Watch ISD Live Now Listen to ISD Radio Now

Tagged: navratri 2021

0

महागौरी– माता का आठवाँ रूप

क्या है त्रिशूल, वृषभ, डमरू आदि का वास्तविक अर्थ? आरंभ में एक बार माता के पहले के सात प्रतीकात्मक रूपों का पुनर्स्मरण कर लेना विषयवस्तु को समझने हेतु समीचीन होगा– पहला रूप–शैलपुत्री – हमारे...

0

‘प्रतीकों में महाकाली’ माता का सातवाँ रूप

कमलेश कमल अब तक सिंह की सवारी करने वाली माता अब क्यों है गर्दभ पर सवार? ‘काल’ समय को कहते हैं और मृत्यु को भी। सनातन कहता है कि काल(समय) ही काल(मृत्यु) है। यह...

0

‘शक्ति-साधना और आज्ञाचक्र की वैज्ञानिकता’ माता कात्यायनी (आदि शक्ति का छठा रूप)

कमलेश कमल. पराम्बा शक्ति पार्वती के नौ रूपों में छठा रूप कात्यायनी का है। अमरकोष के अनुसार यह पार्वती का दूसरा नाम है। ऐसे, यजुर्वेद में प्रथम बार ‘कात्यायनी’ नाम का उल्लेख मिलता है।...

0

स्कंदमाता (माता का पञ्चम रूप)

कमलेश कमल. माँ शेर पर सवार हैं– क्या इसका कोई प्रयोजन है? क्या ‘शिव-कंठ’ के ‘नीले’ होने का इस साधना से भी कोई संबंध है? या देवी सर्वभूतेषु मातृ रूपेण संस्थिता।नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो...

0

चंद्रघण्टा ( माँ का तीसरा रूप)

कमलेश कमल. यह सृष्टि-चक्र शक्ति-चक्र ही है। सृष्टि का प्रत्येक प्राणी चाहे देव हो, ऋषि हो, मनुष्य हो, पशु हो या पक्षी– सबमें शक्ति है या सब इसी शक्ति की साधना या शक्ति के...

0

चैत्र नवरात्र से ही भारतीय नववर्ष आरंभ होता है।

कमलेश कमल | ब्रह्मचारिणी : (माँ का दूसरा रूप ) नवरात्र वर्ष में चार बार आता है। इनमें चैत्र और आश्विन मास के नवरात्र का विशेष महत्त्व है। चैत्र नवरात्र या वासंती नवरात्र से...

0

नवरात्र का भाषा-वैज्ञानिक माहात्मय और माँ शैलपुत्री

कमलेश कमल| माँ दुर्गा को आदिशक्ति कहा गया है अर्थात् सभी शक्तियाँ इन्हीं से निःसृत होती हैं। यही सृष्टि की नियामिका शक्ति हैं, साथ ही अखिल ब्रहमाण्ड की आधारशिला भी। यही अखिल ब्रह्माण्ड को...

ताजा खबर