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Category: स्वर्णिम भारत

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पुष्कर तीर्थ का वास्तविक इतिहास

ईरान में बुखारा नामक स्थान पर एक व्यक्ति का जन्म हुआ जिसका नाम ब्रह्मा पड़ा, क्योंकि उसने ब्रह्मवाद का प्रतिपादन किया। यह बुखारा नाम मूलतः पुष्कर था‌। अपभ्रंश होते-होते वही पुष्कर शब्द क्रमशः पुकर,...

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महान ज्योतिष आचार्य वराहमिहिर

श्वेता पुरोहित। आचार्य वराहमिहिर गौड़ ब्राह्मण थे। इनके पूर्वज मूल रूप से श्रीनगर (कश्मीर) के निवासी थे। कालान्तर में ये लोग वहां से मालव भूमि में ‘श्री हट्ट’ नामक गांव में आ बसे। तब...

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विष्णु स्तंभ की अत्यंत रोचक जानकारी जो हर सनातनी को जानना चाहिए !

विक्रम वर्मा । 21 जून, जब साल का सबसे बड़ा दिन होता है, तो विष्णु_स्तंभ की छाया 12 बजकर 16 मिनट में धरती पर नजर नहींं आती। कारण ? दिल्ली 28.5 डिग्री अक्षांश पर...

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भगवान नरसिंह देव के प्रकटीकरण दिवस पर जानिए कि उन्होंने कहां मारा था हिरण्यकशिपु को! और वो स्थान आज कहां है?

भगवान विष्णु के चतुर्थ अवतार भगवान नरसिंह देव के प्रकटोत्सव पर सभी सनातनियों को ढेर सारी शुभकामनाएं। भगवान नरसिंह ने वैशाख माह के शुक्लपक्ष की चतुर्दशी तिथि पर प्रकट होकर भक्त प्रह्लाद की रक्षा...

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भारत में कैसे खत्म हो गए गुरुकुल ?

आपको पहले ये बता दे कि हमारे सनातन संस्कृति परम्परा के गुरुकुल मे क्या क्या पढाई होती थी ! आर्यावर्त के गुरुकुल के बाद ऋषिकुल में क्या पढ़ाई होती थी ये जान लेना आवश्यक...

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10 मई 1857: इतिहास की सबसे गौरवपूर्ण तिथियों में से एक तिथि

Sonali Misra. आज 10 मई है! एक ऐसी तिथि जिस तिथि पर सम्पूर्ण भारत वर्ष को गर्व है, जिस पर इस पूरे इतिहास को गर्व है। यह वह तिथि है जिस पर इतराने का...

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भारत सोने की चिड़िया, सिनौली उसका एक स्वर्ण पंख, जो शताब्दियों से प्रतीक्षारत था

इस अज्ञात सभ्यता की स्त्रियां वीरोचित स्वभाव की थी। वे रण में जाकर अपना युद्ध कौशल दिखाती थी।

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आरोग्य के धन्वंतरि

धनतेरस लक्ष्मी और आरोग्य का त्यौहार है। दोनो इस साल ज़बर्दस्त संकट में है। लक्ष्मी बाज़ार और घर से ग़ायब है।तो आरोग्य को लेकर समाज दहशत में है। दुनिया की सेहत पर कोरोना का...

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Rakhigarhi ने ध्वस्त किया आर्य आक्रमण की अवधारणा!

सर्वश्रेष्ठ नस्ल के भारतवासी आर्य वंशज है. यह सिद्धांत यदि किसी ने ऐतिहासिक तौर पर नहीं भी पढा है तो भी उन्हे इस बारे में कुछ न कुछ जानकारी तो अवश्य होगी. यह थ्योरी...

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मिहिर भोज: भारत में मुस्लिम साम्राज्य की स्थापना के पूर्व राजपूत काल का सर्वाधिक प्रतिभाशाली सम्राट!

