मायावती और तेजस्वी यादव दोनों पर पड़ा सुप्रीम कोर्ट का हथौड़ा!



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सुप्रीम कोर्ट में आज अलग-अलग मामले में हुई सुनवाई के दौरान यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती और बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री तथा चारा चोर लालू प्रसाद यादव के नौंवी फेल पुत्र तेजस्वी यादव को करारा तमाचा लगा है। भले मामले अलग-अलग सुने गए हो लेकिन माजरा एक ही था, दबंगई का। मायावती ने मुख्यमंत्री रहते हुए दबंगई से नोएडा और लखनऊ में हाथी और अपनी पत्थर की मूर्ति लगा ली थी वहीं तेजस्वी यादव अपने पिता सजायाफ्ता लालू यादव की दबंगई के रास्ते पर चलते हुए अपना सरकार निवास अभी तक खाली नहीं किया है। इसी मामले में सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने जहां मायावती को सारी मुर्तियों का खर्च वहन करने को कहा है,वहीं सरकारी आवास खाली नहीं करने को लेकर तेजस्वी यादव पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगा दिया है।

बसपा सुप्रीमों मायावती के बारे में सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि प्रथम दृष्टया बसपा नेता मायावती को प्रतिमाओं पर खर्च किए गए सभी सार्वजनिक धन का भुगतान करना है। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने नोएडा और लखनऊ में प्रतिमाओं के निर्माण पर सार्वजनिक धन खर्च करने को लेकर बसपा सुप्रीमो के खिलाफ दायर याचिका की सुनवाई के दौरान यह निर्देश दिए है। हालांकि सुनवाई के दौरान न्यायाधीश गोगोई ने कहा है कि इस मामले की अगली सुनवाई 2 अप्रैल को की जाएगी।

मायावाती के मामले मे सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के बारे में ट्वीट करते हुए राजीव कुमार सिन्हा ने लिखा है कि सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला मायावती के लिए एक झटका ही है। क्योंकि न्यायाधीश गोगई ने कहा है कि प्रथम दृष्टि में तो यही लगता है कि हाथी की मूर्तियों पर खर्च हुए सरकारी पैसे का वहन खुद मायावती को करना है।। सुप्रीम कोर्ट ने इसके लिए मायावती को तैयार रहने को भी कहा है।

वहीं एक अलग मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव पर सरकारी आवास नहीं खाली करने को लेकर 50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। मालूम हो कि नीतीश कुमार सरकार के दौरान तेजस्वी यादव को उप मुख्यमंत्री के रूप में जो आवास आवंटित किया था वह अब खाली करने को तैयार ही नहीं है। जबकि उन्हें सरकार से बाहर हुए कई महीने बीत चुके हैं। गौर हो कि तेजस्वी को आवंटित आवास वर्तमान उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी को आवंटित किया जा चुका है, लेकिन तेजस्वी यादव की दबंगई के कारण उन्हें अभी तक अपने आवास का पोजेसन नहीं मिल पाया है।

इस मामले में पटना हाईकोर्ट ने जब उप मुख्यमंत्री का आवास खाली करने का आदेश दिया तो तेजस्वी ने उसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे दी। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने तेजस्वी की यायिका को खारिज करते हुए न केवल उन्हें नेता विपक्ष के लिए आवंटित बंगले में शिफ्ट होने का आदेश दिया बल्कि 50 हजार रुपये का जुर्माना भी ठोक दिया।

तेजस्वी की इसी दबंगई के कारण सुप्रीम कोर्ट ने उनपर 50 हजार रुपये का जुर्माना ठोका है। लेकिन लगता नहीं है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा जुर्माना लगाने के बाद भी वे सुधरेंगे। क्योंकि सुधरना तो उनकी आदत में ही नहीं है। पिता के सजायाफ्ता होने के बाद भी ये लोग दबंगई से बाज नहीं आ रहे हैं।

URL : supreme cort slaps his decisions on the face of maya and tejaswi

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