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अंतरिक्ष से पृथ्वी को निहारना दार्शनिक अनुभव होगा

विश्व सिनेमा के इतिहास में अनोखी घटना दर्ज होने जा रही है। पहली बार कोई फिल्म अंतरिक्ष के भारहीन वातावरण में शूट होने जा रही है। नासा ने इसकी अधिकृत घोषणा करते हुए बताया है कि फिल्म में मुख्य भूमिका ग्लोबल सुपरस्टार टॉम क्रूज निभाएंगे। नासा का कहना है कि ये फिल्म भावी पीढ़ी को प्रेरित करने के लिए बनाई जा रही है। टॉम क्रूज़ वह सितारा है, जिसके नाम से थियेटर्स हॉउसफुल हो जाते हैं। 54 साल के टॉम के साथ ये उपलब्धि जुड़ने वाली है कि वे रियल स्पेस में शूट होने वाली पहली फिल्म के मुख्य अभिनेता होंगे।

टॉम क्रूज़, एलन मस्क की एविएशन कंपनी स्पेस एक्स और नासा मिलकर ये प्रोजेक्ट बना रहे हैं। पिछले कुछ साल से विश्वभर में ‘स्पेस फिल्मों‘ का चलन बढ़ा है। क्रिस्टोफर नोलान की फिल्म ‘इंटरस्टेलर‘ की धमाकेदार सफलता के बाद इस विषय पर फ़िल्में बनाने का रुझान बढ़ रहा है।

हमारे यहाँ ही सन 2018 में एक तमिल फिल्म ‘टिक टिक टिक‘ महज़ 57 करोड़ की लागत से बनाई गई स्पेस फिल्म थी। इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचाकर रख दिया था। आपको ये जानकर आश्चर्य होगा कि भारत में पहली स्पेस फिल्म सन 1963 में ही बन चुकी थी। इस फिल्म का नाम ‘कालाई अरासी‘ था। ‘टिक टिक टिक’ भारत में बनने  वाली दूसरी स्पेस फिल्म थी। 

स्पेस फिल्मों और कई देशों के सतत अंतरिक्ष अभियानों के कारण नई पीढ़ी में भारहीन अंतरिक्ष के प्रति रूचि जागृत होने लगी है। अब बच्चे एस्ट्रोनॉट बनने के सपने भी देखने लगे हैं। मानव अपनी सीमाओं से मुक्त होकर खुले अंतरिक्ष में विचरने को तैयार है। स्पेस एक्स के मालिक एलन मस्क का कहना है।

‘बच्चों को अंतरिक्ष एक्सप्लोर करने दो, उन्हें मंगल और चाँद पर जाने दो, उन्हें स्पेस सूट पहनने की प्रेरणा दो’। निश्चय ही इंटरनेशल स्पेस स्टेशन पर शूट होने वाली ये फिल्म थियेटर्स में भारी दर्शक जुटाने में सक्षम होगी। ये एक गुदगुदाने वाली कल्पना है कि हम टॉम क्रूज़ को असली स्पेस सूट पहने भारहीन वातावरण में अभिनय करते देखेंगे।

ये पहला मौका नहीं है, जब मूवी कैमरा अंतरिक्ष में गया हो। इससे पहले एक वीडियो गेम डेवलपर Richard Garriott अपने प्रोजेक्ट के लिए एक शार्ट फिल्म इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर बना चुके हैं। हालांकि उनकी फिल्म ‘Apogee of Fear’ फुल लेंथ नहीं थी। ये उन्होंने अपने वीडियो गेम के लिए बनाई थी और इसके लिए अपने पैसे खर्च कर अंतरिक्ष गए और इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर बारह दिन तक भारहीन वातावरण में रहे।

 जानते हैं इसके लिए नासा को उन्होंने 41 मिलियन डॉलर का भुगतान किया था।  Richard Garriott ने महसूस किया कि ज़ीरो ग्रेविटी पर शूटिंग करना बहुत कठिन है। इनमे सबसे मुश्किल काम है कैमरे को स्थिर रखना, वह भी उस समय, जब आप  भारहीन वातावरण में शूट कर रहे हैं।

पृथ्वी के चारो ओर 400 किमी की परिधि में घूम रहे इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर फिल्म बनाना एक दुष्कर कार्य है लेकिन टॉम क्रूज़ अपने ‘मिशन इम्पॉसिबल’ के लिए दुनिया में जाने जाते हैं। टॉम वह ‘पारस पत्थर’ है, जो जिसको छू ले, सोने में बदल देने की ताकत रखते हैं। सन 1981 में प्रसिद्ध सन ग्लासेज ब्रांड ‘रे बेन‘ मंदी से गुज़र रहा था।

