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फिल्म रिव्यू: फार्मूला वाली अलमारी खाली हो चुकी है – पागलपंती

सन 1998 में निर्देशक अनीस बज़्मी ने ‘प्यार तो होना ही था’ बनाकर न केवल बॉक्स ऑफिस पर बादशाहत जमाई थी, बल्कि चार फिल्म फेयर अवार्ड जीतकर अपनी श्रेष्ठता सिद्ध की थी। आज वही...

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Indian Civil Code – A Common Civil Law for all Indians

शनिवार, 23 अक्टूबर, सुबह 10 बजे, कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में आयोजित सेमिनार में आपका हार्दिक स्वागत है. 23 नवंबर 1948 को विस्तृत चर्चा के बाद संविधान में अनुच्छेद 44 जोड़ा गया और सरकार को निर्देश...

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‘तानाजी: द अनसंग वॉरियर’ अजय देवगन कॅरियर की महत्वपूर्ण फिल्म सिद्ध होगी

छत्रपति शिवाजी महाराज ने माता जीजाबाई के हठ पर कहा कि जो कोंढाणा जाता है, कभी वापस नहीं लौट पाता। लेकिन जीजाबाई कोंढाणा दुर्ग पर लहराते हरे ध्वज को सह नहीं पाई और प्रतिज्ञा...

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कांग्रेस पार्टी ने ऐसे समय में खोला तुर्की में अपना कार्यालय जब जम्मू कश्मीर पर से धारा 370 हटने के मसले को लेकर तुर्की और भारत के कूटनीतिक संबंध हैं बेहद तनावरस्त!

कांग्रेस पार्टी ने तुर्की में अपना कार्यालय खोला है, तुर्की की ही मीडिया एजेंसी, अनादोलू ने सबसे पहले खबर दी कि भारत की प्रमुख विपक्षी पार्टी काग्रेस ने वहा, तुर्की में अपना आफिस खोला है. मोहम्मद यूसुफ...

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दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर के संस्कृति महोत्सव में बिखरे अवध के रंग

भारत की सांस्कृतिक विविधता को लेकर एक मशहूर कहावत है, ‘ कोस कोस पर बदले पानी, चार कोस पर वानी’. हर क्षेत्र की इतनी सारी अलहदा सांस्कृतिक विविधतायें हैं कि अगर इनका ब्यौरा लिखने बैठें तो शायद...

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इन एंजल्स में वो बात नहीं – चार्लीज एंजल्स फिल्म रिव्यू

कभी न नज़र आने वाले चार्ली की तीन हसीनाओं की याद अब तक दर्शकों के जेहन से मिटी नहीं है। सन 2000 में प्रदर्शित हुई ‘चार्लीज़ एंजल्स‘ को युवा दर्शकों के लिए रिबूट किया...

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अरब सागर में रहस्य छुपाए डूबी है ‘द लॉस्ट सिटी ऑफ़ कैम्बे’

भाग-1 पृथ्वी ने अपने गर्भ में आश्चर्यजनक रहस्य समेट रखे हैं। इसकी देह पर अनेक संस्कृतियां जन्मी और समय के प्रवाह में खो गई। आज भी ठीक-ठीक ज्ञात नहीं है कि नदियों के किनारे...

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हिंदुत्व कभी शिवसेना का मूल मुद्दा रहा ही नहीं, बस आप धोखा खाते रहे!

सुमंत विद्वांस। मुंबई को भारत की आर्थिक राजधानी बनाने में वहाँ की कपड़ा मिलों की बहुत बड़ी भूमिका थी। मुंबई में सैकड़ों मिलें थीं, जिनमें लाखों मजदूरों को रोजगार मिला हुआ था। लेकिन मजदूर...

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SC-6TH LD AYODHYA VERDICT

Ayodhya case: Temple at disputed site, alternative land for mosque, says SC (Eds: Updates with more quotes, details) By Sanjeev Kumar, Manohar Lal, Abhishek Anshu & Ranjit Kumar Sinha New Delhi, Nov 9 (PTI)...

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अतीत के वातायन

विश्व के हर कोने में जब भी धरती खोदी जाएगी, नीचे से शिवाले ही प्राप्त होंगे।  इस शिवलिंग की अनुमानित निर्माण तिथि आज से लगभग ढाई हज़ार वर्ष पूर्व की बताई जाती है। ये...

