फिल्म समीक्षा: वेलेंटाइन के मौसम में ‘अलिटा’ से प्यार हो सकता है

अलिटा एक साइबोर्ग है। साइबोर्ग यानि आधा मनुष्य और आधा रोबोट। अलिटा को ‘यूगो’ से प्यार है लेकिन यूगो पैसों का लालची है। एक दिन अलिटा ‘डार्क मैटर’ से बना कृत्रिम दिल निकालकर यूगो के सामने रख देती है। वह कहती है इस दिल को बेचकर वह बहुत पैसा कमा सकता है क्योंकि इस दिल में इतनी ऊर्जा है, जो एक शहर को कई साल तक रोशन कर सकती है। यूगो लालची होने के बावजूद दिल लेने से इंकार कर देता है। अलिटा की मानवीयता यूगो को बदल डालती है। एक मशीनी नारी  मनुष्य को  उसकी बिसरा दी गई ‘मानवीयता’ याद दिलाती है।

निर्देशक रॉबर्ट रोद्रीगेज की ‘अलिटा : बैटल एंजल’ एक ‘साइबरपंक’ फिल्म है। इस श्रेणी की फिल्मों में महाविनाश के बाद का जीवन दिखाया जाता है। फिल्म की कहानी सन 2563 में सेट की गई है। दूसरे ग्रहवासियों के साथ भयानक युद्ध के बाद पृथ्वी लगभग नष्ट हो चुकी है। आकाश में स्थित ‘जेलम नगर’ खुद को बचाने में सफल रहा है। जेलम अत्याधुनिक तकनीक से लैस है। पृथ्वी अब कूड़ाघर बन चुकी है। यहाँ पर जेलम का कूड़ा फेंका जाता है। लोग साधनों के बिना गरीबी में जी रहे हैं। एक दिन जेलम के फेंके गए कूड़े में अलिटा का आधा शरीर आ गिरता है। एक वैज्ञानिक उसे शरीर देकर पुनर्जीवित करता है।

फिल्म के निर्माता जेम्स कैमरून हैं। उनकी फिल्म ‘अवतार’ विश्व में हर ओर लोकप्रिय हुई थी। अलिटा को अवतार का प्रतिबिम्ब कहा जा सकता है। अवतार को आप इस फिल्म में झलकता महसूस कर सकते हैं। हैरानी की बात है कि फिल्म में अलिटा एकमात्र ‘कम्प्यूटर जनित’ किरदार है और यही किरदार दर्शक के दिलोदिमाग पर सबसे ज्यादा असर छोड़ता है।

एक ओर वह निपुण योद्धा है तो दूसरी ओर डार्क मैटर से बना उसका दिल एक इंसान के लिए धड़कता है। फिल्म के एक्शन दृश्य ऐसे हैं कि आप सांस छोड़ना भूल जाएंगे। वहीं वीएफएक्स और स्पेशल इफेक्ट्स की कल्पनाशीलता भी देखने लायक है। जैसे एक दृश्य में अलिटा आँख से गिरे आंसू को धरती पर गिरने से पहले तलवार से काट डालती है। मशीनी दिल के मनोभावों से उबरने के लिए वह इस तरह कठोरता से काम लेती है।

वीएफएक्स की मदद से महायुद्ध के बाद उजड़ी पृथ्वी का सटीक चित्रण किया गया है। दिखाया गया है कि एक गिरोह के लोग रास्ते चलते लोगों के अंग काटकर ले जाते हैं। निर्देशक ने दिखाया है कि निकट भविष्य में अंगों का व्यापार इस तरह बढ़ सकता है। स्काय सिटी का कूड़ा धरती पर गिरने का दृश्य सांकेतिक रूप से कहता है कि तकनीक का उपयोग सिर्फ मानवता के लिए होना चाहिए अन्यथा भविष्य में ऐसे दृश्य देखने को मिल सकते हैं।

अलिटा को भव्य बजट से बनाया गया है। इसकी लागत लगभग 1500 करोड़ बताई जा रही है। अवतार की तरह ही जेम्स कैमरून ने पैसा पानी की तरह बहाया है। फिल्म को देखकर यकीन भी होता है कि इसका बजट असीमित होगा। फिल्म को अच्छी समीक्षाएं नहीं मिली हैं इसलिए कैमरून चिंतित हैं। हालांकि भारत में दर्शकों ने दिल खोलकर अलिटा का स्वागत किया है। ‘अलिटा : बैटल एंजल’ निर्जीव मशीनों पर उगे एक नन्हे पौधे की मानिंद स्पंदित होती है। ये महज साइंस फिक्शन नहीं है। इसके निर्जीव वायरों में ‘प्रेम’ प्रवाहित होता है। इस प्रेम के सप्ताह में आपको अलिटा से प्यार हो सकता है।

URL: Alita: Battle Angel was a passion project for acclaimed Avatar director James Cameron for years.

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Vipul Rege

Vipul Rege

पत्रकार/ लेखक/ फिल्म समीक्षक पिछले पंद्रह साल से पत्रकारिता और लेखन के क्षेत्र में सक्रिय। दैनिक भास्कर, नईदुनिया, पत्रिका, स्वदेश में बतौर पत्रकार सेवाएं दी। सामाजिक सरोकार के अभियानों को अंजाम दिया। पर्यावरण और पानी के लिए रचनात्मक कार्य किए। सन 2007 से फिल्म समीक्षक के रूप में भी सेवाएं दी है। वर्तमान में पुस्तक लेखन, फिल्म समीक्षक और सोशल मीडिया लेखक के रूप में सक्रिय हैं।

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