अयोध्या में राममंदिर को लेकर मोदी सरकार को संघ प्रमुख का अल्टीमेटम!

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने मोदी सरकार को साफ संकेत दिया है कि देश की जनता के सामने दुबारा वोट मांगने जाने पहले अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर समाज को जल्द ‘न्याय’ दिये जाने की जरूरत है। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने मोदी सरकार को चेतावनी दे दी है कि अयोध्या में पांच सौ साल पहले जहां मंदिर ध्वस्त कर मस्जिद बनाया गया था उसे लेकर जो असंतोष है उसके प्रति अब न्याय होना चाहिए। इस समाज को अब न्याय की जरुरत है। संघ प्रमुख मोहन भागवत ने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद और गृहमंत्री राजनाथ सिंह की मौजूदगी में मोदी सरकार को एक तरह से अल्टीमेटम देते हुए कहा, “राम मन्दिर बनाइए, वर्ना जिस जनता ने बनाया है, वही उतार भी देगी।”

मौका था वरिष्ठ पत्रकार हेमंत शर्मा की पुस्तक ‘युद्ध में अयोध्या’ और ‘अयोध्या के चश्मदीद’ के लोकार्पण का। इस अवसर पर भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए आंदोलन के परिणामस्वरूप ‘संस्कृति की जीत’ होगी और लोकतंत्र में हमेशा लोगों की भावनाएं जीतती है।

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने राम जन्मभूमि आंदोलन को स्वतंत्रता के बाद से देश का सबसे बड़ा आंदोलन बताया जिसने समाज के सभी वर्गों को छू लिया। उन्होंने कहा कि वह फिलहाल इस मुद्दे पर ज्यादा बात नहीं करेंगे। उनका इशारा उच्चतम न्यायालय में चल रही सुनवाई के संबंध में था। शाह ने कहा कि पांच सदी पहले अयोध्या में मंदिर ध्वस्त होने के बाद से ही लोगों का आंदोलन चल रहा था और यह तब तक जारी रहेगा ‘जब तक कि संस्कृति की जीत नहीं हो जाती।’ उन्होंने कहा, ‘लोगों की भावनाएं हमेशा लोकतंत्र में जीतती हैं, और मुझे विश्वास है कि यह आंदोलन इसी दिशा में जायेगा।’

मोहन भागवत ने साफ कहा कि इस पुस्तक के लेखक हेमंत शर्मा जी से ये मेरा पहला परिचय है लेकिन मुझे जब पता चला कि किताब अयोध्या पर गंभीर लेखन है तो सिर्फ अयोध्या है जो मुझे यहां खिंच लाया है। भगवान राम और अयोध्या भारत की आत्मा से जुड़े है। उन्होने कहा देश का कोई ऐसा गांव नहीं होगा जहां राम विराजमान नहीं हैं। दरअसल हर भारतीय जिसे हम हिंदु मानते हैं वो चाहता है कि अयोध्या में भगवान राम का भव्य मंदिर बने। उन्होंने कहा था कि मंदिर के निर्माण से समाज के समुदायों के बीच विवाद के कारणों में से एक समाप्त हो जायेगा।

यदि देश की आम जनता के इस भावना को नहीं समझा गया तो फिर जनता ही न्याय करेगी। संघ प्रमुख ने कहा राजनीतिक दलों का काम है राजनीति करना हमारा मानना है कि समाज सर्वोच्च है हमे उसे जल्दी से न्याय देना होगा। राम मंदिर निर्माण को लेकर मोदी सरकार के रवैये पर संघ प्रमुख की निराशा पहली बार सार्वजनिक हुई उन्होने कहा अयोध्या में राममंदिर निर्माण को लेकर अपना जीवन खपा देने वाले स्वामी वामदेव भी राजनीतिक दलों के रवैये के कारण निराश होकर खुद को अलग कर लिया था। राजनीति करने वालों को समझना चाहिए की इस देश के मानस के लिए राम और अयोध्या के मायने क्या हैं! जिस जनता ने आपको शक्ति दी है उसके ताकत को समझना जरुरी है वरना वही जनता आपको वहां से हटा देगी जहां बैठाया है। यह पहला अवसर था जहां संध प्रमुख ने मोदी सरकार को राममंदिर बनाए जाने को लेकर गंभीर न होने पर खरी खोटी सुनाई है।

डेढ़ दशक तक आजादी के बाद के सबसे बड़ा माने जाने वाले अयोध्या आंदोलन के कालचक्र का गवाह रहे वरिष्ठ पत्रकार हेमंत शर्मा द्वारा लिखी गयी दो पुस्तकें ‘अयोध्या का चश्मदीद’ और ‘युद्ध में अयोध्या’ के विमोचन के मौके पर गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि यह संतोषजनक होगा अगर भव्य राम मंदिर के निर्माण के लिए सभी धर्मों के अनुयायी मिलकर काम करें। उन्होने कहा नई पीढी जिसने अयोध्या आन्दोलन को नहीं देखा उसके लिए यह किताब एक दस्तावेज साबित होगा। हेमत शर्मा से बेहतर अयोध्या पर कोई और नहीं लिख सकता था। यह किताब अयोध्या के साथ न्याय करेगा ऐसी हम उम्मीद करते हैं। सरकार में होने के लिए शब्दों के नाप तौल की जरुरत होती है लेकिन जिस भरोसे से जनता किसी को सरकार बनाती है वह यदि जन अपेक्षाओं पर खड़ी नहीं उतरती तो लोकतंत्र में जनता अपने सरकार से उसकी हैसियत छीन लेती है। संघ प्रमुख ने शायद मोदी सरकार को यही आगाह कराया है कि वक्त पर न्याय कीजिए वर्ना जनता न्याय कर देगी।

इस अवसर पर लेखक हेमंत शर्मा ने अमित शाह की ओर देखते हुए कहा, अमित भाई अयोध्या बड़ी उम्मीद से आपको देख रही है। फिर वह कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद की ओर मुड़े और कहा, रविशंकर प्रसाद जी अयोध्या मामले में पहले वकील थे, आज कानून मंत्री हैं। रविशंकर जी पहले कानून को जानते थे, अब जज को जानते हैं! दशकों से पत्रकारिता कर रहे हेमंत शर्मा ने भी स्पष्ट रूप से जनता की भावनाओं को सत्ता प्रतिष्ठान तक पहु़ंचा दिया कि अब मंदिर बनाने के अलावा दूसरा कोई विकल्प नहीं है। जनता का धैर्य जवाब दे रहा है।

इन दोनों पुस्तकों का प्रकाशन प्रभात प्रकाशन ने किया है। आज से यह देश के सभी प्रमुख पुस्तक विक्रेताओं के साथ, सभी अॉनलाइन प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं।

URL: The ultimatum of RSS chief mohan bhagwat to Modi government on Ram mandir in Ayodhya

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