मोदी जी एक सर्जिकल स्ट्राइक मीडिया हाउसों और पत्रकारों पर भी जरूरी है! अभिव्यक्ति का स्यापा बहुत हुआ!



ISD Bureau
ISD Bureau

इंडिया टीवी के मालिक और प्रमुख संपादक रजत शर्मा ने तो #DeMonetisation मामले में हद कर दी! वित्त मंत्री @arunjaitley के द्वारा #आपकीअदालत में बार-बार समझाने के बावजूद वह न समझने की जैसे जिद पाले बैठे थे! इंडिया टीवी की लगातार रिपोर्टिंग और उनकी #आजकीबात प्राइम टाइम शो पूर्वग्रह से भरा और एक तरफा दिख रहा है। कहीं न कहीं निजी अस्पतालों और शादी माफियाओं जैसे- टेंट कारोबारी व सुनार आदि के पक्ष में फिर से 500/1000 के नोट शुरू करने को लेकर रिपोर्टिंग झुकी हुई लग रही है। याद रखिए दिल्ली एनसीआर में निजी अस्पताल और टेंट कारोबार में बहुत सारा काला धन लगा हुआ है! दिल्ली के कई नेताओं का टैंट करोबार चल रहा है, जो कैश में डील करते हैं!

कहीं न कहीं #BlackMoney पर प्रहार से मीडिया के कई हिस्से विचलित नजर आ रहे हैं! #NDTV में पी. चिदंबरम का 5000 करोड़ कालाधन, वह भी हवाला के जरिए लगे होने के सबूत के बाद इन मीडिया हाउसों और पत्रकारों पर भरोसा करने की कोई वजह नहीं रह जाती है!

बरखा दत्त, प्रभु चावला, वीर सांघवी आदि जैसे पत्रकार 2जी स्पेक्ट्रम की दलाली करते हुए जनता की नजर में बेनकाब हो चुके हैं! पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी #ISI के पैसे पर कश्मीर मुद्दे को पाकिस्तान के पक्ष में मोड़ते हुए कुलदीप नैयर, दिलीप पडगांवकर आदि पकड़े जा चुके हैं! #NGO, भ्रष्ट नौकरशाह के काले कारोबार में टाइम्स ऑपफ इंडिया के एक संपादक मनोज मिट्टा आदि को सहयोगी की भूमिका में सुप्रिम कोर्ट ने पकड़ा है!

90 के दशक में #TOI के मालिक और प्रणय राय भी टैक्स चोरी में पकड़े जा चुके हैं! राजदीप सरदेसाई दाउद इब्राहिम के पक्ष में लेख लिखते रहे हैं! इंडियन एक्सप्रेस और इंडिया टुडे के पत्रकार का हथियार डीलरों के साथ संबंध की जानकारी छन कर बाहर आ चुकी है!

कहीं न कहीं काला और हवाला कारोबारियों के साथ बड़े मीडिया हाउसों और पत्रकरों का नेक्सस जरूर है! प्रधनमंत्राी नरेंद्र मोदी जी से अनुरोध है कि प्लीज आखिर में एक #SurgicalStrik मीडिया हाउसों और पत्रकारों पर भी जरूर करें, बिना यह सोचे कि ये अभिव्यक्ति की आजादी का स्यापा काटेंगे! ये संविधान व कानून से ऊपर नहीं हैं कि इनकी जांच ही नहीं हो सकती? ये लोग अपना एजेंडा चलाने और अपने काले चेहरे को छुपाने के लिए मीडिया और अभिव्यक्ति की आड़ लेते रहे हैं और देश में झूठ और नफरत का वातावरण पैदा करने में जुटे हैं!

Comments

comments


राष्ट्रवादी पत्रकारिता को सपोर्ट करें!

जिस तेजी से वामपंथी पत्रकारों ने विदेशी व संदिग्ध फंडिंग के जरिए अंग्रेजी-हिंदी में वेब का जाल खड़ा किया है, और बेहद तेजी से झूठ फैलाते जा रहे हैं, उससे मुकाबला करना इतने छोटे-से संसाधन में मुश्किल हो रहा है। देश तोड़ने की साजिशों को बेनकाब और ध्वस्त करने के लिए अपना योगदान दें! धन्यवाद !
* मात्र 200 ₹ प्रतिमाह का सहयोग करें और मिलकर प्रोपोगंडा वार को ध्वस्त करें।



1 Comment on "सिब्बल-चिदंबरम जैसे नेता, जनता की मेहनत से सैलरी लेकर अपनी पार्टी व क्लाइंट का मुकदमा लड़ते हैं! सुप्रीम कोर्ट इस पर रोक कब लगाएगा?"

  1. महेन्द्र | November 29, 2017 at 9:36 pm | Reply

    बसे तीनों चोर है

Leave a comment

Your email address will not be published.


*


राष्ट्रवादी पत्रकारिता को सपोर्ट करें!

 

जिस तेजी से वामपंथी पत्रकारों ने विदेशी व संदिग्ध फंडिंग के जरिए अंग्रेजी-हिंदी में वेब का जाल खड़ा किया है, और बेहद तेजी से झूठ फैलाते जा रहे हैं, उससे मुकाबला करना इतने छोटे-से संसाधन में मुश्किल हो रहा है। देश तोड़ने की साजिशों को बेनकाब और ध्वस्त करने के लिए अपना योगदान दें! धन्यवाद !