जो रोहिंग्या सऊदी अरब के लिए खतरनाक है वह भारत के लिए अच्छा कैसे हो सकता है?

जिस रोहिंग्याओं को मुसलिम देश सऊदी अरब पनाह देने को तैयार नहीं है उसी रोहिंग्याओं को भारत में बसाने के लिए प्रशांत भूषण जैसा वकील सुप्रीम कोर्ट की शरण में चला जाता है। तस्लीमा नसरीन ने सऊदी अरब द्वारा रोहिंग्या मुसलमानों को भगाए जाने को लेकर ट्वीट किया है कि मैंने सुना था कि मुसलमान आपस में भाई होते हैं लेकिन सच इससे उलट है। मैंने हमेशा यही देखा है कि अमीर मुसलमान गरीब से घृणा करते हैं, सून्नी मुसलमान शिया से और शिया सुन्नी से घृणा करते हैं। सुन्नी अहमदिया मुसलमान से घृणा करते हैं तो सऊदी मुसलमान यमिनी मुसलमान से घृणा करते हैं, भारत में भी पंजाबी मुसलमान बंगाली मुसलमान से घृणा करते हैं तो बंगाली मुसलमान पंजाबी से।

इससे साफ जाहिर होता है कि मुसलमान भी किसी दूसरे मुसलमान को बर्दाश्त नहीं करते, जबकि भारत में कुछ लोग ऐसे हैं जो वोट बैंक बढ़ाने के लिए रोहिंग्याओं को भारत में रखना चाहते हैं। वैसे भी भारत की स्थिति जनसंख्या के हिसाब से पहले से ही खराब। भारत में आज भी करीब 31 करोड़ लोग अवैध रूप से रह रहे हैं। क्योंकि 25 करोड़ लोग बगैर आधार के हैं। इतने दिनों के बाद भी आधार नहीं बन पाना यह दर्शाता है कि वे इस देश के असली नागरिक हैं ही नहीं। इसके अलावा 5 करोड़ बंग्लादेशी हैं तथा एक करोड़ रोहिंग्या अवैध रूप से रह रहे हैं।

इस संदर्भ में भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता तथा सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील अश्विनी उपाध्याय ट्वीट कर के जो आंकड़े दिए हैं उसके मुताबिक भारत की स्थित दूसरे देश से अवैध रूप से आए नागरिकों के कारण दयनीय हो गयी है। दुनिया की धरती पर भारत की हिस्सेदारी महज 2 प्रतिशत है जबकि वह विश्व की 20 प्रतिशत आबादी का भार ढो रहा है। कुछ खास समुदायों के कारण भारत की जनसंख्या वृद्धि भी चीन से ज्यादा है। भारत की जनसंख्य वृद्धि तीन गुणा है। भारत का क्षेत्रफल जहां चीन की तुलना में एक तिहाई है जबकि जनसंख्य वृद्धि की दर तीन गुना अधिक है। चीन में जहां प्रति मिनट 11 बच्चे जन्म लेते हैं वहीं भारत में 33 बच्चे पैदा होते हैं। इस लिहाज से देखा जाए तो भारत से रोहिंग्याओं का ही नहीं बल्कि बंग्लादेशियों के साथ ही अवैध रूप से रहने वाले वे 25 करोड़ लोगों को भी देश से बाहर निकाला जाना चाहिए। लेकिन देश के बहुसंख्यकों के संसाधन को लुटाकर खास संप्रदाय के नाम पर राजनीतिक रोटियां सेंकने में लगे हैं।

URL: If Rohingya dangerous for Saudi Arabia, how can be good for India

Keywords: Rohingyas, Rohingya issue, Saudi Arab, Taslima Nasrin, Prashant Bhushan, Muslim ideology, रोहिंग्या, रोहिंग्या मुद्दा, सऊदी अरब, तस्लीमा नसरीन, प्रशांत भूषण, मुस्लिम विचारधारा,

आदरणीय पाठकगण,

ज्ञान अनमोल हैं, परंतु उसे आप तक पहुंचाने में लगने वाले समय, शोध और श्रम का मू्ल्य है। आप मात्र 100₹/माह Subscription Fee देकर इस ज्ञान-यज्ञ में भागीदार बन सकते हैं! धन्यवाद!  

 
* Subscription payments are only supported on Mastercard and Visa Credit Cards.

For International members, send PayPal payment to [email protected] or click below

Bank Details:
KAPOT MEDIA NETWORK LLP
HDFC Current A/C- 07082000002469 & IFSC: HDFC0000708  
Branch: GR.FL, DCM Building 16, Barakhamba Road, New Delhi- 110001
SWIFT CODE (BIC) : HDFCINBB
Paytm/UPI/Google Pay/ पे / Pay Zap/AmazonPay के लिए - 9312665127
WhatsApp के लिए मोबाइल नं- 9540911078
ISD Bureau

ISD Bureau

ISD is a premier News portal with a difference.

You may also like...

Write a Comment

ताजा खबर