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Category: धर्म

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भगवान जगन्नाथ पर आक्रमण कर आर्य समाजियों ने यह दर्शा दिया कि सनातन एकता में इन जैसों की जड़ता सबसे बड़ी बाधा है।

Sandeep Deo. कल भगवान श्रीजगन्नाथ यात्रा का आरंभ हुआ। इससे जुड़ी एक कथा मैंने कही, जो सिर्फ भक्त हृदय ही समझ सकता है, शुष्क ‘एक किताबी’ मजहब या पंथ के बूते की बात नहीं...

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पुराणों की प्राचीनता पर एक शोधपूर्ण नजर!

पुराणों पर मध्यकाल से ही विवाद होता आया है। अंग्रेज काल में अंग्रेजों ने इसे अप्रमाणिक ग्रंथ कहना शुरू किया था फिर उनका अनुसारण हमारे यहां के तथाकथित इतिहासकारों ने भी किया। कहते हैं...

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पुराण श्रृंखला-2 पुराणों का स्पष्ट उल्लेख अथर्ववेद के मंत्रों में है।

पुराण प्राचीनता में वेद के समकक्ष हैं। अज्ञानता और अंग्रेजों के प्रभाव के कारण कुछ वर्ग इसे 2000 साल पुराना बता देते हैं, जबकि सच यह है कि शुंग और गुप्त काल में अन्य...

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आज से पुराणों को लेकर छोटे-छोटे पोस्ट की एक श्रृंखला आरंभ कर रहा हूं। पुराण श्रृंखला-1

पुराणों में देव कथाओं के साथ हमारा इतिहास भी वर्णित है, जिसके कारण इसे नष्ट कर दिया गया ताकि हिंदुओं और हिंदुस्तान पर शासन करना आसान हो जाए। बिना इतिहास के समाज की क्या...

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क्यों पड़ते है श्री जगन्नाथ भगवान प्रत्येक वर्ष बीमार ?

उड़ीसा प्रान्त में जगन्नाथ पूरी में एक भक्त रहते थे , श्री माधव दास जी अकेले रहते थे, कोई संसार से इनका लेना देना नही। अकेले बैठे बैठे भजन किया करते थे, नित्य प्रति...

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उन्हें हमारे पूर्वजों पर विश्वास है

स्वामी सूर्यदेव जी। हमारे यहां वैदिक वांग्मय में किसी भी मंत्र का तीन तरह से अर्थ लिया जाता है. आधिदैविक-आधिभौतिक-आध्यात्मिक ऋषि मानते हैं कि जो भी ब्रह्मांड में है वह इस पिंड यानी हमारे...

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आप भी समझें अपने मन को : विश्व में बढ़ते डिप्रेशन का कारण, सुसाइड की घटनाएं तथा सनातन हिन्दू दर्शन में इसका व्यावहारिक समाधान !

आदित्य जैन। वर्तमान में वैश्विक पटल पर युवा वर्ग और प्रौढ़ वर्ग दोनों ही  चिंता , तनाव , क्रोध , बेचैनी आदि से ग्रसित है । काम में मन न लगना , आलस्य में...

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देश में धर्मांतरण का बड़ा खेल !

अर्चना कुमारी। यह बहुत अजीब बात है कि हिंदुओं के देश में  हिंदू लगातार कम हो रहे हैं । भारत के कम से कम 7 राज्यों में हिंदुओं की आबादी अन्य आबादी से कम...

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सिस्टर लूसी: ईसाईयों की धार्मिक कट्टरता से पीड़ित एक नाम

Sonali Misra. कल हमने पश्चिम से आया हुआ फादर्स डे मनाया है।  हालांकि वेटिकन में फादर्स डे का आयोजन 19 मार्च को किया जाता है। वेटिकन से याद आया कि वेटिकन में, जो कि...

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हॉलीवुड मूवीज एवम् भारतीय ग्रंथ का अद्भुत संबंध! आखिर विष्णु और ललिता के हज़ार नाम क्यों हैं? तथा मन को विस्मय से भरने वाले कुछ प्रश्न!

आदित्य जैन। हॉलीवुड की मैट्रिक्स मूवी देखी है? अभी 2021 में फोर्थ सीक्वल आने वाला है? INCEPTION देखी है? नहीं देखी? ब्रह्माण्ड के रहस्यों को, डार्क मैटर, ब्लैक होल आदि अवधारणाओं को दूसरे शब्दों...

