फिल्म समीक्षा: गुदगुदाती ‘टोटल धमाल’ पाक में प्रदर्शित नहीं हुई तो प्रो-पाकी उसे फ्लॉप कराने में जुटे!

पैनिक भास्कर समेत कई मीडिया संस्थानों ने ‘टोटल धमाल’ को बेहूदा फ़िल्म बताया है। उसके निम्नलिखित कारण हैं।

१: राष्ट्रवादी अजय देवगन इस फ़िल्म के निर्माता हैं।

२: माधुरी दीक्षित को भाजपा में लाने की अटकलें तेज़ हो रही हैं।

३: अजय देवगन ने पाकिस्तान में फ़िल्म प्रदर्शन से इनकार कर दिया।

४: (सबसे प्रमुख कारण) फ़िल्म में जब एक शेर अनिल कपूर को घेर लेता है तो वह कहता है ‘गुजरातियों से पंगा मत लेना। एक ने अंग्रेजों को भगाया और दूसरे के कारण दुनिया हमको सलाम ठोंकने लगी है।

इंद्रकुमार की ‘धमाल सीरीज’ का आनंद लेने के लिए केवल दिल की दरकार होती है। धमाल का मज़ा तभी लिया जा सकता है, जब आप अपना दिमाग घर छोड़कर जाए। क्योक़ि दिमाग तर्क करने लगेगा कि हैलीकॉप्टर के पीछे के पंखे की जगह घर की छत पर लगा पुराना सीलिंग फैन कैसे फिट किया जा सकता है। ‘टोटल धमाल’  समीक्षकों की निगाह में एक आम मसाला फिल्म है, जिसे ‘सितारें’ देने में कंजूसी की जा सकती है लेकिन दर्शक ऐसा नहीं सोचता। पहले शो के बाद दर्शक के चेहरों की मुस्कान बता रही थी कि इंद्र कुमार बॉक्स ऑफिस की जंग फिर से जीत गए हैं।

 

धमाल सीरीज हमेशा से ‘पैसे के लालच’ पर केंद्रित रही है। इसके पिछले दोनों भाग में पैसों की दौड़ दिखाई गई है। ‘टोटल धमाल’ में नोटबंदी में रिश्वत से हासिल किये गए पचास करोड़ रूपये एक चिड़ियाघर में जानवरों के बीच छुपा दिए गए हैं। इन पैसों के पीछे ग्यारह लोग हैं। शर्त कुछ ऐसी है कि जो पहले चिड़ियाघर पहुंचेगा, वह उन पैसों का हक़दार होगा। कहानी किसी रोमांचक जॉय राइड की तरह तेज़ी से दौड़ती है। ठहाकों की चिकनी पटरियों पर दौड़ती ये राइड केवल दर्शक को निर्मल आनंद प्रदान करती है।

अनिल कपूर, अजय देवगन, माधुरी दीक्षित, संजय मिश्रा, अरशद वारसी, रितेश देशमुख, बोमन ईरानी और जावेद जाफरी जैसे कलाकारों को लेकर इंद्रकुमार ने ऐसी फिल्म बनाई है जो परिवार के साथ देखी जा सकती है। ये एक क्लीन ह्यूमर है। इसमें न द्विअर्थी संवाद हैं और न बेवजह का भौंडापन। यही कारण है कि बच्चे भी इस फिल्म को पसंद करेंगे। इंद्रकुमार केवल दर्शक के मनोरंजन के लिए फिल्म बना रहे थे और वे सौ प्रतिशत एंटरटेनमेंट डिलेवर करने में सफल रहे हैं। फिल्म का एक दृश्य ऐसा नहीं है, जिसमे दर्शक की हंसी न छूटे। इस कॉमेडी फिल्म को वीएफएक्स का तड़का लगाकर रोमांचक बनाया गया है।

 

पैसों को लेकर शुरू हुई ये दौड़ अंत में मानवीय धरातल पर समाप्त होती है। चिड़ियाघर की जमीन हड़पने के लिए एक लालची इंसान जानवरों को ज़हर खिलाकर मार देना चाहता है और ये देखकर इस ‘लालची इलेवन’ का दिल बदल जाता है। ये टर्निंग पॉइंट दर्शक का दिल जीतने में कामयाब रहता है। सभी कलाकारों ने अपने किरदार के साथ न्याय किया है। चूँकि ये अभिनय केंद्रित फिल्म नहीं थी इसलिए अभिनय में उन्नीस-बीस पर दर्शक का ध्यान नहीं जाता।

 

पैसों के लिए शुरू हुई ये फन राइड निर्मल आनंद के साथ समाप्त होती है। इन्द्र कुमार की ये फिल्म कितना आगे जाएगी, इस बात का पता फिल्म देखकर लौटते दर्शक का चेहरा देखकर सहज ही लगाया जा सकता है। मैन स्ट्रीम मीडिया ने फिल्म को आम मुंबइया फिल्म मानकर कम आंकने की गलती की है।  इसी मीडिया ने पिछले सप्ताह गाली-गलौज से भरी वाहियात फिल्म ‘गली बॉय’ की शान में कसीदे गढ़ डाले थे लेकिन ‘टोटल धमाल’ जैसी स्वस्थ मनोरंजन देने वाली फिल्म को वे दो स्टार दे रहे हैं। इस सप्ताह के अंत तक दर्शक उन समीक्षाओं को गलत सिद्ध कर देंगे क्योंकि ‘टोटल धमाल’ बॉक्स ऑफिस को हिला डालने वाली है। इस बात के लिए निर्माता अजय देवगन बधाई के पात्र हैं कि उन्होंने पाकिस्तानियों को हंसने का मौका नहीं दिया। ये फिल्म पाकिस्तान में रिलीज नहीं की गई है।

URL: Ajay Devgan’s ‘Total Dhamaal’ released with full houses.

Keywords: Total Dhamaal, Movie review, Ajay devgan, Anil Kapoor, Madhuri dixit, Sonakshi sinha

आदरणीय पाठकगण,

News Subscription मॉडल के तहत नीचे दिए खाते में हर महीने (स्वतः याद रखते हुए) नियमित रूप से 100 Rs. या अधिक डाल कर India Speaks Daily के साहसिक, सत्य और राष्ट्र हितैषी पत्रकारिता अभियान का हिस्सा बनें। धन्यवाद!  

For International members, send PayPal payment to [email protected] or click below

Bank Details:
KAPOT MEDIA NETWORK LLP
HDFC Current A/C- 07082000002469 & IFSC: HDFC0000708  
Branch: GR.FL, DCM Building 16, Barakhamba Road, New Delhi- 110001
SWIFT CODE (BIC) : HDFCINBB
Paytm/UPI/ WhatsApp के लिए मोबाइल नं- 9312665127
Vipul Rege

Vipul Rege

पत्रकार/ लेखक/ फिल्म समीक्षक पिछले पंद्रह साल से पत्रकारिता और लेखन के क्षेत्र में सक्रिय। दैनिक भास्कर, नईदुनिया, पत्रिका, स्वदेश में बतौर पत्रकार सेवाएं दी। सामाजिक सरोकार के अभियानों को अंजाम दिया। पर्यावरण और पानी के लिए रचनात्मक कार्य किए। सन 2007 से फिल्म समीक्षक के रूप में भी सेवाएं दी है। वर्तमान में पुस्तक लेखन, फिल्म समीक्षक और सोशल मीडिया लेखक के रूप में सक्रिय हैं।

You may also like...

Write a Comment

ताजा खबर