Category: पाॅप कल्चर

1

सेक्शन 375 मर्ज़ी या ज़बरदस्ती

सबके अपने ‘सत्य’हैं, सबके अपने ‘दृश्य’ ख्यात फिल्म निर्देशक अपनी जूनियर को घर पर शूट के लिए डिजाइन किये कपडे देखने के लिए बुलाता है। खूबसूरत मादक जूनियर को देखकर उसका मन डोल जाता...

0

कम बजट की ड्रीमगर्ल चलेगी लेकिन दिल में नहीं उतरेगी

जब तक दर्शकों को ये पता चलता कि महज तीस करोड़ की लागत से बनी फिल्म ‘ड्रीमगर्ल’ कैसी फिल्म है, ये पहले ही दिन आयुष्यमान खुराना की स्टार पॉवर से नौ करोड़ से ज्यादा...

0

फिल्म समीक्षा : छिछोरे, न आंसू रोक पाएंगे और न हंसी.

आत्महत्या की कोशिश कर चुका अनिरुद्ध का बेटा आईसीयू में अपनी वापसी की लड़ाई लड़ रहा है। अस्पताल के बाहर अनिरुद्ध कहता है ‘उस दिन मैंने कहा था तू सिलेक्ट हो जाएगा तो साथ...

0

फ़िल्म समीक्षा : भारत के मंगलयान के बनने और लॉन्च होने की कहानी कहती अक्षय कुमार की Mission Mangal

‘मिशन मंगल का प्रमुख राकेश धवन और प्रोजेक्ट डायरेक्टर तारा शिंदे की टीम के युवा वैज्ञानिक होने के साथ सरकारी नौकर भी हैं। वे अपने काम को सुबह 9 से 5 की ड्यूटी मानते...

1

फिल्म समीक्षा : कांग्रेस काल में आतंक के नाम पर खेले गये खेल को उजागर करती जाॅन इब्राहिम की बटला हाउस!

डीसीपी संजीव कुमार यादव की टीम दिल्ली के ज़ाकिर नगर पहुंची है। यहाँ बाटला हॉउस के एल-18 नंबर के घर में इंडियन मुजाहिदीन के संदिग्धों के छुपे होने की सूचना है। संजीव को बाटला...

0

बॉक्स ऑफिस पर हॉब्स एंड शॉ ने परचम लहराया

इधर देश-विदेश के नामी समीक्षक ‘फ़ास्ट एंड फ्यूरियस: ‘हॉब्स एंड शॉ स्पिन-ऑफ’ के तर्कहीन एक्शन सीक्वेंस पर नाराज़गी ज़ाहिर करते हुए इसकी आलोचना कर रहे थे, तब तक ये फिल्म ग्लोबली साठ मिलियन से...

0

विकी कौशल ने ड्रग्स नहीं ली थी, वह पावडर नहीं, लाइट का रिफ्लेक्शन था

बयान आधारित और अफवाहों पर भारतीय पत्रकारिता का पूरा तंत्र चल रहा है। सबसे बुरा हाल हमारी फ़िल्मी पत्रकारिता का हो चुका है। को-स्टार्स के साथ अफेयर की ख़बरें तो ये विश्वस्त सूत्रों के...

1

फिल्म समीक्षा: जजमेंटल है क्या

‘रहस्य की तहों से लिपटी सस्पेन्सिव थ्रिलर’ ओरिगामी एक जापानी आर्ट है। इसमें कागज़ को काटकर क्राफ्ट बनाया जाता है। बॉबी गरेवाल एक मानसिक रूप से विक्षिप्त महिला है जो अख़बारों की उन ख़बरों...

1

फिल्म समीक्षा: संजीदा वायलन पर दर्द भरी धुन का ऐहसास कराता Super 30

‘आनंद के शहर की लाइब्रेरी में विदेशी जर्नल्स नहीं आते इसलिए वह दूसरे शहर के कॉलेज की लाइब्रेरी में जाकर जर्नल पढ़ता है। लाइब्रेरियन उसे पकड़ लेता है और धक्के देकर बाहर निकाल देता...

0

राजामौली वापस लाएंगे राष्ट्रवाद का ट्रेंड!

फ़िल्म एक ऐसा प्लेटफॉर्म है, जिस पर एक ट्रेंड अधिक समय नहीं चलता। राष्ट्रवादी फिल्मों का ट्रेंड अब जाता दिख रहा है। इस ट्रेंड का सबसे अधिक लाभ ‘उरी’ को हुआ था। उस वक्त...

0

स्पाइडर का रोमांटिक जाल!