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सनातन और सोशल मीडिया का अल्गोरिदम एक है, बस आपको समझने की आवश्यकता है!

फेसबुक ने ब्लॉक कर दिया, ढेर सारे आईडी बनाकर कूद पड़ा हूं, जैसे वक्तव्यों वाले सोशल मीडिया वीरों को प्रोफाइल का मतलब भी नहीं पता है, और न प्रोफाइल और पेज का अंतर पता...

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आपकी सोच आपकी अगली पीढ़ी को पत्थर की तरह जड़ बना सकती है, पानी की तरह प्रवाहमान नहीं!

मैंने अपने बेटे को विमान से पढ़ने के लिए क्या भेजा, देख रहा हूं कि कुछ लोग अपने-अपने अनुभव लिख कर मुझे सिखाने की कोशिश कर रहे हैं कि भैया बेटे को फौलाद बनाइए।...

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यह अंग्रेजी की भूलभुलैया

यह दुनियाभर के देशों से भारत के व्यापार के आंकड़े है। इन देशों में से ऐसे मुश्किल से 5 – 6 देश ही होंगें जिनकी भाषा अंग्रेजी होगी और इनसे हमारे कुल अंतरराष्ट्रीय व्यापार...

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फिल्म समीक्षा – रेव-9 से केवल बचकर भागा जा सकता है – टर्मिनेटर – डार्क फेट

पृथ्वी के भविष्य से दो प्रकार के मशीनी मानव वर्तमान में भेजे जाते हैं। भविष्य में मानवता को बचाने वाला नायक अभी नन्हा बच्चा है और उसे पहले ही मार दिया जाना है ताकि...

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एक टाइमपास फिल्म, जो अच्छा सन्देश देती है फिल्म रिव्यू: उजड़ा चमन

गंजापन और मोटापा ऐसी बीमारियां हैं, जो जवानी में हो जाए तो बड़ी परेशानियां खड़ी हो जाती हैं। इनको फिल्म का विषय बनाना निश्चय ही साहसिक काम है। बॉक्स ऑफिस हर सप्ताह निर्ममता से...

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फिल्म उद्योग की दीपावली बंदूक की नाल से छूटी – फिल्म रिव्यू – सांड की आंख

चंदो तोमर और प्रकाशी तोमर की निशानेबाज़ी से प्रभावित होकर अलवर की महारानी ने उनको अपने पैलेस पर एक दावत में बुलाया है। दोनों देहाती महिलाओं को ‘गेस्ट ऑफ़ ऑनर दिया जा रहा है,...

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शोर करने वाला पटाखा है ‘हॉउसफुल : 4, ये रंग नहीं बिखेरती

बेशक फ़िल्में मनोरंजन के लिए बनाई जाती है। ये बात ‘हॉउसफुल: 4 जैसी फ़िल्में साबित करती आई हैं। एक होता है सोद्देश्य मनोरंजन और एक निरर्थक। हंसकर भूल जाने जैसा या पान खाकर थूक...

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पीरियड बेहतर, ड्रामा कमज़ोर

फिल्म रिव्यू:  लाल कप्तान बक्सर की लड़ाई के दौरान जब सभी राजा अंग्रेज़ों के खिलाफ लड़ाई की योजना बना रहे होते हैं, तब उनमे से एक राजा का बेटा रहमत ख़ान अंग्रेज़ों के हाथों...

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अर्थशास्त्र में तो मिला नोबेल पुरस्कार लेकिन महिलाओं के प्रति संवेदना के डिपार्ट्मेंट में मात खा गये अभिजीत बेनर्जी!

अर्थशास्त्र में नोबेल पुरस्कार से नवाज़े गये अभिजीत बेनर्जी की जीत का जश्न जहा एक तरफ पूरा देश मना रहा है,  वहीं दूसरी तरफ इनके विचारों को लेकर कई ऐसी बातें सामने आ रही...

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हाँग कांग का जन आंदोलन कर रहा है प्रजातंत्र की मांग, जम्मू कश्मीर मसले को लेकर चीन का दोगुलापन भी आया सामने इस आंदोलन में चीन की भूमिका से

हाँग कांग एक छोटा सा  राष्टृ है जो कि एक बेहतरीन वर्ल्ड क्लास लाइफ्स्टाइल के लिये दुनिया भर में मशहूर है. ये एक ऐसा देश भी है जहां दुनिया भर के युवा मल्टीनेशनल कम्पनियों मैं...

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