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आर्य समाज के काम को पीछे छोड़ा वसिम रिजवी ने!

महेंद्र पाल आर्य| भले ही आर्य समाजियों को यह बात अच्छी न लगे किन्तु सच्चाई यही है| आर्य समाज का जन्म हुवा 1875 में, उसके बाद ऋषि दयान्नंद जी ने एक कालजयी ग्रन्थ लिखा...

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भारत भूमि की असली पहचान – साधना, साहस, सेवा, सत्संग : आइए समझें सनातन के चार शब्द!

आदित्य जैन। भाव – राग – ताल की शरणस्थली भारत की पहचान क्या है ? राजा दुष्यंत और शकुंतला के पुत्र भरत का भारत , चक्रवर्ती सम्राट ऋषभ देव के पुत्र भरत का भारत,...

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मर्यादाविहीन राष्ट्र विरोधियों की जंघा भीम की तरह ही तोड़ दो : महाभारत की सीख

आदित्य जैन। भीम ने दुर्योधन की जंघा तोड़ी थी । क्योंकि दुर्योधन की जंघा तोड़ी ही जानी चाहिए थी। दुर्योधन ने द्रौपदी को अपमानित किया था। दुर्योधन ने अभिमन्यु की छल से हत्या की...

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किसी भी समस्या के समाधान का सनातन मॉडल

आदित्य जैन. मार्क्सवाद , वामपंथ , माओवाद , नारीवाद , आधुनिक उदारवाद , उत्तर आधुनिकतावाद का छलावा कुछ वैसा ही है , जैसे रेगिस्तान में चमकती रेत पर पानी के तालाब का अहसास होना...

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श्री राम को मृत्यु से बचाने वाले गुरु वशिष्ठ जी का अद्भुत प्रसंग और सनातन गुरु परंपरा के कुछ विशिष्ट पन्ने!

आदित्य जैन। महान वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिंग ने A Brief History of Time नामक पुस्तक लिखी । क्या आपने यह पुस्तक पढ़ी है ? इस महान वैज्ञानिक से हज़ार साल पहले आचार्य कुंदकुंद ने Essence...

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महाकाल शिव के तांडव का महापंडित रावण और महर्षि पतंजलि से अनसुना संबंध!

आदित्य जैन। आपकी रुचि संस्कृत में है क्या? या आपकी रुचि संगीत में है? या आपकी रुचि इस बात को समझने में है कि महान काव्यों की रचनाएं कैसे हुई? या आप कुछ नया...

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मुझे निरंतर लोग कहते हैं कि हम यह चाहते हैं-शांति चाहते हैं, आनंद चाहते हैं, आत्मा चाहते हैं। 

आप तो सब चाहते हैं, लेकिन चाहने से जगत में कुछ भी नहीं मिलता है। अकेली चाह बिलकुल इंपोटेंट है, बिलकुल नपुंसक है, उसमें कोई शक्ति नहीं है। चाह के पीछे संकल्प और श्रम भी...

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दूसरी बात है सम्यक श्रम। वह भी जीवन से विच्छिन्न हो गया है, वह भी अलग हो गया है। 

श्रम एक लज्जापूर्ण कृत्य हो गया है, वह एक शर्म की बात हो गई है। पश्चिम के एक विचारक आल्वेयर कामू ने अपने एक पत्र में मजाक में लिखा है कि एक जमाना ऐसा...

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सैकड़ों साल बाद भी अपने महापुरूषों के जीवन से तुमने कुछ नहीं सीखा: ओशो

प्रश्न: भगवान,पड़ोसी देशों द्वारा किए जाने वाले शस्त्र-संग्रह और उसके कारण बढ़ रहे तनाव के संदर्भ में देश की सुरक्षा की दृष्टि से श्रीमती इंदिरा गांधी द्वारा हाल ही एक भाषण में दी गई...

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सारा जगत ओवर फ्लोइंग है, आदमी को छोड़कर। सारा जगत आगे के लिए नहीं जी रहा है, सारा जगत भीतर से जी रहा है। 

सारा जगत ओवर फ्लोइंग है, आदमी को छोड़कर। सारा जगत आगे के लिए नहीं जी रहा है, सारा जगत भीतर से जी रहा है। फूल खिल रहा है, खिलने में ही आनंद है। सूर्य निकल...

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