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Category: इतिहास

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2005 में शंकर शरण जी का नाथूराम गोडसे पर लिखा लेख, जो आज भी होता है बार-बार वायरल !

डॉ. शंकर शरण । नाथूराम गोडसे के नाम और उनके एक काम के अतिरिक्त लोग उन के बारे में कुछ नहीं जानते। एक लोकतांत्रिक देश में यह कुछ रहस्यमय बात है। रहस्य का आरंभ...

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क्योंकि मक्केश्वर महादेव पर भी उत्कीर्ण है ॐ

कुमार गुंजन अग्रवाल । शिवोपासना न केवल भारतवर्ष में अपितु भारतेतर देशों में अति प्राचीन काल से प्रचलित रही है। दुनिया के कोने-कोने में विद्यमान शिवलिंग इस बात के उदाहरण हैं। इस्लाम में सर्वाधिक...

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जिसे आप कहते हैं कुतुब मीनार, वो है सूर्य स्तंभ: ये रहे 20 साक्ष्य, ASI के पूर्व क्षेत्रीय निदेशक ने बताया- होती थी नक्षत्रों की गणना

दिल्ली के महरौली स्थित कुतुब मीनार को लेकर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के पूर्व क्षेत्रीय निदेशक धर्मवीर शर्मा ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा है कि यह मीनार नहीं, बल्कि एक सूर्य स्तंभ...

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चीन के डर से नेहरू ने सिक्किम का विलय रोका, रॉ की मदद से इंदिरा गांधी ने पूरा किया अधूरा काम

जब भारत आजाद हुआ, उस वक्त सिक्किम एक रियासत हुआ करता था। शुरुआत में सिक्किम को भारत में मिलाने की बात सरदार पटेल ने की थी लेकिन तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने चीन...

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भगवान नरसिंह देव के प्रकटीकरण दिवस पर जानिए कि उन्होंने कहां मारा था हिरण्यकशिपु को! और वो स्थान आज कहां है?

भगवान विष्णु के चतुर्थ अवतार भगवान नरसिंह देव के प्रकटोत्सव पर सभी सनातनियों को ढेर सारी शुभकामनाएं। भगवान नरसिंह ने वैशाख माह के शुक्लपक्ष की चतुर्दशी तिथि पर प्रकट होकर भक्त प्रह्लाद की रक्षा...

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ताजमहल या तेजोमहालय? क्या है रहस्य?

इतिहास में पढ़ाया जाता है कि ताजमहल का निर्माण कार्य 1632 में शुरू और लगभग 1653 में इसका निर्माण कार्य पूर्ण हुआ। अब सोचिए कि जब मुमताज का इंतकाल 1631 में हुआ तो फिर...

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भारत में ब्राह्मणों की हालत दयनीय, फिर भी ब्राहमणवाद का हौव्वा!

गौरव गौड़। एक फ्रांसीसी पत्रकार फ्रांसिस गुइटर की रिपोर्ट है जिसके मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं : दिल्ली के 50 शुलभ शौचालयों में तकरीबन 325 सफाई कर्मचारी हैं। यह सभी ब्राह्मण वर्ग के हैं। दिल्ली...

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गांधी का खिलाफत और हिंदुओं का विनाश

रॉलट कमेटी की रिपोर्ट बताती है कि 1901 के आरंभ में भारत की स्वतंत्रता के लिए जो हिंसात्मक आंदोलन चल रहे थे, अंग्रेज उससे भयंकर रूप से डर गये थे। वह अपनी सत्ता बचाने...

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मेरे #BHU को भी अब बर्बाद किया जा रहा है!

‘सरकारी हिंदु’ #JNU और जामिया को तो सुधार नहीं सके, उल्टा BHU को JNU और जामिया जैसा बनाने पर तुले हैं! BHU में माता सरस्वती के आगे रोजा इफ्तार पार्टी करते बीएचयू के कुलपति...

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सामाजिक भेदभाव के शिकार बन गए भारत के पहले राष्ट्रवादी इतिहासकार

बीसवीं सदी में जिन भारतीय विद्वानों ने विमर्श की दिशा को प्रभावित करने में अग्रणी भूमिका निभाई, उनमें काशी प्रसाद जायसवाल (1881-1937) अग्रणी हैं. उनके जीवन के कई आयाम हैं और कई क्षेत्रों में उनका असर...

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मुस्लिमों की सांप्रदायिक हिंसा और शिकार हिन्दू, खिलाफत आंदोलन एक स्टडी

खिलाफत आन्दोलन की असफलता से चिढ़े मुसलमानों ने पूरे देश में दंगा करना शुरू कर दिया और जहाँ-जहाँ भी वो संख्या में अधिक थे अपना सारा गुस्सा हिन्दुओं पर निकालने लगे। देश में सांप्रदायिक...

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तथ्यों के आलोक में तय कीजिए कि संविधान का निर्माता असल में कौन था ?

उमेश चतुर्वेदी । आज बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की जयंती है…उन्हें ही संविधान के जनक के तौर पर स्वीकार कर लिया गया है….लेकिन संविधान के निर्माण से जुड़ी कुछ तथ्यों को जानना जरूरी है…...

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भारत में कैसे खत्म हो गए गुरुकुल ?

आपको पहले ये बता दे कि हमारे सनातन संस्कृति परम्परा के गुरुकुल मे क्या क्या पढाई होती थी ! आर्यावर्त के गुरुकुल के बाद ऋषिकुल में क्या पढ़ाई होती थी ये जान लेना आवश्यक...

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इंद्र सिंह डोगरा की पुस्तक ‘आर्य (श्रेष्ठ) भारत’ भारत को भारत की दृष्टि से समझने के लिए एक उत्कृष्ट शोधपरक उद्यम है।

यह सर्वमान्य नियम है कि भविष्य वर्तमान पर टिका होता है और वर्तमान अतीत के अनुभवों पर। अतीत के अनुभव ही इतिहास कहलाते हैं। इतिहास अर्थात ऐसा ही हुआ। यह बात भी सर्वमान्य है...

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शेरशाह सूरी के विश्वासघात और नीचता के शिकार हुए थे राज पूरणमल और उनका परिवार!

उमा भारती। यह मान्यता है कि नवरात्रि के तुरंत बाद के पहले सोमवार को शिव जी का अभिषेक करना चाहिए।मैं शिव जी के किसी सिद्ध स्थान को तलाश ही रही थी कि नवरात्रि के...

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