Category: पूरब का दर्शन और पंथ

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मक्का में इसलाम की स्थापना के पूर्व जैनधर्म का था व्यापक प्रसार

वरिष्ठ जैन समाजसेवी एवं श्रेष्ठि श्री त्रिलोकचंद कोठारी ने भारत एवं विदेशों में जैन धर्म के प्रचार से संबंधित महत्वपूर्ण तथ्यों को प्रस्तुत आलेख में संकलित किया है। अमेरिका, फिनलैण्ड, सोवियत गणराज्य, चीन एवं...

सिक्‍ख धर्म और उनके दस गुरु

सिक्ख धर्म में गुरु नानक से लेकर गुरु गोविन्द सिंह तक दस गुरु हुए हैं जिनके नाम क्रमश: गुरु नानक, गुरु अंगद, गुरू अमरदास, गुरू रामदास, गुरू अर्जुनदेव, गुरू हरगोविन्द, गुरू हरराय, गुरू हरकृष्णराय,...

बुद्ध का धम्मपद : मन ही चरम सुख या विकार का स्रोत है

धर्मपद धर्म का वह मार्ग है, जिसका बुद्ध के शिष्य अनुसरण करते हैं। बुद्ध ने अपनी शिक्षाओं में मन पर बहुत अधिक जोर दिया है। उन्होंने कहा है, सब प्रवृत्तियों का आरंभ मन से...

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