Watch ISD Live Now   Listen to ISD Podcast

Category: नारी जगत

0

नारी तू नारायणी है!

भार्या अर्थात् जो भरण-पोषण करे पत्नी अर्थात् जो पतन की राह पर जाने से बचाए। अर्द्धांगिनी अर्थात् जो एक पुरुष को पूर्ण करे। भारतीय शास्त्रों में पत्नी का जो गरिमामयी स्थान है, वह उसके...

0

क्या पश्चिम में फेमिनिज्म से उकताकर परम्परागत पत्नियों की भूमिका पुन: लिखी जा रही है ?

सोनाली मिश्रा । क्या पश्चिम में फेमिनिज्म से उकताकर परम्परागत पत्नियों की भूमिका पुन: आरम्भ होने जा रही है?  यह प्रश्न इसलिए उभर कर आया है कि पिछले दिनों एक ट्रेंड दिखाई दिया, और...

0

वट सावित्री के बहाने कुछ बातें! क्यों सावित्री को पिछड़ा बताता है फेमिनिज्म?

Sonali Misra. सोमवार को ही भारत में एक विशाल पर्व मनाया गया। यह पर्व हिन्दू स्त्रियाँ मनाती हैं और इसी पर्व के कारण वह कथित फेमिनिस्ट के निशाने पर रहती हैं। वट सावित्री अर्थात...

0

क्यों समझ से बाहर है “स्त्री” ?

श्वेता पुरोहित : त्रियाचरित्रम् अर्थात तीन प्रकार के चरित्र !१ – सात्विक २- राजसिक ३- तामसिक ब्रह्माण्ड का सञ्चालन सुचारु रूप से चलाने के लिये उन्होंने तीन प्राकृतिक गुणों की रचना की जो सत्व,...

0

लेफ्ट अब्राह्मिक कल्ट के ही इशारों पर चलता कथित राष्ट्रवादी विमर्श ?

वर्ष 1936 में लंदन में कुछ मुट्ठी भर लेफ्ट और इस्लामिस्ट लोगों ने हिन्दी के साहित्य के लिए प्रगतिशील लेखक मंच की स्थापना की और उसके साथ ही भारत के साहित्य के आकाश पर...

1

हंस से लेकर स्त्रीकाल और गृहशोभा तक साहित्य को सॉफ्ट पोर्न और हिन्दू-विरोधी बनाने की होड़

सोनाली मिश्रा । साहित्य को कभी राजनीति से आगे चलने वाला कहा जाता था। साहित्य को कभी ज्ञान की मशाल कहा जाता था। परन्तु जैसे ही वर्ष 1935 में मुल्क राज आनंद, सज्जाद जहीर...

0

टूटते विवाह के लिए एकपक्षीय विमर्श चलाने वाले या वालियां दूसरा पक्ष सामने रखने पर आपको ही एकतरफा कह देते हैं, आश्चर्य है!

श्वेतादेव । ससुराल में बेटियों को सताए जाने के विरोध में समाज और राज्य दोनों हैं। बेटियों के प्रोटेक्शन के लिए दहेज उत्पीड़न, घरेलू हिंसा जैसा कानून बना। उत्पीड़क पुरुष और परिवार को सजा...

1

मायके के अनावश्यक हस्तक्षेप से टूट रही है गृहस्थी!

बेटियों के मायके, खासकर मां के हस्तक्षेप के कारण इतने घर टूट रहे हैं, इतनी आत्महत्या की घटनाएं सामने आ रही हैं कि डर लगता है। अखबार में हर सप्ताह ऐसी घटनाएं पढ़ने को...

0

#InternationalWomensDay विशेष…जब नोएडा की दीप्ति ने अपने शौक को उद्यम में बदला

आप अपने रोजमर्रा की जिंदगी में जो भी काम करते हैं उसे उद्यम में बदलने की गुंजाईश हमेशा रहती है। वह चाहे खाने बनाना हो, कपड़े धोना हो या बच्चों को पढाना। नोएडा निवासी...

