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Category: अनोखा इतिहास

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स्वामी विवेकानन्द : व्यवहारिक जीवन के शिक्षक

शंकर शरण। दुर्भाग्य से स्वतंत्र भारत में उन  के  शिक्षण को तिरोहित कर उन्हें  मात्र ‘रिलीजियस’ श्रेणी में रख दिया गया। मानो उन की शिक्षाओं की बच्चों, युवाओं को आवश्यकता नहीं।…किन्तु याद  करें,  बरसों  पश्चिम में कीर्ति-पताका...

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क्या सावित्री बाई फुले पहली शिक्षिका थीं? क्या यह भारत के समृद्ध स्त्री इतिहास के साथ छल नहीं है?

सोनाली मिश्रा। रविश कुमार ने अडानी द्वारा चैनल खरीदे जाने एवं नौकरी छोड़ने के बाद यूट्यूब पर अपना दर्द साझा करते हुए एक वीडियो पोस्ट किया कि कैसे “शिक्षा माता” सावित्री बाई फुले का...

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क्षत्रिय के लिए राजपूत का उपयोग कब से?

धीरेन्द्र सिंह जादौन. रामायण और महाभारत के समय से लेकर चीनी यात्री हुएनसांग के भारत -भ्रंमन (ई0सन् 629-645 ) तक राजपूत शब्द जाति के अर्थ में प्रयुक्त नहीं होता था ।प्राचीन इतिहास और पुराण...

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जयपुर के इस किले का खजाना खोजने के लिए इंदिरा गांधी ने बुला ली थी सेना, कभी आप भी देखकर आइए यहां की चमक

राजस्थान के लगभग हर शहर में आपको फोर्ट, पैलेस, हवेली जैसी कई खूबसूरत ऐतिहासिक जगहें दिख जाएंगी। ये राज्य भारत में ही नहीं बल्कि विश्व में काफी प्रसिद्ध है, यहां आपको स्थानीय लोगों के...

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क्या महारानी एलिजाबेथ-II थीं पैगंबर मोहम्मद की वंशज:36 साल पहले 43 पीढ़ियों की स्टडी से हुआ दावा; निधन के बाद फिर सुर्खियों में

1986 में ब्रिटेन की प्रधानमंत्री मार्गरेट थैचर को महारानी एलिजाबेथ-II की सुरक्षा बढ़ाने की अपील से जुड़ा एक खत मिला। खत में लिखा था- ‘बहुत कम ब्रिटिशर्स को पता है कि रानी की रगों...

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ताजमहल को शाहजहाँ ने बनवाया इसका कोई प्रमाण नहीं

पुरातत्व विभाग- कल से समाचार पत्रों के माध्यम से पता चला है कि एक rti के जवाब में पुरातत्व विभाग के द्वारा बताया गया कि ताजमहल के तहखाने में हिंदू देवी देवताओं की मूर्तिया...

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असुरों के गुरु शुक्राचार्य कौन थे, जानिए 10 रहस्य

अमंत्रं अक्षरं नास्ति , नास्ति मूलं अनौषधं।अयोग्यः पुरुषः नास्ति, योजकः तत्र दुर्लभ:॥- शुक्राचार्य (शुक्र नीति) अर्थात कोई अक्षर ऐसा नहीं है जिससे (कोई) मन्त्र न शुरू होता हो, कोई ऐसा मूल (जड़) नहीं है, जिससे...

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पांडव गुफा

।। एक अज्ञात यात्रा ।। जम्मू की धरती बहुत पुण्य शालिनी है वहां मां चंद्रभागा अपने पूर्ण वेग से प्रभावित होते हुए मानो अपने बच्चों को स्नेह से भिगोती जा रही ही थी। चंद्रभागा...

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क्योंकि मक्केश्वर महादेव पर भी उत्कीर्ण है ॐ

कुमार गुंजन अग्रवाल । शिवोपासना न केवल भारतवर्ष में अपितु भारतेतर देशों में अति प्राचीन काल से प्रचलित रही है। दुनिया के कोने-कोने में विद्यमान शिवलिंग इस बात के उदाहरण हैं। इस्लाम में सर्वाधिक...

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जिसे आप कहते हैं कुतुब मीनार, वो है सूर्य स्तंभ: ये रहे 20 साक्ष्य, ASI के पूर्व क्षेत्रीय निदेशक ने बताया- होती थी नक्षत्रों की गणना

दिल्ली के महरौली स्थित कुतुब मीनार को लेकर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के पूर्व क्षेत्रीय निदेशक धर्मवीर शर्मा ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा है कि यह मीनार नहीं, बल्कि एक सूर्य स्तंभ...

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ताजमहल या तेजोमहालय? क्या है रहस्य?

इतिहास में पढ़ाया जाता है कि ताजमहल का निर्माण कार्य 1632 में शुरू और लगभग 1653 में इसका निर्माण कार्य पूर्ण हुआ। अब सोचिए कि जब मुमताज का इंतकाल 1631 में हुआ तो फिर...

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सामाजिक भेदभाव के शिकार बन गए भारत के पहले राष्ट्रवादी इतिहासकार

बीसवीं सदी में जिन भारतीय विद्वानों ने विमर्श की दिशा को प्रभावित करने में अग्रणी भूमिका निभाई, उनमें काशी प्रसाद जायसवाल (1881-1937) अग्रणी हैं. उनके जीवन के कई आयाम हैं और कई क्षेत्रों में उनका असर...

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वीरांगनाओं के जौहर पर अबुल फजल क्या लिखता है?

डॉ ओमेंद्र रतनु। अबुल फ़ज़्ल जौहर के लिए लिखता है,” अकबर ने शुजात खां व भगवान दास को प्रसन्नतापूर्वक बताया कि उसने एक महत्वपूर्ण व्यक्ति को मार डाला है। एक घंटे के बाद जब्बार...

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क़िस्सा पड़रौना के राजा के राजा बनने का और इस बहाने कुछ और राजाओं की पड़ताल

दयानंद पांडेय। हमारे गोरखपुर के पास एक जगह है पड़रौना । पहले देवरिया ज़िला में था , अब कुशी नगर ज़िला है । कुशी नगर का ज़िला मुख्यालय इसी पड़रौना में है। एक समय...

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महात्मा गांधी और मनुबेन: एक अनकही कहानी!

शंकर शरण। दो वर्ष पहले मनु बेन की डायरी प्रकाश में आई। मनु बेन महात्मा गाँधी के अंतिम वर्षों की निकट सहयोगी थीं। इस डायरी से उन कई बिन्दुओं पर प्रकाश पड़ता है, जो...

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