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Category: विचार

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इतिहास तथा भविष्य का निर्माण करने वाली मानव की सर्वाधिक शक्तिशाली क्षमता !

मानव की वह क्षमता जो इतिहास को भी बदल सकती है और भविष्य का रुख तय कर सकती है , वह है – प्रश्न पूछकर उसके उत्तर की खोज की क्षमता । यह क्षमता...

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मोदी अंकल से मिलना है ! 

अर्चना कुमारी। मानसिक रूप से बीमार 14 वर्षीय किशोर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने की चाहत लेकर घर से निकल गया। बताया जाता है घूमता हुआ वह घर से काफी दूर निकल गया। इस...

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मैं भारत सरकार को कुछ सुझाव देना चाहता हूं

1 सरकारी नियंत्रण से देश के सभी मंदिरों को मुक्त किया जाए 2 अल्पसंख्यकों की परिभाषा जिले या राज्य स्तर पर तय की जाएं 3 वक्फ बोर्ड मुस्लिम और पर्सनल लॉ बोर्ड को समाप्त...

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चेतावनी: अगर आप अपनी सेहत को लेकर ज़रा भी सीरीयस हो तो घी को कोसना बंद करके पूरी पोस्ट पढ़िये

व्यापार में विज्ञापन तर्क़ का विकल्प है। दोबारा पढ़िये। व्यापार में विज्ञापन तर्क का विकल्प है। जितना जल्दी आप ये 7 शब्दो का वाक़्य समझ और गुण लेंगे जीवन जंजाल से मुक्त होने लगेगा।...

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नेता के नशा में जनता Critical thinking या अपनी तार्किक क्षमता को बिलकुल खो देती है!

सारा कुमारी. Neil Postman की एक किताब आई थी – Amusing ourselves to death, (modern era) आधुनिक युग में हिन्दुओं की सभी लीडरशिप कुछ इसी तरह की आ रही है, भीड़ से निकल कर स्वयं...

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मनोरोगियों की लिखी किताबें बच्चों को इतिहास कहकर पढ़ाना बन्द हो

रामेश्वर मिश्र पंकज। आज बाबू सरस्वती प्रसाद हम से मिलने आए थे।। हमारे बहुत पुराने मित्र। देश दुनिया की बातों में बड़ी रुचि रखते हैं। आज हमने उनसे निजी बात की। हमने कहा कि...

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महर्षि वेदव्यास पर अनर्गल प्रलाप करते जग्गी!

राहुल सिंह राठौर ज्योतिषी। जग्गी वासुदेव को उत्तर भारतीयों ने अपने सिर आँखों पर बैठा रखा है, पर यह आर्य-द्रविड़ संघर्ष की मानसिकता से बाहर ही नहीं निकल पा रहे हैं। इनके अनुसार वेद...

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हिन्दुओं को सद्भावना का पाठ पढ़ा कर विधर्मियों का साथ क्यों ?

सुभाष चन्द्र। सद्गुरु जग्गी – हिन्दुओं कोसद्भावना का पाठ पढ़ा करविधर्मियों का साथ क्यों देतेहो –इतिहास में उन्होंने क्याकिया और आज भी क्या कररहे हैं, ये तो ध्यान कर लेते – -गतांक से आगे...

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सद्गुरु जग्गी वासुदेव हिन्दू समाज को जड़ से काटकर समाज को क्यों नष्ट करना चाहते हैं ?

सुभाष चन्द्र। सद्गुरु जग्गी -एक दिन में कितनेहिन्दू विरोधी पत्रकारों के “बाप”बन गए – कितने सेक्युलरिस्टों केआँख के नूर बन गए । मगर हिन्दू समाज को जड़ों सेकाट कर समाज को नष्ट करनाक्यों चाहते...

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रेत-समाधिः बधाई लेकिन…?

डॉ. वेदप्रताप वैदिक गीताजंलि श्री के उपन्यास ‘रेत-समाधि’ के अंग्रेजी अनुवाद ‘टाम्ब आफ सेन्ड’ को बुकर सम्मान मिलने पर हिंदी जगत का गदगद होना स्वाभाविक है। मेरी भी बधाई। मूल अंग्रेजी में लिखे गए...

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बिल्ली और फेमिनिज्म : यात्रा

सोनाली मिश्रा। प्रकृति से दूर हुए मानव की निर्बलता देखनी है तो प्रसव क्रिया में देखिये. कल रात को अंतत: वह वह घड़ी आई जब वह बिल्लो उस पीड़ा से दो चार हो रही...

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राजनीति, जनमानस और कुचक्र

राजीव नांदल। राजनीति वह पाठशाला है जहाँ मनुष्य कितना भी पढ़ ले सदा छात्र ही रहता है। इस पाठशाला में कोई मुख्य अध्यापक नहीं होता। जहाँ छात्र यह मान लेता है कि अब वह...

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हिजाब या अलगाववादी षडयन्त्र

भारतीय संविधान के अनुसार प्राथमिक शिक्षा सबके लिए अनिवार्य है। किन्तु इस अनिवार्यता के बावजूद दुर्भाग्यवश स्वतंत्रता के 75वें वर्ष में भी देश की कुल जनसंख्या का 36.90 फीसदी हिस्सा आज भी निरक्षर है।...

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आप ऊँचे हैं या लंबे ?

कमलेश कमल। क्या आपने कभी गौर किया है कि अंग्रेजी में आप अपनी height बताते हैं, length नहीं ; जबकि हिंदी में अपनी लंबाई लिखते हैं। दैनिक जीवन में कुछ ऐसा ही हम सुनते...

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कोरोना वायरस की डायरी के कुछ फटे हुए पन्ने : जैविक युद्ध, अध्यात्म, सामाजिक व्यवहार, फार्मा इंडस्ट्री, यूरोपीय मॉडल और बहुत कुछ!

आदित्य जैन। पहला फटा हुआ पन्ना : विश्व के सभी देशों में इस वायरस ने अपनी स्याही से वहां के राष्ट्रीय, सामाजिक, राजनीतिक, व्यक्तिगत आदि पन्नों पर अपनी कहानी लिख छोड़ी है । कहीं...

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अच्छा नहीं, बेहतर बनने की कोशिश करें!

कमलेश कमल। अच्छा होना एक अस्पष्ट अवधारणा है, जबकि बेहतर बनना सुस्पष्ट है और परिणामकेन्द्रित है। अच्छा और बुरा वैसे भी सापेक्षिक शब्द हैं। इसलिए, होना यह चाहिए कि हमारा ध्येय हो कि हम...

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मृत्यु आखेट कर रही, हमें बचना है।

कमलेश कमल. आज संपूर्ण मानवजाति एक अदृश्य हमले से बेहाल-खस्ताहाल है। विधि की विडंबना ऐसी कि बड़े-बड़े विनाशक आयुध धरे रह गए और लगभग 10 ग्राम विषाणुओं ने पूरी धरित्री पर विनाश का वीभत्स...

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पुष्प के सुवास का पता भ्रमर को कौन देता है?

कमलेश कमल. पुष्प के सुवास का पता भ्रमर को कौन देता है? आम्र-मंजरियों का ठिकाना कोयल को कैसे मिलता है? साइबेरिया के प्रवासी पक्षी सहस्त्र-योजन दूर भरतपुर की अनुकूल पारिस्थितिकी को कैसे जान जाते...

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