सिनेमा के परदे पर पीटर पारकर और एमजे का टीनएज रोमांस देखते-देखते सत्रह साल का हो चुका है। इन सत्रह सालों में पीटर और उसकी टीम दो बार ‘रिबूट’ हो चुकी है। स्पाइडरमैन की...

3

फिल्म समीक्षा : सच्चा है आर्टिकल 15 और झूठी है ये फिल्म!

भारत में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को स्वछंदता समझ लिया गया है। ये स्वछंदता हिन्दी फिल्मों द्वारा बेझिझक अपनाई जाती है। कल प्रदर्शित हुई ‘आर्टिकल 15’ इसी तरह की बेलगाम अभिव्यक्ति है। फिल्म में ऐसे...

0

ताकि आपके जीवन में मंदिर की सुगंध हो, कब्रिस्तान की गंध नहीं!

ध्यान का यदि आप लगातार अभ्यास करते हैं तो आपकी अनेक इंद्रियां सजग और काफी संवेदनशील हो जाती हैं। जैसे मेरी घ्राण शक्ति बेहद संवेदनशील हो चुकी है, और इसके कारण मुझे काफी परेशानियां...

0

फिल्म समीक्षा : इस भारत में ‘भारत देश’ का मज़ाक बनाया गया है

स्टेशन मास्टर पिता की आत्मा से मिलने के बाद ‘भारत’ अपने जनरल स्टोर से बाहर आता है और एक हथौड़ा उठाकर स्टोर तोड़ना शुरू कर देता है। भारत की अजीबोगरीब जीवन यात्रा का ये...

0

फिल्म समीक्षा : एवेंजर्स एंड गेम-‘एंड गेम’ के लिए ‘रोमांच’ से भी बड़ा शब्द गढ़ना होगा!

मार्वल स्टूडियो की ‘एवेंजर्स – एंड गेम’ देखने का अहसास ऐसा है, मानो सदियों लम्बे सपने से जागना। यकीन मानिये, सन 2008 से चला आ रहा ये खूबसूरत ख़्वाब टूटे, ऐसा दर्शक कभी नहीं...

0

गुजराती और मराठी परिवारों के बीच वैचारिक मतभेद आपको गुदगुदाएगी!

संजीव कुमार झा। पुणे की पृष्ठभूमि पर आधारित सोनी सब के नए पारिवारिक मनोरंजन शो ‘भाखरवड़ी’ में मराठी और गुजराती परिवारों के बीच वैचारिक मतभेदों को हास्यास्पद अंदाज में दिखाया जा रहा है। ये...

0

करियर की शुरुआत में ही ‘भारत’ जैसी फिल्म का हिस्सा बन जाने पर क्या सोचती है दिशा पटानी

संजीव कुमार झा सुशांत सिंह राजपूत के अपोजिट साल 2016 में फिल्म ’एमएस धोनी : द अनटोल्ड स्टोरी’ से हिंदी फिल्मों में डेब्यू करने वाली दिशा पटानी उससे पहले तेलुगू फिल्म ‘लोफर’ में काम...

0

जो मरकर भी ज़िंदा है, उस पर आधारित है फिल्म ‘अनवांटेड’!

पूर्वी उत्तरप्रदेश, बिहार और बंगाल में ऐसे लोगों की तादाद लगभग पचास हज़ार हैं जो मरकर भी जीवित हैं। कहने का मतलब इन तीन राज्यों में ऐसे लोग भी रहते हैं जो कागज़ों पर...

0

फ़िल्म समीक्षा: कैप्टन मार्वल, आकाशगंगा में विचरती अत्याधुनिक सभ्यताओं के बीच महायुद्ध की गाथा

एवेंजर्स का अपना अलग ही संसार है। आकाशगंगाओं में विचरती अत्याधुनिक सभ्यताओं के बीच महायुद्ध की ये गाथा रोमांचक ढंग से समाप्ति की ओर बढ़ रही है। कैप्टन अमेरिका, आयरन मैन, ब्लैक पैंथर, स्पाइडर...

0

अक्षय कुमार की ‘पैडमैन’ की नकल कर जीत लिया ऑस्कर अवार्ड

एक विदेशी निर्देशिका द्वारा भारत के एक गांव पर बनाई गई शार्ट डाक्यूमेंट्री ‘पीरियड: एंड ऑफ़ सेंटेंस को ऑस्कर अवार्ड से नवाज़ा गया है। भारत में मासिक धर्म को लेकर उपजी समस्याओं पर आधारित...

ताजा खबर