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Category: पूरब का दर्शन और पंथ

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मंदिर में गुरुग्रंथ साहिब रखने पर निहंगों की धमकी!

सुरेश चिपलूनकर।इंदौर शहर के सिंधियों ने अपने-अपने मंदिरों से गुरुग्रंथ साहिब की लगभग 80 प्रतियों को इमली साहब गुरूद्वारे को सौंप दिया है. मामला ये है कि अमृतसर से कुछ निहंग सिख इंदौर आए...

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गुरु गोविन्द सिंह जयंती पर विशेष… जन्मदिन की अंग्रेजी से हिंदी तिथि का स्वागतम्!

डॉ. रजनी रमण झा।। आज दशम गुरु श्रीगुरु गोबिंद सिंह का जन्मदिन है। पौष शुक्ल सप्तमी। बीच में उनका जन्मदिन अंग्रेजी तिथि के अनुसार 05 जनवरी को मनाया जाने लगा था। मैं उन दिनों...

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आजीवन हिन्दू रहे गौतम बुद्ध..!

डॉ० शंकर शरण । हमारे अनेक बुद्धिजीवी एक भ्रांति के शिकार हैं, जो समझते हैं कि गौतम बुद्ध के साथ भारत में कोई नया ‘धर्म’ आरंभ हुआ। तथा यह पूर्ववर्ती हिन्दू धर्म के विरुद्ध...

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नमो अरिहंताणं।

नमो अरिहंताणं। नमो सिद्धाण। नमो आयरियाण। नमो उवज्झायाण। नमो लोए सब्बसाहूणं।एसो पंच नमुक्कारो, सब्बपावप्पणासणो। मंगलाण च सब्बेसिं, पडमं हवइ मंगलं।। अरिहंतों (अर्हतों) को नमस्कार सिद्धों को नमस्कार। आचार्योंको नमस्कार उपाध्यायों को नमस्कार। लोक संसार...

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गुरूग्रंथ साहब का सच

गुरू गोविन्द सिंह ने कहा था कि पूर्व-जन्म में वे हेमकुण्ठ में योगी थे, जिस ने गौ-ब्राह्मण-जनेऊ की रक्षा के लिए ही जन्म लिया।  वह परंपरा महाराजा रणजीत सिंह तक यथावत चलती रही। उन्हें अंग्रेजों...

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सम्यक्-वाक् (Right speech) : कुछ व्यावहारिक सूत्र

[दुःख निरोध की तीसरी सीढ़ी : बुद्ध/ व्याख्या ] “सत्य आमतौर पर सुनाई नहीं, दिखाई देता है।”-बालतेसर ग्रेशियन कमलेश कमल। यह एक कारग़र जीवन सूत्र है, जिसका निहितार्थ है कि हमें अपने परिचितों, सगे-संबंधियों,...

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आर्य समाज के काम को पीछे छोड़ा वसिम रिजवी ने!

महेंद्र पाल आर्य| भले ही आर्य समाजियों को यह बात अच्छी न लगे किन्तु सच्चाई यही है| आर्य समाज का जन्म हुवा 1875 में, उसके बाद ऋषि दयान्नंद जी ने एक कालजयी ग्रन्थ लिखा...

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हिन्दू घृणा और सिख –भाग 2

Sonali Misra. जब यह शोर मचना शुरू हुआ कि सिख धर्म खतरे में है” तो सिख धर्म के बचाव के लिए अंग्रेजों के कई विद्वान सामने आ गए। इस सन्दर्भ में सबसे बड़ा नाम...

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हिन्दू घृणा और सिख–भाग 1

Sonali Misra. किसान आन्दोलन के चलते एक बार फिर से आग लगाने की तैयारी है।  किसान अधिनियम के मामले में अजय देवगन द्वारा सरकार के पक्ष में ट्वीट करने के कारण उनकी गाड़ी को...

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मक्का में इसलाम की स्थापना के पूर्व जैनधर्म का था व्यापक प्रसार

वरिष्ठ जैन समाजसेवी एवं श्रेष्ठि श्री त्रिलोकचंद कोठारी ने भारत एवं विदेशों में जैन धर्म के प्रचार से संबंधित महत्वपूर्ण तथ्यों को प्रस्तुत आलेख में संकलित किया है। अमेरिका, फिनलैण्ड, सोवियत गणराज्य, चीन एवं...

सिक्‍ख धर्म और उनके दस गुरु

सिक्ख धर्म में गुरु नानक से लेकर गुरु गोविन्द सिंह तक दस गुरु हुए हैं जिनके नाम क्रमश: गुरु नानक, गुरु अंगद, गुरू अमरदास, गुरू रामदास, गुरू अर्जुनदेव, गुरू हरगोविन्द, गुरू हरराय, गुरू हरकृष्णराय,...

बुद्ध का धम्मपद : मन ही चरम सुख या विकार का स्रोत है

धर्मपद धर्म का वह मार्ग है, जिसका बुद्ध के शिष्य अनुसरण करते हैं। बुद्ध ने अपनी शिक्षाओं में मन पर बहुत अधिक जोर दिया है। उन्होंने कहा है, सब प्रवृत्तियों का आरंभ मन से...

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