Category: धर्म

वैज्ञानिक युग में कैथोलिक चर्च अंधविश्वास बढ़ाने वालों को देता है संत की उपाधि! मदर टेरेसा को भी अंधविश्वास फैलाने के कारण दी गई संत की उपाधि!

डॉ. वेदप्रताप वैदिक। केथोलिक संप्रदाय के विश्व-गुरु पोप फ्रांसिस आज मदर टेरेसा को संत की उपाधि प्रदान करेंगे। मदर टेरेसा भारतीय नागरिक थीं। इसलिए उन्हें कोई संत कहे और विश्व-स्तर पर कहे तो क्या...

मदर टेरेसा एक औसत दर्जे की पाखंडी कैथोलिक महिला थीं, न कि कोई संत: osho

 मदर टेरेसा को नोबल पुरस्कार मिलने पर ओशो ने मदर टेरेसा के कार्यों का विश्लेषण किया था, जिससे मदर टेरेसा नाराज हो गई थी। इस पर ओशो ने अपने एक प्रवचन में मदर...

भारत एक सनातन यात्रा है, एक अमृत पथ है, जो अनंत से अनंत तक फैला हुआ है। इसलिए हमने कभी भारत का इतिहास नहीं लिखा: ओशो

Osho. पृथ्वी के इस भूभाग में मनुष्य की चेतना की पहली किरण के साथ उस सपने को देखना शुरू किया था।उस सपने की माला में कितने फूल पिरोये हैं–कितने गौतम बुद्ध,कितने महावीर,कितने कबीर,कितने नानक...

हर व्यक्ति का धर्म छीन कर उसके हाथ में क्रॉस थमाना चाहता है रोमन कैथोलिक चर्च!

अभिजीत। ईसवी सन 2006 का फरवरी महीना, अवसर था सवाई मानसिंह चिकित्सा महाविद्यालय, जयपुर के भव्य सभागार में धर्म-संस्कृति संगम के आयोजन का. यहाँ दुनिया के 41 देशों के 257 प्रतिनिधि जमा हुए थे....

प्रेम में यदि ईर्ष्या है तो फिर वह प्रेम है ही नहीं: ओशो

ओशो वाणी प्रेम में ईर्ष्या हो तो प्रेम ही नहीं है; फिर प्रेम के नाम से कुछ और ही रोग चल रहा है। ईर्ष्या सूचक है प्रेम के अभाव की। यह तो ऐसा ही...

शिवलिंग कुछ और नहीं बल्कि न्यूक्लियर रिएक्टर्स हैं!

सौरभ गुप्ता। महाशिवरात्रि का पर्व आने वाला है ! इस पर्व के साथ सोशल मीडिया में कुछ ज्ञानी भी आएंगे मुफ्त का ज्ञान बांटने! शिवलिंग पर दूध की बर्बादी से अच्छा है किसी गरीब...

ॐ का उच्चारण एक सम्पूर्ण योग है, जो शरीर में मौजूद पञ्चतवों को नियंत्रित करता है!

संयुक्त राष्ट्र के 175 देशों की सर्वसम्मति 21 जून को विश्व योग दिवस घोषित किया है. प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की विशेष प्रयास से यह संभव हुआ है! इस साल हम दूसरा अंतर्राष्ट्रीय योग...

गायत्री मंत्र के एक-एक शब्‍द में बड़े गहरे अर्थ भरे हैं: ओशो

ओम भूर्भुवः स्‍व: तत्‍सवितुर् वरेण्‍यं भर्गो देवस्य धीमहि: धियो योनः प्रचोदयात्।। वह परमात्‍मा सबका रक्षक है — ओम प्राणों से भी अधिक प्रिय है — भू:। दुखों को दूर करने वाला है — भुव:।...

होली गीत – आओ खेलें कुमाऊंनी होली रे रसिया…

होली गीत – कुमाऊंनी होली भारत की सांस्कृतिक विरासत कश्‍मीर से लेकर कन्याकुमारी तक विविधता में एकता की छटा बिखेरता है। रंगों का त्‍यौहार होली भी इस विविधता से बचा नहीं रह पाता। कहने...

सिक्‍ख धर्म और उनके दस गुरु

सिक्ख धर्म में गुरु नानक से लेकर गुरु गोविन्द सिंह तक दस गुरु हुए हैं जिनके नाम क्रमश: गुरु नानक, गुरु अंगद, गुरू अमरदास, गुरू रामदास, गुरू अर्जुनदेव, गुरू हरगोविन्द, गुरू हरराय, गुरू हरकृष्णराय,...

कुरान क्या है? और क्या है इसे लेकर मुसलमानों का विचार?

कुरान क्या है? कुरआन अरबी भाषा का शब्द है। इसका अर्थ है— अक्षरों और शब्दों को सार्थक क्रम के साथ जोड़ कर जबान से अदा करना, जिसे पढ़ना कहते हैं। इस्लाम के मानने वालों...

हिंदू धर्म को जानना है तो पहले वैदिक साहित्य को समझिए!

वेद पूरे भारतीय—यूरोपीय भाषा परिवार के प्राचीनतम साहित्य के रूप में समादृत रहे हैं। इनके रचनाकाल का निर्धारण बड़ी कठिन समस्या रही है। मैक्समूलर ने 1889 में प्रकाशित ‘हिस्ट्री ऑफ एन्शियंट संस्कृत लिटरेचर’ नामक...

बुद्ध का धम्मपद : मन ही चरम सुख या विकार का स्रोत है

धर्मपद धर्म का वह मार्ग है, जिसका बुद्ध के शिष्य अनुसरण करते हैं। बुद्ध ने अपनी शिक्षाओं में मन पर बहुत अधिक जोर दिया है। उन्होंने कहा है, सब प्रवृत्तियों का आरंभ मन से...

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