

दरअसल ‘द हिंदू’ और एन राम के फेक प्लॉट के आधार पर ही राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि राफेल डील में प्रक्रिया का उल्लंघन हुआ है, साथ ही पीएमओ के दखल की वजह से राफेल डील कमजोर हुई। राहुल गांधी के इन आरोपों के तुरंत बाद रक्षा सचिव ने एक विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि फ्रांस सरकार के साथ राफेल डील के निगोसिएशन में कहीं भी पीएमओ शामिल नहीं था।

‘द हिंदू’ और एन राम के इस हास्यास्पद और झूठी खबर को लेकर वरिष्ठ पत्रकार कंचन गुप्ता ने भी गंभीर संवाल खड़े किए हैं। उन्होंने ट्वीट करते हुए सवाल पूछा है कि क्या ‘द हिंदू’ ने जानबूझ कर रक्षा सचिव की वह टिप्पणी नहीं छापी जो मनोहर पर्रिकर के जवाब में पूरी है? पूरे तथ्य होने के बावजूद जिस प्रकार एन राम ने आधा-अधूरा बयान छापा है यह दर्शाता है कि उन्होंने न केवल तथ्य के साथ मजाक किया है बल्कि सत्य के साथ खिलवाड़ किया है।

एन राम की इसी करतूत को लेकर इंडिया स्पीक्स डेली के संस्थापक संपाद संदीप देव ने अपने ट्वीट में लिखा है कि राहुल गांधी और द हिंदू का यह झूठ एक घंटे भी टिक नहीं पाया। रक्षा मंत्रालय ने दोनों के मुंह पर सबूतों का जोरदार जूता मारा है। निश्चित रूप से झूठ बोलने वालों दोनों के गाल पर रक्षा-मंत्रालय ने सूबत के साथ इतना करारा तमाचा रसीद किया है जिसका निशान दोनों के गालों पर काफी दिन तक दिखते रहेंगे।

‘द हिंदू’ के एन राम चले तो थे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राफेल पर फिर से बदनाम करने को, लेकिन गलती से राहुल गांधी की ही पोल खोल दी। इस मामले में वरिष्ठ पत्रकार सुशांत सिन्हा ने ट्वीट करते हुए राहुल गांधी को गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर पर दिए बयान का हवाला देते हुए आईना दिखाया है। उन्होंने पूछा है कि मान्यवर राहुल गांधी जी, आप तो आरोप लगाते थे कि राफेल डील के दौरान तत्कालीन रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर की पूरी तरह उपेक्षा की गई थी। अगर आपके इस झूठ को सच भी मान लिया जाए तो फिर राफेल डील की फाइल पर मनोहर पर्रिकर की यह टिप्पणी क्या कर रही है?

मिस्टर राहुल गांधी ‘द हिंदू’ और एन राम ने आपका भला नहीं बल्कि आपकी मूर्खता को ही उजागर किया है, क्योंकि आपका यह झूठ उजागर नहीं हुआ था भले ही लोग समझ लिए हों कि यह भी झूठ ही होगा।

प्राइस निगोसिएशन कमेटी के पूर्व सदस्य रहे एयर मार्शल एसबीपी सिन्हा ने कहा है कि किसी ने भी राफेल डील के दौरान प्राइस निगोसिएशन में हस्तक्षेप किया था।

‘द हिंदू’ के इस फेक न्यूज से यह साफ हो गया है कि किस प्रकार कुछ लोग मोदी विरोध में देश और भारतीय सेना को नुकसान पहुंचाने पर आमादा है। इससे एक बात और साफ हो गई है कि राहुल गांधी इन लोगों को हाथ की न केवल कठपुतली हैं, बल्कि अपने परिवार के रक्षा सौदों में बिचौलियों के हित वाले पूर्व इतिहास को ही दोहराने पर आमदा हैं!

URL : ‘The Hindu’ lies exposed on Rafael deal against pm modi!

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