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सीवीसी ने सीबीआई निदेशक पद से हटाए गए आलोक वर्मा के खिलाफ 6 और आरोपों की जांच शुरू की !

हाल ही में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) निदेशक पद से हटाए जाने के बाद नौकरी से इस्तीफा देने वाले आलोक वर्मा की मुश्किल और बढ़ गई है। आलोक वर्मा के खिलाफ सीवीसी ने छह और आरोपों की जांच शुरू कर दी है। केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) ने आलोक वर्मा के खिलाफ नीरव मोदी और माल्या को विदेश भागने में मदद करने का आरोप लगाया है। इसके साथ ही सीवीसी ने एयरसेल के पूर्व प्रमोटर सी शिवशंकरन के खिलाफ लुक आउट सर्कुलरे के आंतरिक ईमेल लीक करने का भी आरोप लगाया है। इन सभी आरोपों की जांच भी शुरू कर दी गई है। सीवीसी ने आलोक वर्मा के खिलाफ लगाए छह आरोपों के बारे में सरकार को सूचित कर दिया है।

मालूम हो कि सीबीआई में उठे आंतरिक कलह के दौरान सीबीआई के सयुक्त निदेशक राकेश अस्थाना द्वारा वर्मा पर लगाए गए 10 आरोपों से ये आरोप अलग हैं। सीवीसी के एक सूत्र से मिली जानकारी के मुताबिक सीवीसी ने 26 दिसंबर को पत्र लिखकर इन मामलों से संबंधित फाइले और दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा था। लेकिन सीबीआई ने बुधवार को ये फाइलें और दस्तावेज उपलब्ध कराए। जिससे साफ होता है कि माल्या और नीरव मोदी को भगाने में आलोक वर्मा ने मदद पहुंचाई थी। यहां बता दें कि माल्या और नीरव मोदी दोनों अभी देश से फरार हैं। माल्या को लेकिर यूके सरकार प्रत्यर्पण का आदेश दे चुका है।

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सीवीसी ने वर्मा पर आरोप लगाया है कि जब नीरव मोदी मामले में सीबीआई के कुछ आंतरिक ईमेल लीक हो गए थे तब उसे ढूंढने की बजाए आलोक वर्मा ने इस मामले को छिपाने की कोशिश की थी। जबकि उस समय पीएनबी घोटाले की जांच अपने चरम पर थी। उस फाइल से यह भी पता चला है कि सीबीआई ने उस समय नीरव मोदी मामले की जांच कर रहे संयुक्त निदेशक राजीव सिंह के कमरे को बंद कर उनका डेटा प्राप्त करने का प्रयास किया गया था। ऐसा क्यों किया गया इसके बारे में कभी किसी को कोई जानकारी नहीं दी गई।

दूसरा आरोप वर्मा पर एयरसेल के पूर्व मालिक सी शिवशंकरन के खिलाफ जारी लुकआउट सर्कुलर को कमजोर करने का लगाया गया है। इसी कारण 600 करोड़ रुपये के आईडीबीआई बैंक ऋण धोखाधड़ी के प्रमुख आरोपी शिवशंकरण को देश छोड़ने की अनुमति मिली थी। कहा गया है कि सीबीआई की आंतरिक प्रक्रिया का उल्लंघन कर संयुक्त निदेशक स्तर के एक अधिकारी ने शिवशंकरन से फाइव स्टार होटल तथा दफ्तर में भेंट की थी।

इतना ही नहीं आलोक वर्मा पर शराब व्यापारी विजय माल्या के खिलाफ जारी लुकआउट सर्कुलर को भी कमजोर करने का आरोप लगाया गया है। मालूम हो कि माल्या 900 करोड़ रुपये के आईडीबीआई बैंक धोखाधड़ी मामले में भगोड़ा है। इसी मामले में हाल ही के यूके कोर्ट ने उसका भारत प्रत्यर्पण का आदेश दिया है।

इतना ही नहीं सीबीआई की लखनऊ बेंच के एक अतिरिक्त एसपी सुधांशु खरे ने भी आलोक वर्मा की ईमानदारी पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि उन्होंने ही यूपी पुलिस के कुछ अधिकारियों को बचाने के लिए अतिरिक्त एसपी राजेश साहनी की आत्महत्या मामले की जांच करने से इंकार कर दिया था। जबकि योगी सरकार ने सीबीआई जांच की सिफारिश कर दी थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सिफारिश के बावजूद वर्मा ने उस मामले में सीबीआई जांच नहीं होने दी।

URL : CVC starts investigation of 6 more allegations against Alok Verma !

Keyword : CVC, CBI VS CBI, nirav modi, vijay malya, alok verma,

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