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Author: Vipul Rege

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गणतंत्र विशेष : देश के सर्वोच्च सम्मान अब राष्ट्र निर्माण के नायकों को खोजने लगे हैं

अनिरुद्ध और निखिल ने प्रदूषण से बनने वाली कालिख से स्याही बनाकर दिखा दी है।

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Movie review: इस फिल्म का समग्र प्रभाव तेज़ाबी है, जो भीतर से आपको जला देता है

एक ग्रामीण बालक की कथा है, जो ‘हॉफ बेक्ड’ रह गया है। इस प्रतिभाशाली अनपढ़ की यात्रा एक निर्मम हत्या पर समाप्त होती है।

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अयोध्या के राजसदन में ‘आश्रम’ की शूटिंग दुर्भाग्यपूर्ण है, वेटिकन से सबक ले सरकार

क्रिश्चनिटी के केंद्र वेटिकन सिटी का महत्व विश्व के ईसाई समुदाय के लिए वैसा है, जैसा भारत में अयोध्या का महत्व विश्वभर के हिन्दू समुदाय के लिए है। दोनों ही स्थान पवित्रतम माने जाते...

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प्रकाश जावड़ेकर के कारण मोदी सरकार पर अलोकप्रियता के काले बादल छाने लगे हैं

‘तांडव’ मामले में कोई ठोस कार्रवाई न होती देख संत समाज भी चिढ़ गया है और आंदोलन की चेतावनी दे रहा है।

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फिल्म के दृश्य काटने से क्या होगा, देश में ‘तांडव’ के लाखों पाइरेटेड प्रिंट मौजूद है

केंद्र को इस पर भी विचार करना चाहिए कि महाराष्ट्र राज्य के फिल्म उद्योग में ही धर्म विरोध और देश विरोध क्यों प्रकट हो रहा है।

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अली अब्बास ज़फ़र की माफ़ी के बाद क्या गिरफ्तारी नहीं होगी? कानून है या मज़ाक

केंद्र के कुछ तत्वों ने मनोरंजन उद्योग को ये भरोसा दिला दिया है कि वे हिन्दू धर्म के विरुद्ध कुछ भी बना ले, उनका कोई कुछ नहीं कर पाएगा।

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देर रात मुंबई पहुंचेगी उत्तरप्रदेश पुलिस की टीम, निर्माता-निर्देशक की गिरफ्तारी संभव

योगी आदित्यनाथ के मीडिया सलाहकार मृत्युंजय कुमार ने अपने ट्वीटर हैंडल पर लखनऊ पुलिस द्वारा की गई एफआईआर की पुष्टि की।

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मनोरंजन उद्योग को लेकर इतनी लाचारी तो और किसी भी सरकार में नहीं देखी गई

अली अब्बास ज़फर की वेबसीरीज ‘तांडव’ के चाबुक हिन्दू की पीठ पर बरस रहे हैं। ये दिन ‘एक दिन’ तो आना ही था। मैं इस लेख को लिखते हुए बराबर ये सोचता रहा कि...

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Movie Review: ये डाक्यूमेंट्री आपको सोशल मीडिया की अंधेरी गलियों में ले जाती है

डाक्यूमेंट्री झकझोर देने वाले ढंग से बता रही है कि नियमित सोशल मीडिया जीवन जीने वालों पर कितना बड़ा संकट आ गया है।

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‘बेबी बम्प’ से भी पैसा कमाने की अद्भुत कला में बॉलीवुड कलाकारों का मुकाबला नहीं है

स्त्री का मातृत्व एक निजी अनुभूति है। ये अनुभूति उसके और उसके परिवार की निजी थाती होती है।

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फड़नवीस चाहते हैं कार्यकर्ता विपक्ष की भूमिका निभाते रहे और वे स्वयं निष्क्रिय रहें

सन 2020 का वर्ष महाराष्ट्र के विपक्ष के लिए सत्ता पर काबिज होने का स्वर्णिम अवसर था, जो महाराष्ट्र भाजपा ने गंवा दिया।

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अमिताभ बच्चन को अपना व्यावसायिक साम्राज्य ढहता दिखाई दे रहा है

गत वर्ष 17 नवंबर को बार्क की रेटिंग में अमिताभ बच्चन का ‘कौन बनेगा करोड़पति’ को 3.9 की रेटिंग दी गई थी। गूगल की रेटिंग भी लगभग ऐसी ही दिखाई देती है। सोनी टीवी...

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Movie review : अरविंद केजरीवाल की सच्चाई परखती है ‘पारदर्शिता’

इसे एक पार्टी की पराजय का डाक्यूमेंटेशन कहा जाए या आँखें खोल देने वाला एक बेहतरीन दस्तावेज कहा जाए।

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स्त्री को ‘लोहे का अंतर्वस्त्र’ पहनाने की अरबी-यूनानी प्रथा भारत की फिल्म में क्यों?

कथित राज्य के राजकुमार अपनी रानियों और दसियों को ‘लौह अंतर्वस्त्र’ पहनाते दिखाए गए हैं।

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