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Category: सनातन हिंदू धर्म

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शिव के कोप से मलेच्छों में भय

Sonali Misra. वह शिव हैं, वह भोले हैं, वह सहज अपना त्रिनेत्र नहीं खोलते। वह सुर और असुर सहित सभी के देव हैं। उनसा कोई नहीं है, परन्तु जब उन्हें क्रोध आता है तो...

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महादेव की काशी का माहात्म्य!

काशी अर्थात वाराणसी एक नदी का उत्तरमुखी गंगा तीर्थ है। वरूणा और अस्सी नदियां इसे अपनी सीमाओं में बद्ध करते हुए गंगा के तीर्थ केन्द्र में पंचनद गंगा को स्थापित करती है। कुण्ड, पुष्कर,...

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पहले संपूर्ण पृथ्वी पर मात्र सनातन धर्म ही था!

हमारा धर्म पहले संपूर्ण धरती पर व्याप्त था। पहले धरती के सात द्वीप थे- जम्बू, प्लक्ष, शाल्मली, कुश, क्रौंच, शाक एवं पुष्कर। इसमें से जम्बूद्वीप सभी के बीचोबीच स्थित है। राजा प्रियव्रत संपूर्ण धरती...

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आजादी के बाद भारत के मंदिरों को लगातार पहुंचाया गया है नुकसान!

Ashwini Upadhyay. 1192 से 1947 तक विदेशी आक्रमणकारियों ने तीर्थस्थलों को अत्यधिक नुकसान पहुंचाया था और कब्जा कर लिया था लेकिन हिंदू, जैन बौद्ध और सिख उसे दोबारा पाने के लिए क़ानूनी रास्ता नहीं...

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सनातनी परंपरा में मंदिरों व ब्राह्मण को दान देने का ध्येय क्या है, जानिए मेरे अनुभव से।

अमित श्रीवास्तव. आज की घटित घटना ने एक नया अनुभव प्रदान किया जिसे साझा कर रहा हूँ। यह अनुभूति एक प्रश्न का उत्तर भी है जो एक साधारण मनुष्य के मन मे सदैव उतपन्न...

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क्या है शिवलिंग का वास्तविक अर्थ और क्यों मनाएँ महाशिवरात्रि?

कमलेश कमल सनातन संस्कृति में प्रतीकों का अत्यधिक महत्त्व है। सूर्य की किरणों में 7 रंग (VIBGYOR) सन्निहित हैं..इसे समझाने के लिए अनुसंधानमति आर्ष ऋषियों ने कहा कि सूरज 7 घोड़ों वाले रथ में...

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भगवान शिव की नटराज अवस्था!

व्हाट्स ऍप कर्टसी. भगवान शिव की दो अवस्थाएं बताई गई है समाधि अवस्था – अतिसंवेदनशील अवस्था शिव की निर्गुण अवस्था भी कहते है तांडव अवस्था – नृत्य अवस्था नटराज। तांडव शब्द शिव के परिचारक...

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क्यों मनाई जाती है वसंत पंचमी?

बसंत पंचमी की कथा इस पृथ्वी के आरंभ काल से जुड़ी हुई है। भगवान विष्णु के कहने पर ब्रह्मा ने इस सृष्टि की रचना की थी। तभी ब्रह्मा ने मनुष्य और समस्त तत्वों जैसे-...

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सरस्वती वंदना

कमलेश कमल. शब्द-साधना पथ का मैंएक आश भरा अन्वेषी हूँसतत चलूँ इस पथ पर मैंमाँ, मुझ को आशीष दे। सारी विद्या का कोश खराअमित ज्ञान का सिंधु धराहंस सा पग पाऊँ मैंमाँ, मुझको आशीष...

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आरोग्य के धन्वंतरि

धनतेरस लक्ष्मी और आरोग्य का त्यौहार है। दोनो इस साल ज़बर्दस्त संकट में है। लक्ष्मी बाज़ार और घर से ग़ायब है।तो आरोग्य को लेकर समाज दहशत में है। दुनिया की सेहत पर कोरोना का...

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अहल्या के मामले में पीड़ित कौन है?

कल दशहरा बीत गया और जैसा जाहिर था कि एक बार फिर राम जी को नीचा दिखाने के कुप्रयास के साथ यह दिवस समाप्त हुआ. यह तय ही था कि आज ही फिर से...

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अयोध्या को सजाने और संवारने में जुटी योगी सरकार

लखनऊ, 3 सितंबर: कोटि-कोटि सनातनी आस्था की प्रतीक अवधपुरी अपने खोए हुए वैभव को प्राप्त करने को सज-संवर रही है। करीब पांच शताब्दियों की प्रतीक्षा के उपरांत अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण कार्य...

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रामायण काल में किस प्रकार का आभूषण पहनती थीं महिलाएं!

कंकन किंकिनि नूपुर धुनि सुनि। कहत लखन सन रामु हृदयँ गुनि॥मानहुँ मदन दुंदुभी दीन्ही। मनसा बिस्व बिजय कहँ कीन्ही॥ राम कंगन की ध्वनि सुनकर लक्ष्मण से कह रहे हैं कि मानो कामदेव ने विश्व...

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युवा पीढ़ी जान गई कि श्री राम कपोल कल्पना नहीं हैं!

रामायण का अर्थ होता है, राम का अयण। अयण का अर्थ होता है ‘भ्रमण’। राम जी का संपूर्ण वैश्विक भ्रमण और उससे उपजी घटनाओं ने कालांतर में रामायण का रूप लिया। इस समय भारतवर्ष...

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राम जी का ‘अयण’ एक पवित्र उद्देश्य पूर्ति के लिए किया गया था!

रामायण का अर्थ होता है, राम का अयण। अयण का अर्थ होता है ‘भ्रमण’। राम जी का संपूर्ण वैश्विक भ्रमण और उससे उपजी घटनाओं ने कालांतर में रामायण का रूप लिया। इस समय भारतवर्ष...

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सिर्फ भारत ही नही, पूरे विश्व में गूंज रही है जय श्री राम की प्रतिध्वनि!

राम मंदिर का भूमि पूजन समारोह शुरू हो चुका है. इस स्वर्णिम अवसर पर ऐसा आभास हो रहा है जैसे संपूर्ण आकाश में शंख नाद की सैंकड़ों प्रतिध्वनियां गूंज उठी हों, जैसे संपूर्ण ब्रह्मांड...

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अयोध्या की प्रतीक्षा!

मनु की बसी अयोध्या एक बार पुन: अपने वैभव पर इठला रही है।  मनु ने जब इस नगर को बसाया होगा तो कभी भी यह विचार न किया होगा कि यहाँ पर एक ऐसा...

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प्रेमी और पति राम – II

जानकी के वियोग में राम व्याकुल हैं. उन्हें नहीं ज्ञात है कि कहाँ जा सकती हैं जानकी? और क्या कहेगा समूचा विश्व, क्या मुख लेकर वह वापस अयोध्या जाएंगे? राम के दुःख का कोई...

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प्रेमी और पति राम – I

“एक बार चुनि कुसुम सुहाए, निज कर भूषन राम बनाए,सीतहिं पहिराए प्रभु सादर, बैठे फटिका सिला पर सुन्दर!” वनवास में सीता का ह्रदय श्रृंगार का हो रहा है और प्रभु मंद मंद मुस्करा रहे...

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राम ही हैं रखवाले संस्कृति के

कहा जाता है कि भारत में दो ही भाषाएँ बोली जाती हैं। एक है रामायण और एक है महाभारत। रामायण और महाभारत भाषा कैसे हो सकती हैं? यह उस वर्ग का विशेष सवाल रहा...