बसपा नेता सुधींद्र भदौरिया की पत्नी रंजना कुमारी अमेरिकी पैसे से कर रही लॉबिंग, पाक के पैसे पर चला चुकी है नोटा अभियान!



Awadhesh Mishra
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दलितों की लड़ाई लड़ने का दंभ भड़ने वाले बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के वरिष्ठ नेता और प्रवक्ता सुध्रींद्र भदौरिया की पत्नी रंजना कुमारी का देश विरोधी अभियान में शामिल होने का मामला सामने आया है। पाकिस्तान के पैसे से नोटा अभियान चला चुकीं रंजना कुमारी अमेरिकी पैसे से देश में महिला आरक्षण बिल के पक्ष में लॉबिंग करने में जुटी हैं। यह काम वह विदेशी योगदान विनियमन अधिनियम (एफसीआरए) के तहत चलने वाले अपने एनजीओ के माध्यम से कर रही है। मालूम हो कि महिलाओं के अधिकार के नाम पर वूमेन पावर कनेक्ट के नाम से एक एनजीओ चला रही है। उनके इस एजीओ को अमेरिका के यूसेड (USAID) तथा फोर्ड फाउंडेशन से आर्थिक सहयोग मिलता है। देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में उनके पति सुधींद्र भदौरिया गरीबों की राजनीति करने का दिखावा करते हैं, जबकि उनकी पत्नी रंजना कुमारी विदेशों के पैसे पर देश के खिलाफ अभियान चलाने में जुटी हैं। रंजना कुमारी के इस अभियान का खुलासा वरिष्ठ पत्रकार मधु पूर्णिमा किश्वर ने किया है।

मधु पूर्णिमा किश्वर ने इस संदर्भ में ट्वीट करते हुए लिखा है कि रंजना कुमारी के एनजीओ डब्ल्यूपीसी को हाल ही में 82 लाख रुपये मिले हैं। इस एनजीओ की डायरेक्टर रंजना कुमारी खुद ही है। उन्हें यह पैसा देश में महिला आरक्षण बिल के समर्थन में लाबिंग करने के लिए दिया गया है। किश्वर ने यह भी खुलासा किया है कि एफसीआरए के तहत उनके इस एनजओ को यूसेड तथा फोर्ड फाउंडेशन जैसी अमेरिकी वित्तीय संस्थाएं आर्थिक सहयोग करती हैं। उनके एनजीओ को इंडिया फैक्टस ऑरगेनाइजेशन के माध्यम से आर्थिक सहयोग मिलता है। उनका कहना है कि यह 82 लाख रुपये खुद रंजना कुमारी ने अपने एनजीए के नाम पर लिए हैं।

अब सवाल उठता है कि जो अमेरिका इतना विकसित होने के बावजूद अपने यहां महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था नहीं कर पाया है, वह भारत में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण बिल के लिए इतना उत्सुक क्यों है? आखिर क्यों वह भारत में 33 प्रतिशत आरक्षण बिल पास कराने में इतनी रुचि दिखा रहा है? जिस प्रकार अमेरिका उनके एनजीओ को पैसा दे रहा है उससे साफ पता चलता है कि अमेरिका भारत में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू कराने के लिए कितना बेताव है ?

महिलाओं के अधिकारों की लड़ाई लड़ने का दिखावा करने वाली रंजना कुमारी किसी महिला को गाली देने से परहेज नहीं करतीं। उन्होंने ऋतु राठौर को इसलिए ब्लॉक कर दिया क्योंकि उन्होंने रंजना कुमारी के पाकिस्तानी लिंक को उजागर कर दिया। उनका कहना है कि रंजना कुमारी के एनजीओ को पाकिस्तानी चर्च से पैसे मिलते हैं। उन्होंने ही यह भी खुलासा किया है कि किस प्रकार पाकिस्तान से मिलने वाले पैसे का उपयोग उन्होंने महिलाओं को नोटा का बटन दबाने के लिए प्रेरित करने के लिए किया था। आरोप है कि रंजना कुमारी पिछले दिनों पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान अपने एनजीओ के माध्यम से महिलाओं पर नोटा का बटन दबाने का दबाव डाल रही थी।

URL : Ranjana kumari is lobbying for women reservation on US money !

Keyword : women reservation bill, ranjana kumari, Shdheendr bhadauria, Ford foundation, नोटा


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