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ब्रिटिश संसदीय ग्रुप को पाक अधीन कश्मीर का दौरा करने के लिये मिली थी पाकिस्तान की तरफ से बड़ी रकम

ताज़ा जानकारी के अनुसार इस बात का खुलासा हुआ है कि जिस ब्रिटिश आंल पार्टी पार्लियमेंटरी ग्रुप ने यानि जिस ब्रिटिश संसदीय ग्रुप ने कश्मीर से धारा 370 हट्ने के बाद पाक के अधीन जो कश्मीर है, उसका दौरा किया था, उस ग्रुप को पाकिस्तान से 30 लाख पाकिस्तानी रुपये की रकम मिली थी. यानि पाकिस्तान ने उसे अपने अधीन आने वाले कश्मीर का दौरा करने के लिये घूस दी थी.

ये तथ्य ब्रिटिश संसदीय ग्रुप के खुद के रेजिस्टर से सामने आये हैं. ग्रुप का नियम है कि यदि उसके सद्स्यों को 1500 पाउंड से ऊपर की राशि का लाभ पैसे या किसी और वस्तु के रूप में मिला है, तो उसका सारा ब्यौरा औपचारिक तौर पर रेजिस्टर में दर्ज होता है.

तो ब्रिटिश आंल पार्टी पार्लियमेंटरी ग्रुप के रेजिस्टर के अनुसार इस ग्रुप को किसी न किसी रूप में पाकिस्तान अधीन कश्मीर का दौरा करने के लिये पाकिस्तान सरकार की तरफ से 18 और 22 फरवरी के बीच में 31,501 पाउंड यानि 29.7 लाख रुपये और 33,000 पाउंड यानि 31.2 लाख रुपये की धनराशि मिली.

इस ब्रिटिश संसदीय ग्रुप की अध्यक्ष वहां की लेबर पार्टी की सांसद डेबी एब्राहम्स हैं जो कि जम्मू और कश्मीर के मुद्दे को लेकर काफी सुर्खियों में रह चुकी हैं. ये जम्मू कश्मीर में एन डी ए सरकार की नीतियों की सबसे प्रबल आलोचक रही हैं और जम्मू कश्मीर पर से धारा 370 हटाये जाने के बाद इन्होने पूरे अंतराष्ट्रीय समुदाय के सामने भारत सरकार की छवि एक शोषक और मानवधिकारों का हनन करन्ने वाली इकाई के रूप में प्रस्तुत की.

कश्मीर मसले पर बना ब्रिटिश संसदीय ग्रुप ब्रिटेन की विभिन्न पार्टियों के सांसदों से बना एक मिला जुला ग्रुप है जिसमे कई सांसद पाकिस्तानी मूल के भी है. इस ग्रुप का तथाकथित उद्देश्य जम्मू कश्मीर के लोगों पर हो रहे अत्याचारों का पर्दाफाश करना है और उनकी स्वाय्यत्ता की लड़ाई में उनका साथ देना है.

यानि मतलब साफ है. यह ग्रुप पाकिस्तान की सरकार द्वारा खड़ा किया हुआ है एक ऐसा ग्रुप ह जिसका काम महज़ जम्मू कश्मीर को लेकर भारत सरक्कार के खिलाफ प्रोपोगैंडा फैलाना है और इस मुद्दे पर पाकिस्तान के विचारों का प्रचार प्रसार करना है, उन्हे इस प्रकार सांफिस्टिकेटेड तरीके से सामने रखना है कि अंतराष्ट्रीय समुदाय को इस मुद्दे पर पाकिस्तान की बात सही लगे और भारत की गलत.

ग्रुप की अध्यक्ष डेबी एब्राहम्स को स साल 17 फरवरी को उनका वीज़ा मान्य न होने की वजह से दिल्ली से वापस दुबई भेज दिया गया था. फिर वे दुबई से पाकिस्तान गयीं जहां वे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान से मिलीं और ये सारी यात्रा का खर्चा वहां की सरकार ने उठाया.

यह पहली बार नही है कि ब्रिटिश आल पार्टी पार्लियमेंटरी ग्रुप को पाकिस्तान सरकार की तरफ से धनराशि मिली है. 17 सितम्बर 2018 को भी इस ग्रुप को ब्रिटेन के पाकिस्तान हाई कमिशन द्वारा किसी न किसी रूप में 10, 501 पाउंड यानि 9.9 लाख रुपये और 12,000 पाउंड यानि 11.3 लाख रुपये की धनराशि प्राप्त हुई थी 17 और 20 सितम्बर 2018 के बीच में पाकिस्तान और कश्मीर का दौरा करने के लिये.

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Rati Agnihotri

रति अंग्रेज़ी और हिंदी दोनों में कवितायें लिखती हैं. इनका अंग्रेज़ी का पहला कविता संग्रह ‘ द सनसेट सोनाटा’साहित्य अकादमी से प्रकाशित हुआ है. रति की हिंदी कवितायें पाखी, संवदिया, परिकथा, रेतपथ, युद्धरत आम आदमी, हमारा भारत आदि साहित्यिक पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुकी हैं. रति दिल्ली में ‘ मूनवीवर्स – चांद के जुलाहे’ के नाम से एक पोएट्री ग्रुप चलाती हैं जहां कविता को संगीत, चित्रकला आदि विभिन्न विधाओं से जोड़ा जाता है और कविता से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विचार भी होता है. रति चीन के शिनुआ न्यूज़ एजेंसी के नई दिल्ली ब्यूरो में बतौर टी वी न्यूज़ रिपोर्टर कार्य कर चुकी हैं. रति आजकल स्वतंत्र पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. रति ने दिल्ली विश्वविद्यालय के मिरांडा हाउस कांलेज से अंग्रेज़ी विशेष में बी ए आनर्स किया है और इंग्लैंड के लीड्स विश्वविद्यालय से अंतराष्ट्रीय पत्रकारिता में एम ए किया है.

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