5

इन पंच मक्कारों को भीष्म – सा बाण दो , हे भारतीय नारी ! भारत को तार दो

आदित्य जैन। आज अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर आपको छद्म नारीवादियों , वामपंथियों , उदारवादियों और तथाकथित आधुनिकतावादियों के द्वारा किया जा रहा विमर्श प्राप्त होगा । जिसमें भारतीय नारी को शोषित , दमित और...

0

एक साधारण स्त्री को बचकर रहना चाहिए छद्म बौद्धिक फेमिनिस्ट से

एक साधारण स्त्री को बचकर रहना चाहिए छद्म बौद्धिक फेमिनिस्ट से,क्योंकि उनके दिमागों में भरी होती है विष्ठा,यौन कुंठा,रात्रि में विकृत भावों से पी गयी मदिरा कीगंदी हंसी!एक साधारण स्त्री को बचकर रहना चाहिए,...

0

वोक ऑर्थोडॉक्स लिब्रल्स को चाहिए हॉट संघी वीमेन अपनी हवस के लिए

Sonali Misra. नीचा गिरने की एक सीमा होती है, जब लगता है कि कट्टर वामपंथी इससे नीचे नहीं जा सकते हैं, वह अपनी ही धारणा तोड़ने आ जाते हैं। अब वोक ऑर्थोडॉक्स लिब्रल्स, माने...

0

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर विशेष…सिंगल मदर के नाम पर विक्टिम कार्ड का फेमिनिस्ट खेल!

Sonali Misra. मेरे लिए माँ बनना मात्र स्वयं की सम्पूर्णता के लिए आवश्यक था. सम्पूर्णता की चाह लिए मातृत्व होगा तो वह आपके जीवन में विस्तार करेगा. वह विस्तार अद्भुत होगा, वह विस्तार इसलिए...

0

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर विशेष… संभोग, उपभोग और वामपंथी औरतें!

Sonali Misra. एक बात को लेकर स्वयं से प्रश्न करें कि आपको बच्चे क्यों चाहिए? यह बहुत ही मूल प्रश्न है, आपको बच्चे क्यों चाहिए और आपको विवाह क्यों करना है? यह जो सिंगल...

3

कबीर ने भी लिखी स्त्री विरोधी पंक्तियाँ, फिर वामपंथियों ने तुलसी पर क्यों प्रहार किया

वह दिनों दिन हमें तोड़ने के लिए कुछ न कुछ नया सामने लाते हैं। जब तुलसीदास को जनता की दृष्टि से गिराने में सफल न हो पे, तो अकादमिक में एक नया विमर्श वामपंथी...

0

एक महिला यदि ‘स्त्रीत्व’ की जगह अपने अंदर ‘औरतपन’ ढूंढने लगे तो वह अपनी गरिमा खो देती है!

परसों रात शकुंतलादेवी फिल्म देख रहा था। वहां मातृत्व और स्त्रित्व की टकराहट में बार-बार अपने अंदर ‘औरत की तलाश’ शब्द मुझे खटक रहा था। कल सुबह यूं ही बैठे-बैठे स्त्री के विभिन्न शाब्दिक...

4

स्त्री, महिला, औरत के अंतर को समझ कर बोलें!

कल शकुंतला देवी फिल्म रिलीज हुई। प्रसिद्ध गणितज्ञ और ह्यूमन कंप्यूटर शकुंतला देवी की इस कहानी में बार-बार मातृत्व और औरत के बीच का टकराव दिखाया गया है। और यह साबित करने की कोशिश...

4

साधारण किन्तु असाधारण ओंके ओबव्वा

“किला तो घेर लिया है, मगर उसमें अंदर नहीं घुस सकते!” हैदर अली से उसके सैनिक ने आकर कहा। हैदर अली उन दिनों दक्षिण में आतंक का नाम बन गया था। हैदर अली ने...

ताजा खबर