बुलंदशहर की दहशत उत्तरप्रदेश के हर घर में व्याप्त है! छोटी-छोटी बच्चियों के बलात्कार का स्याह उद्योग चल रहा है उत्तरप्रदेश में!



ISD Bureau
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बुलंदशहर में एक पिता और पति के समक्ष उसकी नाबालिग बेटी और पत्नी के साथ जिस तरह से बलात्कार हुआ, वह उत्तरप्रदेश में स्त्रियों की दयनीय दशा की कहानी का सिर्फ एक पक्ष है! टाइम्स आॅफ इंडिया के गुरुवार 4 अगस्त 2016 पेज 1 और 10 पर एक रिपोर्ट प्रकाशित हुई है! यह रिर्पोट उत्तरप्रदेश में महिलाओं और छोटी-छोटी बच्चियों के साथ हो रहे यौन उत्पीड़न, बलात्कार और ब्लैकमेल की एक ऐसी कहानी बयान करता है, जिसे सोच कर भी सिहरन उत्पन्न होने लगती है!

पिछले पांच साल में उत्तरप्रदेश महिलाओं के अपराध के लिहाज से सबसे असुरक्षित प्रदेश बनकर रह गया है और इसे श्रेय दिया है स्वयं मुख्यमंत्री अखिलेश यादव व उनके कुनबे ने! अखिलेश यादव के पिता मुलायम सिंह यादव बलात्कार का समर्थन यह कहते हुए कर चुके हैं कि ‘लड़के हैं, गलतियां हो जाती हैं!’ तो अखिलेश के कबीना मंत्राी आजम खान ने ‘बुलंदशहर जैसे घृणित अपराध को विपक्षी साजिश’ बताकर यह दर्शा दिया कि प्रदेश की सरकार बलात्कारियों के पूरी तरह साथ है!

टाइम्स आॅफ इंडिया की रिपोर्ट कहती है कि उत्तरप्रदेश के स्कूलों के समक्ष पुरुषों का गिरोह सक्रिय रहता है, जो छोटी-छोटी स्कूली बच्चियों को अपना निशाना बनाता है! स्कूल से निकलने वाली लड़कियां डरी-दुबकी, सहमी आंखों से इन्हें देखते हुए किसी तरह बच कर निकलती हैं! ये पुरुष इन बच्चियों का बलात्कार कर इनका वीडियो बनाते हैं, जो छोटे-छोटे शहरों में खुलेआम वीडियो पार्लर में सीडी व पैन ड्राइव के जरिए 50 से 150 रुपए में धड़ल्ले से बिकते हैं। वीडियो पार्लर लोगों के मोबाइल में रेप का एक्सक्लूसिव वीडियो बताकर उसे अपलोड कर रहे हैं, और प्रशासन मौन है!

यह वीडियो इसलिए भी बनाया जाता है ताकि लड़की को ब्लैकमेल कर उसका बार-बार बलात्कार व यौन उत्पीड़न किया जा सके। यहां तक कि इस बलात्कार के वीडियो को सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफाॅर्म के जरिए भी बेचा जा रहा है! सोचिए उत्तरप्रदेश में महिलाएं किस तरह डर की मनोदशा में जी रही हैं!

बलात्कार और यौन उत्पीड़न का यह काला कारोबार उत्तरप्रदेश प्रशासन और पुलिस के नाक के नीचे चल रहा है, लेकिन जब उत्तरप्रदेश के नेता ही बलात्कारियों के पक्ष में बयानबाजी कर रहे हों तो फिर कोई बलात्कारियों को पकड़ने की हिम्मत आखिर कैसे कर सकता है? बलात्कारी बेखौफ उत्तरप्रदेश की महिलाओं की अस्मत लूटने और उसे बेचने में लगे हैं! जिस तरह से बुलंदशहर मामले में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की डरावनी चुप्पी बरकरार है, वैसे ही ऐसे मामलों में प्रशासन और अपने इज्जत की चिंता में घुलने वाले परिवार की चुप्पी भयावह होती चली गई है!

30 सेकेंड से 5 मिनट तक के बलात्कार के इन वीडियो का बड़ा बाजार उत्तरप्रदेश में बन चुका है। टाइम्स आॅफ इंडिया की हेडिंग है- ‘ डार्क ट्रेड बूमिंगः रेप वीडियो आॅन सेल एट रुपए 50-150 । घृणित स्तर देखिए कि एक्सक्लूसिव बलात्कार बताकर वीडियो बेचा जा रहा है, और प्रशासन खामोश है! आज अलीगढ़, कैराना जैसे जगहों से घर-बार छोड़ कर जो लोग निकल रहे हैं, उसमें एक बड़ा कारण घर की बहु-बेटियों के साथ आए दिन होने वाली छेड़छाड़ की घटनाएं प्रमुख हैं, जैसा कि कई परिवारों ने न्यूज चैनलों से बातचीत में कहा है। संभव है कि कई परिवार की लड़कियां बलात्कार की भी शिकार हुई हों, लेकिन जब अंधेर नगरी और वहां का राजा चैपट हो तो लोगों ने पलायन में ही अपनी भलाई समझी है!

रिपोर्ट में जिन जगहों पर ऐसे वीडियो पार्लर का का जिक्र किया गया है, उनमें आगरा कासगंज मार्केट, ताजगंज, सदर, बिलानगंज, बालकेश्वर, कमला नगर आदि शामिल हैं। इन इलाकों के जनसंख्या को देखकर समझा जा सकता है कि किस तरह और किस समुदाय से लोग ‘बलात्कार का बिजनस’ चला रहे हैं! यह साफ तौर पर समाजवादी पार्टी के वोटर हैं और शायद यही वजह है कि मुलायम सिंह और आजम खान जैसे नेता बलात्कारियों का पक्ष सार्वजनिक रूप से ले कर भी बेशर्मी से मुस्कुराते हैं! उत्तरप्रदेश महिलाओं के लिए सीरिया बन चला है, न वहां की महिलाएं सुरक्षित हैं न यहां की!

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