सन 1986 में टॉम क्रूज़ ने अपनी फिल्म ‘टॉप गन’ में इस कंपनी का गॉगल पहना और देखते ही देखते कंपनी घाटे से बाहर होकर लाभ कमाने लगी। स्पेस में शूट होने वाली पहली स्पेस फिल्म शर्तिया हिट होगी क्योंकि इसमें टॉम मुख्य भूमिका में हैं और बॉक्स ऑफिस उनके नाम से दौड़ता है।

नासा के सहयोग से पहले भी एक स्पेस फिल्म अपोलो 13 बनाई जा चुकी है। सन 1995 में बनाई गई इस फिल्म में ‘टॉम हैंक्स’ मुख्य भूमिका में दिखाई दिए थे। इस फिल्म के ‘ज़ीरो ग्रेविटी’ दृश्य नासा के एक विशेष विमान में फिल्माए गए थे। ये विमान अंतरिक्ष यात्रियों को अभ्यास के लिए यात्रा करवाता है। हवा में पहुँचने पर इस विमान में प्रति 25 सेकण्ड में भारहीनता आ जाती है यानि वह कुछ समय के लिए गुरुत्वाकर्षण से मुक्त हो जाता है।

पश्चिम में साइंस फिक्शन फिल्मों के लिए जो अध्ययन और समर्पण देखने को मिलता है, वह हमारे यहाँ नहीं मिलता। हमारे यहाँ विषय प्रधान फिल्मों का दर्शक वर्ग नहीं है। हमारे यहाँ साइंस फिक्शन भी ज्यादा नहीं चल पाती। उसे चलाने के लिए बड़े सितारे जैसे अक्षय कुमार चाहिए। तभी लोग ‘मिशन मंगल’ देखने थियेटर जाते हैं।

बहरहाल 54 वर्षीय टॉम क्रूज के लिए ये फिल्म एक बहुत बड़ा अवसर है, जिसे भुनाने में वे कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। वैसे भी टॉम मौके नहीं गंवाते। पश्चिमी मीडिया में इस फिल्म की इतनी हाइप होगी कि रॉकेट लॉन्चिंग से लेकर इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पहुँचने तक टॉम सुर्ख़ियों में रहेंगे। ज़ीरो ग्रेविटी में शूटिंग अलहदा अनुभव होगा। वहां से पृथ्वी को निहारना भी किसी दार्शनिक अनुभव से कम नहीं होगा। स्वयं को ‘प्रीस्ट’ समझने वाले टॉम क्रूज को ये दार्शनिकता रास आ सकती है।

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Vipul Rege

Vipul Rege

पत्रकार/ लेखक/ फिल्म समीक्षक पिछले पंद्रह साल से पत्रकारिता और लेखन के क्षेत्र में सक्रिय। दैनिक भास्कर, नईदुनिया, पत्रिका, स्वदेश में बतौर पत्रकार सेवाएं दी। सामाजिक सरोकार के अभियानों को अंजाम दिया। पर्यावरण और पानी के लिए रचनात्मक कार्य किए। सन 2007 से फिल्म समीक्षक के रूप में भी सेवाएं दी है। वर्तमान में पुस्तक लेखन, फिल्म समीक्षक और सोशल मीडिया लेखक के रूप में सक्रिय हैं।

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3 Comments

  1. Avatar Om Prakash Bagri says:

    संदीप जी जय सियाराम
    इस माध्यम से पहली बार कॉमेंट कर रहा हूं मालूम नहीं कैसे रहेगा पहुंचेगा या नहीं अगर यह सब कमेंट वगैरा भी इसी तरह से हो जाएगा तो यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म बन जाएगा और इसमें जैसा कि आपने बताया हम आपस में भी एक दूसरे से बात कर सकते हैं विचारों का आदान-प्रदान कर सकते हैं किसी भी विषय पर अपनी राय रख सकते हैं इत्यादि यह एक बहुत ही अच्छा प्लेटफार्म बनेगा पूरा भरोसा है

    • वीपुल वीपुल says:

      ओम प्रकाश जी आप आगे भी कमेंट करते रहे। टीम आपके कमेंट पढ़ रही है।

  2. Avatar Jitendra says:

    Interesting, one day you will have your own plateform of video 🙏👍.all the best

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