एक हिंदू की कट्टरपंथियों ने क्रूरतापूर्वक हत्या कर दी, लेकिन लिबरलों और पत्रकारों के कान पर जूं तक नहीं रेंगी!



Awadhesh Mishra
Awadhesh Mishra

तमिलनाडु के तंजावुर जिले में कुंबाकोनम नाम की एक दलित बस्ती में 42 साल के एक हिंदू की मुसलिम कट्टरपंथियों ने सरेआम इसलिए हत्या कर दी क्योंकि उन्होंने दलितों से बलात इसलाम कबूल कराने का विरोध किया था। पीएमके सदस्य रामालिंगम की कट्टरपंथियों ने इतनी क्रूरता से हत्या कर दी लेकिन देश और राज्य के लिबरल पत्रकारों के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी। रामालिंगम की हत्या आईएस की करतूतों को याद दिलाता है। इसी प्रकार हाल ही में एक मुसलिम कट्टरवादी ने एक हिंदू लड़की की कनपट्टी में पिस्तौल सटा कर गोली मार दी थी। बताया गया है कि दलित बस्ती में दलितों का इसलाम कबूल कराने का रामलिंगम काफी दिनों से विरोध कर रहा था। इससे वहां के कट्टरपंथियों ने उनके दोनों हाथ काट दिए। उन्हें जब तक अस्पताल में भर्ती कराया गया तब तक अत्यधिक खून बह जाने से उनकी मौत हो गई। इतनी निर्दयता से हत्या करने के बाद भी आज लुटियंस मीडिया खामोश है। सवाल उठता है कि अगर उसी जगह पर किसी मुसलमान की हत्या हुई होती तो ये लोग ऐसे ही खामोश और सहिष्णु बने रहते ?

अपने ट्वीट के माध्यम से यही सवाल उठाया है एक विश्व नागरिक कहने वाले एम पाइ ने। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में हिंदू कार्यकर्ता रामालिंगम की क्रूरतापूर्व हत्या कर दी। इस क्रूर हत्या के बाद भी लुटियंस मीडिया ने खामोश है। कहीं इसलिए तो नहीं कि जिनकी हत्या की गई है वे एक हिंदू थे? उन्होंने भी सवाल किया है कि अगर आज रामलिंगम की जगह किसी मुसलिम की हत्या हुई होती तो यही लुटियंस मीडिया इसी प्रकार चुप्पी साधी रहती?

जिहाद वाच के निदेशक रॉबर्ट स्पेंसर ने भी सवाल उठाया है कि भारत में एक हिंदू को मुसलिम कट्टरपंथियों ने इतनी क्रूरता पूर्वक दोनों हाथ काट दिए खून बह जाने के कारण उनकी मौत हो गई। ऐसी घटना हिंदू बहुलवादी भारत में ही हो सकता है।

कहा जाता है कि कट्टरपंथियों को रामलिंगम का सहिष्णु तर्क पसंद नहीं आया। इस वीडियो में मुसलिम टोपी पहने जिस शख्स को आप देख रहे हैं यही रामलिंगम है जिनकी कट्टरपंथियों ने हत्या कर दी। इस वीडियो के बारे में संघ कार्यकर्ता एसजी सुर्याह का कहना है कि रामलिंगम ने मुसलिम टोपी पहनकर उन लोगों को समझा रहे थे जो मजहब बदलवाने के लिए दलितों को समझा रहे थे। उन्होंने कहा कि हम तो आपकी टोपी अपने सिर पर धारण कर सकते हैं लेकिन क्या आप लोग हमारा तिलक अपने माथा पर लगा सकते हैं। आप लोग जो खाना अपने अल्लाह को चढ़ाते हैं हमलोग तो उसे भी स्वीकार करते हैं लेकिन क्या आप हिंदू देवी-देवताओं को चढ़ाए गए प्रसाद खा सकते हैं। आश्चर्य है कि इस तरह के तार्किक बात बताने वालों की मुसलिम कट्टरपंथियों ने हत्या कर दी।

रामलिंगम की हत्या करने वाले मुसलिम कट्टरपंथियों का संबंध पीएफआई से बताया गया है। आरोप है कि इस संगठन के सदस्य मजहबी नफरत फैलाते हैं। ये लोग दलित बस्ती में जाकर दलितों को सनातन धर्म के बारे में अनाप सनाप बताकर इसलाम मजहब स्वीकार करने के लिए उकसाते हैं।

भाजपा विधायक राजा सिंह का कहना है कि तमिलनाडु में एक हिंदू युवक की इसलिए क्रूरतापूर्वक हत्या कर दी जाती है क्योंकि उन्होंने हिंदू दलितों का इसलाम मजहब में कनवर्ट का विरोध किया था। लेकिन इतने बड़े गंभीर मामले के बाद में देश में कही भी इस पर चर्चा तक नहीं होती है। ऐसा इसलिए होता है क्योकि वह एक हिंदू था। उनका कहना है कि समय आ गया है अब अपनी-अपनी जातियों को छोड़ कर हम सभी को एकमात्र हिंदू के रूप में एकत्रित होना होगा।

वहीं एस रंगनाथन का कहना है कि इस मामले में सोशल मीडिया पर 90 हजार ट्वीट हुए हैं लेकिन किसी भी राष्ट्रीय या प्रदेश स्तर के मीडिया में इस खबर को जगह तक नहीं दी गई है।

रामलिंगम की हत्या के बाद भी किसी ने पीड़ित परिवार की सुध तक नहीं ली। लेकिन जैसे ही इस घटना का पता भाजपा के राष्ट्रीय सचिव एचराजा को पता चला उन्होंने तुरंत ही रामलिंगम के गांव थिरुपुवनम का दौरा किया और उस पीड़ित परिवार का हाल जाना। रामलिंगम के परिवार में उनकी पत्नी और वृद्धा मां के साथ उनके तीन बेटे भी हैं। भाजपा नेता ने पीडित परिवार का न केवल ढांढस बंधाया बल्कि हर प्रकार से मदद करने का आश्वासन दिया है।

URL : PMK office bearer in TN murdered for opposing conversions to Islam !

Keywords : JusticeForRamalingam,  PMK, conversions to Islam


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