वीरेंदर परिहार। सम्राट मिहिर भोज प्रतिहार अथवा परिहार वंश के क्षत्रिय थे। मनुस्मृति में प्रतिहार, प्रतीहार, परिहार तीनों शब्दों का प्रयोग हुआ हैं। परिहार एक तरह से क्षत्रिय शब्द का पर्यायवाची है। क्षत्रिय वंश...

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‘दशराज्ञ महायुद्ध’- ऋग्वेद में वर्णित दुनिया का पहला युद्ध!

डा आंबेडकर ने ‘शूद्र कौन’ पुस्तक में ऋग्वेद में वर्णित दसराज्ञ युद्ध के आधार पर साबित किया है कि आर्य मूल रूप से भारत के ही निवासी थे। वह कहीं बाहर से नहीं आये...

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भारतीय शिक्षा प्रणाली- पाठ्यपुस्तक लिखने वालों को काटे हुए है एक विचारधारा का कीड़ा!

सूर्य सिद्धांत स्पष्ट करता है कि – “सर्वत्रैय महीगोले स्वस्थामुपरिस्थितम्। मन्यन्ते खेयतो गोलस्तस्यक्कोर्ध्वक्कवोप्यध:” अर्थात यह पृथ्वी गोल है इसलिये हम सभी अपने अपने स्थान को उपर ही समझते हैं। यह पृथ्वी वृहद शून्य के...

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वामपंथी और तथाकथित बुद्धिजीवियों ने प्राचीन भारतीय विमान प्रौद्योगिकी पर तथ्यहीन शोध पत्र के झूठ को फैलाया!

मेरे आलेख “वैमानिक शास्त्र – कल्पना और विचारधारा” से असहमत मित्र ने एक शोधपत्र भेजा – “अ क्रिटिकल स्टडी ऑफ द वर्क – वैमानिक शास्त्र (साईंटिफिक ओपीनियन, 1974, पृ 5-12)” तथा इसे इंडियन इंस्टीट्यूट...

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वैदिक विमान- जब दुनिया ठीक से नेकर सिलना नहीं जानती थी, भारतीय ग्रंथों में सैंकडो बार वायु-मार्ग और विमान शब्द का हुआ था प्रयोग!

वैमानिक शास्त्र में मेरी जिज्ञासा थी। इसका कारण पुष्पक विमान नहीं बल्कि वामपंथी खेमे के पत्र-पत्रिकाओं व वेबसाईट पर प्रकाशित वे आलेख थे जिनमें से कुछ के शीर्षक हैं “चालीस साल पहले ही खुल...

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प्राचीन भारत अतिशयोक्ति का भंडार या षड्यंत्र का शिकार? पढ़िये चीनी प्रोफेसर का अद्भुत विश्लेषण!

Pak L. Huide। जो देश अपने इतिहास पर गर्व नहीं कर सकता वह कभी तरक्की नहीं कर सकता। चीनी मूल के कनाडा में रहने वाले टोरंटो विश्वविद्यालय के पूर्व प्रोफेसर पाक एल ह्यूडी(Pak L....

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मुसलमान और ईसाई जगन्नाथ मंदिर में घुसने के लिए इतने उतावले क्यों?

उड़ीसा की पुरी स्थित जगन्नाथ मंदिर में गैर हिंदुओं के प्रवेश को लेकर एक हिंदू वकील मृणालिनी पाधी ने याचिका दायर की है। भले ही याचिका किसी हिंदू ने दायर की हो लेकिन आरोप...

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दो अंग्रेज सर्जन जो नहीं कर पाए, वह सुश्रुत प्रणालि के जानकार एक भारतीय कुम्हार ने कर दिया! ऐसी थी हमारी चिकित्सा प्रणाली।

सुश्रुत शल्य चिकित्सा पद्धति के प्रख्यात आयुर्वेदाचार्य थे। इन्होंने सुश्रुत संहिता नामक ग्रंथ में शल्य क्रिया का वर्णन किया है। सुश्रुत ने ही प्लास्टिक सर्जरी और मोतियाबिंद की शल्य क्रिया का विकास किया था।...

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