हिंदी कविता : चिदाकाश!



Sandeep Deo
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हम चारों तरफ आकाश से घिरे हैं,
जो है और जो नहीं है!

है उसके लिए जो जानता है,
नहीं है उसके लिए जो तर्क करता है!

आकाश यानी शून्य!

जीवन की गति ही शून्य होना है!
जो शून्य हो गया,
फिर उसके लिए जानने को कुछ न रहा!

URL: India Speaks Daily hindi poem-1

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About the Author

Sandeep Deo
Sandeep Deo
Journalist with 18 yrs experience | Best selling author | Bloomsbury’s (Publisher of Harry Potter series) first Hindi writer | Written 7 books | Storyteller | Social Media Coach | Spiritual Counselor.