टुकड़े-टुकड़े गिरोह पर चार्जशीट दाखिल करने की इजाजत नहीं दे रही केजरीवाल सरकार!

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सरकार से इजाजत नहीं मिलने के बाद ही दिल्ली पुलिस ने जेएनयू देशद्रोह मामले में 1200 पन्नों की चार्जशीट इसी महीने 14 तारीख को दाखिल कर दी थी। लेकिन आज जब दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई शुरू की तो दिल्ली पुलिस को केजरीवाल सरकार से इजाजत नहीं मिलने की वजह से फिर से अनुमति लेकर आने को कहा है। कोर्ट ने कहा है कि दिल्ली सरकार के अनुमति के बगैर इस मामले में संज्ञान नहीं लिया जा सकता है। मालूम हो कि साल 2016 में संसद हमले में दोषी ठहराए गए आतंकवादी अफजल गुरू की फांसी के खिलाफ जेएनयू परिसर में एक कार्यक्रम आयोजित कर देश के टुकड़े टुकड़ करने जैसे देश विरोधी नारे लगाए गए थे। दिल्ली पुलिस ने देशद्रोह के मामले में जेएनयू के तत्कालीन छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार, उमर खालिद तथा अनिर्बान भट्टाचार्य को मुख्य आरोपी बनाते हुए मामला दर्ज किया था। बाद में इस मामले की जांच कर 12 सौ पन्ने की चार्जशीट तैयार कर उसे पटियाला हाईकोर्ट में दायर की थी।

मालूम हो कि जेएनयू देशद्रोह के मामले में कन्हैया कुमार उमर खालिद तथा अनिर्बान भट्टाचार्य को पुलिस ने गिरफ्तार भी किया था। वे तीन अभी जमानत पर बाहर हैं। एक तरफ दिल्ली पुलिस देश विरोधियों को कानून के सामने खड़ा करने के लिए दिन-रात जुटी है जबकि केजरीवाल सरकार देशद्रोहियों को बचाने में जुट गई है। दिल्ली सरकार से दिल्ली पुलिस को चार्जशीट दाखिल करने की अनुमति नहीं मिलने की वजह से कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई करने की तारीख 6 फरवरी तय की है।

कोर्ट के आदेश के बाद दिल्ली पुलिस ने आश्वस्त किया है कि वह इस बार 10 दिन में दिल्ली सरकार से 10 दिनों के अंदर अनुमति ले लेंगे। कोर्ट के आदेश के बाद दिल्ली सरकार ने आरोप लगाते हुए कहा है कि दिल्ली पुलिस ने जेएनयू देशद्रोह मामले में किसी प्रकार के अभियोजन की इजाजत नहीं मांगी है। इस मामले में कौन झूठ बोल रहा है और कौन सच ये जांच के बाद ही पता चलेगा। इस बीच कपिल मिश्रा ने ट्वीट कर केजरीवाल सरकार पर देशद्रोहियों को बचाने के लिए उनके साथ खड़े होने का आरोप लगाया है।

आप से निष्कासित दिल्ली के विधायक कपिल मिश्रा ने दिल्ली पुलिस को चार्जशीट दायर करने की अनुमति नहीं देने पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को आड़े हाथ लिया है। उन्होंने कहा है कि देश देख रहा है कि किस प्रकार दिल्ली के मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठा एक व्यक्ति देशद्रोहियों को बचाने में जुटा है। उन्होंने कहा है कि अरविंद केजरीवाल ने कन्हैया कुमार, उमर खालिद जैसे देशद्रोहियों के खिलाफ चार्जशीट पर अनुमति देने से इंकार कर दिया।

अरविंद केजरीवाल मोदी विरोध में इतने अंधे हो गए हैं कि उन्होंने देश का ही विरोध करना शुरू कर दिया है। मोदी विरोध के कारण आज वह देश विरोधियों के साथ खड़े हो गए हैं।

देश के खिलाफ आवाज उठाने की बात हो या बदनाम करने की बात हो दिल्ली सरकार हमेशा से उसका समर्थन करती आई है। वैसे भी आम आदमी पार्टी का गठन ही तो देश के खिलाफ जहर उगलने से हुआ था। दिल्ली पुलिस केजरीवाल सरकार पर चार्जशीट दायर करने की अनुमति नहीं देने का आरोप लगा रही है।

पाकिस्तान में भारतीय सेना द्वारा की गई सर्जिकल स्ट्राइक पर सबसे पहले सबूत मांगने वालों में अरविंद केजरीवाल ही तो थे। इस हिसाब से देखा जाए तो देशद्रोह मामले में शामिल आरोपियों और केजरीवाल का देश के खिलाफ एक ही स्टैंड रहा है। दिल्ली पुलिस को चार्जशीट दाखिल करने की अनुमति देखर केजरीवाल ने एक बार फिर अपना देश विरोधी स्टैंड दिखा दिया है।

 

URL : Kejriwal government not allowed to file charge sheet on sedition case!

Keyword : JNU sedition case, arvind kejriwal, delhi polic, patiyala court

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